सड़क जाम में खाकी से भिड़ा था युवक, 9 दिन बाद पुलिस की गोली से हुआ गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रामपुर मथुरा क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस से तीखी बहस करते नजर आया एक युवक नौ दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रामपुर मथुरा क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस से तीखी बहस करते नजर आया एक युवक नौ दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवक दलबाग उर्फ सोनू लूट के कई मामलों में वांछित चल रहा था। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से कथित तौर पर लूट के मोबाइल फोन, तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है।
इस गिरफ्तारी के बाद रामपुर मथुरा क्षेत्र में 7 अगस्त को हुए सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन का वीडियो एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उस दौरान दलबाग उर्फ सोनू को पुलिस अधिकारियों से बहस करते और प्रदर्शन के बीच सक्रिय भूमिका में देखा गया था। हालांकि, पुलिस के अनुसार सड़क जाम के दौरान हुए प्रदर्शन और दलबाग के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है।
सड़क हादसे के बाद हुआ था विरोध प्रदर्शन
मामला 7 अगस्त का है। रामपुर मथुरा क्षेत्र के टिकठा गांव निवासी रंजीत सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के चलते यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया। इसी दौरान भीड़ में मौजूद दलबाग उर्फ सोनू पुलिस से तीखी बहस करता दिखाई दिया। बताया गया कि उसकी थाना प्रभारी रामपुर मथुरा मुकेश वर्मा से भी नोकझोंक हुई थी। मौके पर मौजूद लोगों के बीच वह काफी सक्रिय नजर आया। घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए, जिनमें युवक को पुलिस से बहस करते देखा गया। उस समय यह मामला सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों के विरोध और पुलिस के साथ हुई नोकझोंक तक ही सीमित दिखाई दे रहा था।
नौ दिन बाद बदली तस्वीर
7 अगस्त की घटना के ठीक नौ दिन बाद 16 अगस्त को सामने आई पुलिस कार्रवाई ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। पुलिस के मुताबिक, सीतापुर की सीमा से सटे बाराबंकी जिले के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में बदमाशों की तलाश के दौरान पुलिस की एक आरोपी से मुठभेड़ हो गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पीछा किए जाने पर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग की।
पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दलबाग उर्फ सोनू के रूप में हुई। पहचान सामने आने के बाद रामपुर मथुरा क्षेत्र में 7 अगस्त को हुए सड़क जाम के दौरान पुलिस से उसकी बहस का मामला फिर चर्चा में आ गया।
लूट के मामलों में वांछित था आरोपी
पुलिस के अनुसार दलबाग उर्फ सोनू के खिलाफ बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला और रामनगर थाना क्षेत्रों में लूट के मुकदमे दर्ज हैं और वह इन मामलों में वांछित चल रहा था।
पुलिस ने आरोपी के पास से लूट के मोबाइल फोन, एक तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामान को लेकर पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और लूट की अन्य घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन मामलों से संबंधित हैं।
सड़क जाम वाले वीडियो से फिर चर्चा में आया मामला
दलबाग की गिरफ्तारी के बाद 7 अगस्त को सामने आए सड़क जाम के वीडियो और तस्वीरों की स्थानीय स्तर पर फिर चर्चा होने लगी है। लोगों के बीच यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस से बहस करता नजर आया युवक कुछ ही दिनों बाद लूट के मामलों में वांछित आरोपी के रूप में कैसे सामने आया।
हालांकि, दोनों घटनाओं को जोड़कर देखने से पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि रंजीत सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन और दलबाग के खिलाफ दर्ज लूट के मुकदमों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। 7 अगस्त को वह युवक प्रदर्शन के दौरान पुलिस से बहस करता दिखाई दिया था, जबकि नौ दिन बाद उसकी गिरफ्तारी लूट के मामलों में वांछित होने के आरोप में हुई।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद दलबाग उर्फ सोनू के खिलाफ दर्ज मामलों, बरामद सामान और मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर उसे लूट के मामलों में वांछित बताया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने रामपुर मथुरा क्षेत्र में 7 अगस्त को हुए सड़क जाम की घटना को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक तरफ सड़क हादसे में रंजीत सिंह की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश था, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान पुलिस से बहस करता नजर आया युवक नौ दिन बाद पुलिस की गिरफ्त में मिला। अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज लूट के मामलों में उसकी क्या भूमिका थी, बरामद सामान किन घटनाओं से जुड़ा है और मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग की पूरी परिस्थितियां क्या थीं।



