मिर्ज़ापुर में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार ने 4 साल के मासूम को कुचला, चालक फरार
मिर्ज़ापुर के मड़िहान क्षेत्र में तेज रफ्तार कार की टक्कर से 4 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक फरार हो गया। पुलिस जांच में जुटी है और ग्रामीणों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।

4pm न्यूज नेटवर्क: मिर्ज़ापुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक मासूम की जिंदगी सड़क पर ही खत्म हो गई। खेल-कूद की उम्र में, घर के बाहर सड़क पार कर रहा 4 साल का बच्चा अचानक तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया। हादसा इतना भयानक था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन सदमे में हैं।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा मड़िहान थाना क्षेत्र के मलुआ गांव में शनिवार को हुआ। जानकारी के मुताबिक, अंगद उर्फ ऋतिक (4 वर्ष) अपने घर के पास सड़क पार कर रहा था। तभी अचानक एक तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
अस्पताल पहुंचने से पहले टूटी सांस
हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिसके बाद परिजन तुरंत बच्चे को निजी साधन से मंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद चालक फरार
घटना के तुरंत बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कार का नंबर साफ नहीं दिख पाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन आरोप है कि:
- सूचना देने के करीब दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची
फिलहाल पुलिस ने:
- शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है
- मामले की जांच शुरू कर दी है
खुशी से मातम में बदला घर
मृतक अंगद उर्फ ऋतिक अपने परिवार में दो भाइयों में बड़ा था। पिता प्रदीप कुमार सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा, “हमारा बच्चा अभी जिंदगी शुरू ही कर रहा था, यह दर्द बयां नहीं किया जा सकता।” यह घटना न सिर्फ एक परिवार, बल्कि पूरे गांव के लिए गहरा सदमा बन गई है।
ग्रामीणों की मांग क्या है?
हादसे के बाद गांव में आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- फरार चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए
- इलाके में ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू किया जाए
- तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाया जाए
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर तेज रफ्तार और लापरवाही कब थमेगी? हर दिन ऐसे हादसे किसी न किसी परिवार की खुशियां छीन लेते हैं।
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रिपोर्ट- संतोष देव गिरी



