अपहरण समझी गई घटना निकली बीमारी का मामला, गोरखपुर पुलिस ने 2 घंटे में खोली वायरल वीडियो की सच्चाई

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया।

वीडियो में एक चलती वैन में बैठी महिला को जोर-जोर से चिल्लाते हुए देखा गया, जिसके बाद बाइक सवार एक युवक ने महिला के अपहरण की आशंका जताते हुए वीडियो को यूपी पुलिस और गोरखपुर पुलिस के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर टैग कर दिया।

सूचना मिलते ही गोरखपुर पुलिस सक्रिय हो गई और कैंट थाना पुलिस ने तत्काल मामले की जांच शुरू कर दी। करीब दो घंटे तक चली पड़ताल के बाद सामने आया कि यह पूरा मामला अपहरण का नहीं, बल्कि एक बीमार महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का था। महिला पेट में तेज दर्द से परेशान थी और उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तेजी से अस्पताल लेकर जा रहे थे।

वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात करीब 12 बजे मोहद्दीपुर रोड पर एक वैन तेजी से गुजर रही थी। वैन में बैठी महिला अचानक तेज दर्द के कारण परेशान हो गई और वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। दर्द के कारण वह कई बार अपना सिर वाहन से बाहर निकाल रही थी।

इसी दौरान पीछे चल रहे एक पल्सर बाइक सवार युवक की नजर उस महिला पर पड़ी। उसे लगा कि महिला को जबरन वाहन में ले जाया जा रहा है। उसने तुरंत वीडियो बनाना शुरू कर दिया और अपहरण की आशंका जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

वीडियो में उसने वाहन और बाइक का नंबर भी साझा किया, जिससे मामला तेजी से वायरल हो गया। पोस्ट यूपी पुलिस और गोरखपुर पुलिस के एक्स हैंडल पर टैग होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने नंबर के जरिए शुरू की जांच

कैंट पुलिस ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रही वैन के नंबर की जांच शुरू की। सीओ कैंट आभा सिंह के अनुसार, पुलिस ने ई-चालान ऐप की मदद से वाहन नंबर UP 84 AN 8942 की जानकारी निकाली।

जांच में पता चला कि यह वाहन मैनपुरी जिले के करैल चौक निवासी अन्नू शाक्य के नाम पर दर्ज है। पुलिस ने वाहन मालिक से संपर्क किया तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई।

अस्पताल ले जाते समय बिगड़ी थी महिला की तबीयत

पुलिस जांच में सामने आया कि अन्नू शाक्य अपने परिवार के साथ कुशीनगर घूमने गए थे। वापस लौटते समय वाहन में मौजूद राहुल शाक्य की पत्नी विमलेश शाक्य के पेट में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया।

महिला की हालत लगातार बिगड़ने लगी, जिसके बाद चालक ने बिना समय गंवाए वाहन की रफ्तार बढ़ाई और उन्हें इलाज के लिए अयोध्या रोड स्थित नव्या क्लिनिक लेकर पहुंचा।

वहां डॉक्टर लोकेश यादव ने महिला का इलाज किया। इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ।

वीडियो कॉल से पुलिस ने की पुष्टि

मामले की पुष्टि के लिए कैंट पुलिस ने वाहन चालक और वैन में मौजूद सभी लोगों से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। पूछताछ में सभी तथ्यों की पुष्टि हुई और पुलिस को अपहरण जैसी कोई घटना नहीं मिली।

पुलिस को चालक ने बताया कि रास्ते में पल्सर बाइक सवार युवक उनकी गाड़ी के बराबर आया था। उसे यह भी बताया गया था कि महिला की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है।

इलाज के बाद परिवार देर रात करीब तीन बजे दोबारा मैनपुरी के लिए रवाना हो गया।

सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के पोस्ट करने से बचें: पुलिस

इस पूरे मामले में एक वायरल वीडियो और गलत आशंका के कारण पुलिस को देर रात करीब दो घंटे तक जांच-पड़ताल करनी पड़ी। हालांकि समय रहते पुलिस ने मामले की सच्चाई सामने ला दी।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी घटना से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। बिना जांच के किसी भी घटना को अपराध या अपहरण से जोड़कर वायरल करने से अफवाह फैल सकती है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

गोरखपुर में जिस घटना को अपहरण समझकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, वह वास्तव में एक बीमार महिला को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की कोशिश थी। पुलिस की जांच के बाद साफ हो गया कि मामला पूरी तरह गलतफहमी पर आधारित था।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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