उद्धव ठाकरे के 4 पार्षद लापता | पुलिस जांच तेज | राउत की चेतावनी से हड़कंप
शिवसेना (उद्धव गुट) के चार नए पार्षदों के लापता होने से महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मच गया है... मामले में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः महाराष्ट्र की राजनीति में हुए चुनाव नतीजों के बाद सियासी हलचल मची हुई है.. चुनाव नतीजे आने के बाद मेयर पद को लेकर घमासान मचा हुआ है.. इसी बीच मुंबई से सटे कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है.. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी UBT गुट के 4 नवनिर्वाचित कॉर्पोरेटर्स (नगरसेवक) 16 जनवरी से संपर्क से बाहर हैं.. इनमें मधुर म्हात्रे, कीर्ती ढोणे, राहुल कोट और स्वप्नील केणे शामिल हैं.. जिसको लेकर पार्टी का दावा है कि ये कॉर्पोरेटर्स चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद से ‘नॉट रीचेबल’ हैं.. और इन सभी का मोबाइल फोन बंद.. घर पर अनुपस्थित और कोई जानकारी नहीं है..
जिसके चलते सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई है.. वहीं पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच शुरू की है.. और तलाशी अभियान चला रही है.. शिवसेना (UBT) ने इसे सियासी साजिश बताया है.. और आरोप लगाया है कि शिंदे गुट द्वारा ‘पॉचिंग’ (खरीद-फरोख्त) की कोशिश हो रही है.. पार्टी ने शहर भर में ‘नगरसेवक बेपत्ता’ के पोस्टर लगाए हैं.. और संजय राउत ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई.. तो सड़कों पर आंदोलन होगा.. जानकारी के अनुसार यह घटना KDMC में बहुमत की लड़ाई को और गर्म कर रही है.. जहां हर कॉर्पोरेटर की कीमत बहुत है..
जानकारी के मुताबिक कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका महाराष्ट्र की सबसे बड़ी सिविक बॉडीज में से एक है.. जिसमें कुल 122 वार्ड हैं.. 15 जनवरी 2026 को यहां महानगरपालिका चुनाव हुए.. और 16 जनवरी को रिजल्ट घोषित हुए.. यह चुनाव महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों का हिस्सा था.. जहां 29 महानगरपालिकाओं के रिजल्ट आ.. लेकिन KDMC में राजनीतिक घमासान सबसे ज्यादा रहा..
शिवसेना (UBT) ने 11 सीटें जीतीं.. महायुति (शिंदे शिवसेना + BJP + अन्य) ने बहुमत के करीब पहुंचने की कोशिश की.. लेकिन संख्याएं कड़ी हैं.. KDMC में बहुमत के लिए 62 सीटें जरूरी हैं.. UBT के 11 कॉर्पोरेटर्स महत्वपूर्ण हैं.., क्योंकि अगर वे साथ रहें तो UBT अन्य दलों के साथ गठबंधन कर सत्ता हासिल कर सकती है.. लेकिन अब 4 कॉर्पोरेटर्स लापता होने से UBT की ताकत कमजोर हुई है.. पार्टी का दावा है कि ये कॉर्पोरेटर्स चुनाव जीतने के बाद से ही संपर्क से बाहर हैं.. कई दिनों तक पार्टी ने फोन, मैसेज, व्हिप.. और अन्य माध्यमों से संपर्क करने की कोशिश की.. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला..
आपको बता दे कि लापता कॉर्पोरेटर्स में कल्याण पूर्व से मधुर म्हात्रे.. कल्याण पूर्व से एडवोकेट कीर्ती ढोणे, राहुल कोट और स्वप्नील केणे शामिल है.. जानकारी के मुताबिक ये सभी UBT के टिकट पर जीते थे.. मधुर म्हात्रे और कीर्ती ढोणे कल्याण पूर्व के हैं.. जहां UBT की पकड़ मजबूत मानी जाती है.. वहीं पार्टी के नेताओं का कहना है कि चुनाव रिजल्ट के अगले दिन से ही ये गायब हैं..
शिवसेना (UBT) ने मामले को बहुत गंभीरता से लिया है.. पार्टी ने कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है.. शिकायत में कहा गया है कि ये कॉर्पोरेटर्स 16 जनवरी से लापता हैं.. और सुरक्षा खतरे की आशंका है.. पार्टी ने पुलिस पर ढिलाई का आरोप लगाया है.. वरिष्ठ नेता संजय राउत ने खुली चेतावनी दी कि अगर पुलिस जल्द कार्रवाई नहीं करती तो सड़कों पर आंदोलन होगा..
पार्टी ने शहर के प्रमुख चौकों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर ‘नगरसेवक बेपत्ता’ के पोस्टर लगाए हैं.. इन पोस्टरों में चारों कॉर्पोरेटर्स की तस्वीरें, विवरण और संपर्क नंबर छापे गए हैं.. आम जनता से अपील की गई है कि.. अगर किसी को जानकारी मिले तो UBT के शहर कार्यालय या नजदीकी शाखा से संपर्क करे.. पार्टी कार्यकर्ता इन पोस्टरों को लगाने में लगे हैं.. और सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं..
UBT का मुख्य आरोप है कि यह डिफेक्शन (दलबदल) की साजिश है.. पार्टी का कहना है कि शिंदे गुट (शिवसेना का एकनाथ शिंदे वाला धड़ा) इन कॉर्पोरेटर्स को खरीदने या दबाव में लेने की कोशिश कर रहा है.. महाराष्ट्र में पहले भी चुनावों के बाद ऐसे मामले हुए हैं.. जहां कॉर्पोरेटर्स को होटलों में रखकर बहुमत हासिल किया गया.. जिसको लेकर UBT का दावा है कि ये कॉर्पोरेटर्स को जबरदस्ती या लालच देकर दूर किया गया है..
वहीं कोलसेवाड़ी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है.. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच शुरू हो गई है.. जिसमें कॉर्पोरेटर्स के आखिरी लोकेशन के आसपास के कैमरों से फुटेज निकाली जा रही है.. मोबाइल नंबरों के कॉल लॉग, लोकेशन और अन्य डिटेल्स चेक की जा रही हैं.. कल्याण-डोंबिवली के विभिन्न इलाकों में पुलिस टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं..
वहीं पुलिस ने अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं बताया, लेकिन जांच जारी है.. UBT का कहना है कि पुलिस धीमी गति से काम कर रही है.. और अगर जल्द पता नहीं चला तो मामला और उलझ सकता है.. आपको बता दें कि यह घटना KDMC की सत्ता की लड़ाई को सीधे प्रभावित कर रही है.. KDMC में महापौर और स्थायी समिति के चुनाव होने वाले हैं.. UBT के 11 कॉर्पोरेटर्स में से अगर 4 बाहर हो जाएं तो पार्टी की ताकत घट जाएगी.. महायुति (शिंदे शिवसेना + BJP) पहले से ही बहुमत के करीब है.. अगर ये 4 कॉर्पोरेटर्स शिंदे गुट में चले जाते हैं.. तो महायुति को मजबूती मिलेगी..



