मुंबई के खान साहब का जलवा! अभिषेक शर्मा की धुआंधार कुटाई, IPL में सुल्तान की एंट्री
क्रिकेट की दुनिया में कहा जाता है कि रिकॉर्ड बनते ही हैं टूटने के लिए। लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जो सालों-साल तक बड़े-बड़े दिग्गजों की पहुंच से बाहर रहते हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: क्रिकेट की दुनिया में कहा जाता है कि रिकॉर्ड बनते ही हैं टूटने के लिए। लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जो सालों-साल तक बड़े-बड़े दिग्गजों की पहुंच से बाहर रहते हैं। रोहित शर्मा,जिन्हें हम हिटमैन कहते हैं, विराट कोहली जिन्हें दुनिया किंग मानती है… इन दिग्गजों ने क्रिकेट के हर मैदान पर झंडे गाड़े हैं। लेकिन आज, एक ऐसे लड़के ने वो कर दिखाया है जिसे देख पूरी दुनिया के होश उड़ गए हैं। बहुत जाना पहचाना नाम सरफराज खान का है।
विजय हजारे ट्रॉफी के मैदान पर सरफराज खान ने वो गदर मचाया है कि बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स ताश के पत्तों की तरह बिखर गए हैं। एक ऐसी हाफ सेंचुरी, जिसने न सिर्फ स्कोरबोर्ड को हिला दिया, बल्कि उन लोगों के मुंह पर भी ताला लगा दिया है जो कहते थे कि सरफराज सिर्फ रेड बॉल का खिलाड़ी है। आज हम बात करेंगे उस ऐतिहासिक पारी की और जानेंगे कि कैसे सरफराज ने बीसीसीआई और चयनकर्ताओं को आईना दिखाया है।
विजय हरारे टूर्नामेंट के दौरान आज पंजाब और मुंबई के मैच में जबरदस्त बैटिंग सरफराज खान की देखे को मिली हैै। सरफराज ने मुंबई के लिए 20 गेंद में 62 रन बनाकर तूफान खड़ा कर दिया। जिसमें उन्होंने पंजाब के कप्तान अभिषेक शर्मा की स्पिन गेंदबाजी पर एक ही ओवर में 30 रन कूटते हुए महज 15 गेंद में अपना पचासा पूरा कर लिया। यह विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे तेज 50 रन का नया रिकॉर्ड है। सरफराज ने अतीत सेठ का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने 2020-21 में वडोदरा के लिए खेलते हुए छत्तीसगढ़ के खिलाफ 16 गेंद में फिफ्टी लगाई थी। सरफराज ने गेंदों की इस कदर धुलाई कर रहे थे कि अभिषेक को गेंद कहां फेंकनी है, वो जगह पिच पर तलाशनी भारी हो गई। अभिषेक बल्लेबाजी में 8 रन ही बना पाए थे। सरफराज के लिए हालांकि बेहद निराशा की बात ये रही कि उनकी इस जबरदस्त पारी के बावजूद मुंबई 1 रन से यह मैच हार गई। पंजाब ने 45.1 ओवर में सभी विकेट खोकर 216 रन बनाए थे, जबकि मुंबई की पूरी टीम सरफराज और कप्तान श्रेयस अय्यर की 45 रन की पारियों के बावजूद 26.2 ओवर में 215 रन पर ऑलआउट हो गई।
जिस दबाव में बड़े-बड़े खिलाड़ी बिखर जाते हैं, वहां सरफराज खान ने गेंदबाजों के साथ खिलवाड़ किया। स्कूप शॉट, लैप शॉट और गगनचुंबी छक्के… मैदान का कोई ऐसा कोना नहीं था जहां सरफराज ने गेंद को न पहुंचाया हो। ये पारी सिर्फ रनों की नहीं थी, ये पारी एक जवाब थी। पिछले डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन सरफराज को टीम इंडिया में मौका नहीं मिल पा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि रोहित और विराट से तुलना क्यों? रोहित और विराट ने टीम इंडिया को बहुत कुछ दिया है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन घरेलू क्रिकेट के मुश्किल हालातों में जिस कंसिस्टेंसी के साथ सरफराज रन बना रहे हैं, वैसा करिश्मा मॉडर्न एरा में किसी ने नहीं किया। उन्हें घरेलू क्रिकेट का ब्रॉडमैन कहा जाता है।
