बदायूं पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पर गिरी गाज

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने वजीरगंज थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने वजीरगंज थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। यह कार्रवाई शनिवार देर रात की गई, जिसके बाद पूरे पुलिस विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक हाल ही में वजीरगंज क्षेत्र में हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोपनीयता बनाए रखने में गंभीर लापरवाही बरते जाने के आरोप सामने आए थे। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां समय से पहले सार्वजनिक हो गई थीं, जिससे पुलिस कार्रवाई की गोपनीयता प्रभावित हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी समीक्षा की और प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया।

मुठभेड़ के बाद उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई इस पुलिस मुठभेड़ में पुलिस टीम ने अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। हालांकि कार्रवाई के दौरान अपनाई गई कार्यप्रणाली और गोपनीय सूचनाओं के लीक होने को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे। पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों तक भी इस संबंध में शिकायतें पहुंची थीं।बताया जा रहा है कि मुठभेड़ की रणनीति और कार्रवाई से जुड़ी कुछ संवेदनशील जानकारियां निर्धारित समय से पहले बाहर आने के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। इसके बाद पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई।

एक अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में

सूत्रों का कहना है कि इस मामले में केवल थाना प्रभारी ही नहीं, बल्कि मुठभेड़ में शामिल एक अन्य पुलिस अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विभागीय स्तर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर गोपनीय जानकारी किस स्तर से बाहर गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जांच टीम विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

एसएसपी ने दिखाई सख्ती

एसएसपी अंकिता शर्मा द्वारा की गई इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि पुलिस अभियानों, विशेषकर मुठभेड़ों और अपराध नियंत्रण संबंधी कार्रवाई में गोपनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल अभियान को प्रभावित कर सकती है बल्कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है।यही वजह है कि मामले को हल्के में लेने के बजाय तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की गई और विभागीय जांच के आदेश दिए गए।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

वजीरगंज थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किए जाने की खबर सामने आते ही जिले के पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई लोग इसे एसएसपी की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है आगे की कार्रवाई

फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोपनीयता भंग होने के पीछे किन अधिकारियों या कर्मचारियों की जिम्मेदारी थी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

वजीरगंज इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया।हालिया पुलिस मुठभेड़ में गोपनीयता भंग होने के आरोप।एसएसपी अंकिता शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया।एक अन्य पुलिस अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में।विभागीय जांच जारी, रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई संभव।कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप और चर्चाओं का माहौल।

रिपोर्ट-:- संतुलित पाठक,बदायूं

Related Articles

Back to top button