कोर्ट में उमर खालिद की बेल अर्जी, दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी
दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. ये नोटिस आरोपी उमर खालिद की जमानत याचिका पर खालिद पर भेजा गया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. ये नोटिस आरोपी उमर खालिद की जमानत याचिका पर खालिद पर भेजा गया. उमर ने कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा तीन बार जमानत अर्जी खारिज किए जाने को चुनौती दी है. कोर्ट ने अंतरिम जमानत अर्जी पर भी नोटिस दिया है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2020 के नॉर्थ ईस्ट दिल्ली दंगों के पीछे बड़ी साजिश से जुड़े UAPA मामले के आरोपी उमर खालिद की रेगुलर जमानत अर्जी पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. दिल्ली कोर्ट ने उमर खालिद की अंतरिम जमानत अर्जी पर भी नोटिस जारी किया. दिल्ली हाईकोर्ट मामले में अगली सुनवाई 27 अगस्त को करेगा. 27 अगस्त को दंगों मामले में सह-आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी. दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद ने कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है.
उमर खालिद की जमानत अर्जी तीन बार खारिज हो चुकी है. 4 जुलाई को निचली अदालत ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत अर्जियां खारिज कर दी थीं, कोर्ट ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने UAPA मामलों में जमानत के सवाल को एक बड़ी बेंच के पास भेजा है.
खालिद की अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दायर की गई है. यह अर्जी तब तक के लिए है जब तक सुप्रीम कोर्ट इस सवाल पर फैसला नहीं कर लेता कि क्या लंबे समय तक जेल में रहने और ट्रायल में देरी के कारण UAPA जैसे कानूनों में जमानत पर लगी पाबंदियों को दरकिनार किया जा सकता है. दो बेंचों की अलग-अलग राय के बाद इस मामले को एक बड़ी बेंच के पास भेजा गया है.
ये ट्रायल कोर्ट की गलती’
हाई कोर्ट में अपनी अपील में खालिद ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार करके ‘गलती’ की. ट्रायल कोर्ट ने उनकी नई जमानत अर्जी ये कहते हुए खारिज कर दी थी कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसी तरह के आधारों पर उनकी अर्जियां खारिज कर चुका है. खालिद ने ट्रायल कोर्ट में यह नई अर्जी तब दायर की थी, जब सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने 18 मई को पिछली बेंच के उस फैसले पर सवाल उठाए थे, जिसमें 5 जनवरी को उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था.
ट्रायल कोर्ट ने क्या कहा?
उन्हें राहत देने से इनकार करते हुए, ट्रायल कोर्ट ने कहा कि उसके पास सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के आदेश का पालन करने के अलावा “कोई विकल्प नहीं” था और इसलिए, “वह न तो याचिकाओं पर विचार कर सकती थी और न ही उन्हें राहत दे सकती थी.”



