सरकारी तंत्र के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग, खचाखच भीड़ देखकर बौखलाई सरकार

दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, और अब मध्य प्रदेश में साफ पानी की कमी से लोग मर रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं, ठीक उसी समय उन राज्यों की हालत देखिए जहां भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार पहले से ही चल रही है।

ये राज्य आज ऐसी बदहाली में हैं कि साफ हवा और साफ पानी जैसी बुनियादी जरूरतें भी लोगों को नसीब नहीं हो रही हैं। दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, और अब मध्य प्रदेश में साफ पानी की कमी से लोग मर रहे हैं। भाजपा की सरकार यहां इतनी लापरवाह साबित हुई है कि 60 से ज्यादा विधायक सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ ऐसा विरोध किया कि पूरा सिस्टम हिल गया। इस विरोध ने न सिर्फ सत्ता में बैठे लोगों को चुनौती दी बल्कि उनके इस्तीफे की मांग तक कर दी। यह सब कुछ बताता है कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार कितनी खोखली है, जहां विकास के नाम पर सिर्फ बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता।

पहले आप इस भीड़ को देखिए। ये भीड़ कोई खरीदी हुई भीड़ नहीं थी, बल्कि विपक्ष की असली ताकत थी जिसने भाजपा के पूरे तंत्र को हिला कर रख दिया। यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा इलाके की है, जहां कांग्रेस ने देश के सबसे साफ शहर कहे जाने वाले इंदौर में हुई इस त्रासदी पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की। वजह साफ है, भागीरथपुरा में गंदे पानी की वजह से 21 लोगों की जान चली गई और कई लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। भाजपा सरकार की लापरवाही इतनी बड़ी है कि लोग साफ पानी जैसी छोटी सी चीज के लिए तरस रहे हैं, और मौत हो रही है।

कांग्रेस ने इस अन्याय के खिलाफ रविवार को बड़ा गणपति चौराहे से राजवाड़ा तक न्याय यात्रा निकाली। इस यात्रा में उन परिवारों की आवाज बुलंद की गई जिन्होंने अपने अपनों को सरकार की गलती से खो दिया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता इस यात्रा में शामिल होकर पीड़ितों के साथ खड़े हुए और भाजपा की नीतियों को बेनकाब किया। इस न्याय यात्रा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, अजय सिंह जैसे बड़े नेता शामिल थे। इसके अलावा प्रदेश के कांग्रेस विधायक, पार्षद, कांग्रेस सेवादल और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में आए।

कुल मिलाकर 60 से ज्यादा विधायक इस विरोध में उतरे, जो बताता है कि कांग्रेस ने भाजपा सरकार को हिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। इस पेयजल त्रासदी पर कांग्रेस ने शहर के बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा चौराहे तक पैदल मार्च निकाला, जिसमें प्रदेश के कई विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी इस घटना के जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। जीतू पटवारी ने यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले ढाई दशक में इंदौर में भाजपा के राज में विकास के नाम पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन भागीरथपुरा के लोगों को एक गिलास साफ पानी तक नहीं मिल सका।

तो एक तरफ जहां कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने भाजपा सरकार को घेरा तो वहीं महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने महापौर और भाजपा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, और मांग की कि पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही मांग की कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने घंटा-मंत्री मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए, जो भाजपा की असफलता को सीधे चुनौती दे रहे थे। यह बात भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार की पोल खोलती है, जहां सत्ता का पूरा नियंत्रण होने के बावजूद लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह बात भाजपा की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाती है, जहां बड़े प्रोजेक्ट्स पर पैसा बहाया जाता है लेकिन आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं।

भाजपा सरकार ने शहर को सबसे साफ शहर का खिताब दिलवाया, लेकिन अंदर से यह कितना गंदा है, यह भागीरथपुरा की घटना से साफ हो गया। लोग मर रहे हैं, परिवार बर्बाद हो रहे हैं, और सरकार सिर्फ बहाने बना रही है। यह लापरवाही नहीं, अपराध है, और इसके लिए जिम्मेदारों को सजा मिलनी चाहिए।भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार का मतलब है केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर पूरा नियंत्रण, लेकिन यह नियंत्रण सिर्फ सत्ता के लिए है, लोगों के लिए नहीं। इंदौर जैसे शहर में जहां भाजपा का दबदबा है, वहां गंदे पानी से मौतें होना शर्मनाक है। वहीं कांग्रेस का विरोध इस बात का सबूत है कि विपक्ष अब चुप नहीं बैठेगा।

न्याय यात्रा ने पूरे प्रदेश में संदेश दिया कि भाजपा की नीतियां असफल हैं। मोदी और शाह जब पश्चिम बंगाल में डबल इंजन का सपना बेच रहे हैं, उन्हें मध्य प्रदेश की हकीकत देखनी चाहिए। यहां ट्रिपल इंजन होने के बावजूद इंजन फेल हो गया है। लोग साफ पानी के लिए तरस रहे हैं, अस्पताल भरे पड़े हैं, और सरकार सिर्फ राजनीति कर रही है।

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