घरेलू वनडे मैचों में सरफराज का स्ट्राइक रेट और दबाव में खेलने की क्षमता आज उन्हें सबसे अलग बनाती है। विजय हजारे की इस पारी ने साबित कर दिया कि सरफराज के पास वो गियर है जो मैच को पलक झपकते ही बदल देता है। जो काम टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ी कभी-कभी इंटरनेशनल प्रेशर में नहीं कर पाते, सरफराज ने वो घरेलू क्रिकेट में मजाक बना दिया है। सरफराज खान ने हजारों रन बनाए, रणजी ट्रॉफी में रनों का पहाड़ खड़ा किया, लेकिन उन्हें टीम इंडिया की जर्सी के लिए सालों इंतजार कराया गया। कभी कहा गया कि फिटनेस सही नहीं है, तो कभी कहा गया कि जगह खाली नहीं है।
सरफराज ने आज अपनी इस पारी से चयनकर्ताओं को आईना दिखाया है। उन्होंने बता दिया है कि आप मुझे नजरअंदाज कर सकते हैं, लेकिन मेरे हुनर को नहीं दबा सकते। ये हाफ सेंचुरी उन हर बंद दरवाजों पर एक जोरदार लात है जो सरफराज के लिए बंद किए गए थे। सरफराज की ये कामयाबी रातों-रात नहीं आई है। इसके पीछे उनके पिता नौशाद खान की कड़ी मेहनत और सरफराज का अटूट विश्वास है। मुंबई की सड़कों से निकलकर, आजाद मैदान पर घंटों पसीना बहाने वाला ये लड़का जानता है कि गरीबी और रिजेक्शन क्या होता है।
जब उन्हें टीम में नहीं चुना जाता था, तब वो निराश होकर बैठने के बजाय वापस नेट पर जाकर और ज्यादा मेहनत करते थे। आज जो आप ये सबसे तेज हाफ सेंचुरी देख रहे हैं, ये उस पसीने का फल है जो सरफराज ने तपती धूप में बहाया है। एक समय था कि जब पूरे देश ने सरफराज पर टेस्ट प्लेयर होने का ठप्पा लगा दिया था लेकिन सरफराज ने साबित कर दिया है कि वो टेस्ट के प्लेयर नहीं बल्कि वनडे और टी 20 को भी खेलना जानते हैं। आपको इस बार सरफराज खान को चेन्नई सुपर किंग ने अपने फ्रेंचाइज में शामिल किया है और इस बार सरफराज का फार्म बता रहा हैै कि वो आईपीएल में गदर काटने वाले हैं। ऐसे में साफ है कि अगर आईपीएल का ये सीजन सरफराज के लिए अच्छा गया तो ये बात पूरी तरह से तय है कि अगले साल एक बार फिर से सरफराज नीली जर्सी में दिखाई देंगे।
क्योंकि आईपीएल का प्रदर्शन हर प्लेयर के लिए बहुत अहम होता है। पूरी दुनिया के टॉप मोस्ट क्रिकेटर आईपीएल में खेलते है और यहां जो हिट होता है वो इंटरनेशनल किक्रेट में भी हिट होता है। अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह, संज सैमसन, तिलक वर्मा, रिंक सिंह सहित टीम इंडिया के ज्यादातर प्लेयर ऐसे हैं जो आईपीएल के प्रदर्शन से टीम इंडिया तक पहुंचे हैं। ऐसे में सरफराज के लिए आईपीएल 2026 केरियर का सबसे अहम पड़ाव साबित होगा। अगर सरफराज का बल्ला चला तो फिर नीली जर्सी तय है।
टीम इंडिया इस वक्त बदलाव के दौर से गुजर रही है। टीम को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो निडर होकर खेलें। ऐसे में सरफराज खान वो एक्स-फैक्टर हैं जो टीम इंडिया को मिडिल ऑर्डर में मजबूती दे सकते हैं। उनके पास वो क्लास है जो स्पिनर्स को पैरों पर नचा सकता है और पेसर्स की रफ्तार का फायदा उठा सकता है। सरफराज खान ने अपना काम कर दिया है। उन्होंने बल्ले से वो शोर मचाया है कि इसकी आवाज जरुर सेलेक्शन कमेटी तक गई होगी। माना जा रहा है कि आईपीएल में भी सरफराज का सिक्का चमकेगा।



