11वें दिन भी नहीं पकड़ी गई किसान पर हमला करने वाली बाघिन, खेतों की ओर जाने से डर रहे लोग
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के संदना क्षेत्र में किसान पर जानलेवा हमला करने वाली बाघिन लगातार 11वें दिन भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के संदना क्षेत्र में किसान पर जानलेवा हमला करने वाली बाघिन लगातार 11वें दिन भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है।
वन विभाग की ओर से चलाए जा रहे व्यापक रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन के बावजूद बाघिन की सटीक लोकेशन का पता नहीं चल सका है। हालांकि, हाल ही में ट्रैप कैमरे में उसकी तस्वीर कैद होने के बाद विभाग ने अभियान को और तेज कर दिया है। इसके बावजूद अब तक बाघिन को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघिन को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का दावा है कि जब तक बाघिन को सुरक्षित रेस्क्यू नहीं कर लिया जाता, तब तक अभियान लगातार जारी रहेगा।
पूरे इलाके में दहशत, खेतों और स्कूल जाने से डर रहे लोग
रसुलपुरवा गांव में किसान पर हुए हमले के बाद से आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अब लोग अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। खेती-किसानी का काम भी प्रभावित होने लगा है। कई किसान समूह बनाकर खेतों में जा रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने फिलहाल खेतों में जाना ही कम कर दिया है।
बाघिन के डर का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी दिखाई दे रहा है। कई परिवारों ने सुरक्षा को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजना कम कर दिया है। गांवों में शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है और लोग गैर-जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
विशेषज्ञ टीमों का अभियान भी अब तक बेनतीजा
किसान पर हमले की घटना के बाद वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान को और मजबूत करने के लिए कतर्नियाघाट और बहराइच से विशेषज्ञ टीमों को बुलाया था। इन टीमों द्वारा लगातार जंगलों, खेतों और आसपास के इलाकों में कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक बाघिन का कोई प्रत्यक्ष सुराग हाथ नहीं लग पाया है।
वन विभाग आधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रहा है। इलाके में कई स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जबकि रात के समय थर्मल ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है ताकि बाघिन की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
10 किलोमीटर तक बढ़ा बाघिन का मूवमेंट
डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि बाघिन ने अपना मूवमेंट करीब 10 किलोमीटर के दायरे तक बढ़ा लिया है। शनिवार देर शाम बिजवामऊ गांव के पास उसके ताजा पदचिह्न मिले थे। इसके आधार पर रविवार को पूरे इलाके में व्यापक कॉम्बिंग अभियान चलाया गया, लेकिन बाघिन कहीं दिखाई नहीं दी।
वन विभाग का मानना है कि बाघिन लगातार अपना स्थान बदल रही है, जिससे उसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी
वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे खेतों, बागों और जंगल की ओर अकेले न जाएं। यदि किसी को बाघिन की गतिविधि, पदचिह्न या किसी जंगली जानवर की संदिग्ध मौजूदगी दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
इसके साथ ही विभाग ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।
ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
लगातार 11 दिनों से बाघिन के खुलेआम घूमने की खबरों ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। लोग प्रशासन से जल्द से जल्द बाघिन को पकड़ने की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके। फिलहाल वन विभाग की टीमें दिन-रात अभियान में जुटी हुई हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बाघिन को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया जाएगा।



