उमरेठ उपचुनाव: इसुदान गढ़वी का बड़ा बयान | ‘हम सिर्फ लड़ने के लिए चुनाव नहीं लड़ते’
उमरेठ उपचुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए दूरी बना ली है... इस फैसले पर इसुदान गढ़वी ने खुलकर बात की...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में बीजेपी विधायक के निधन से खाली हुई सीट.. उमरेठ का उपचुनाव 23 अप्रैल को है.. जिसके लिए नामांकन का कल आखिरी दिन था.. नामांकन की समयसीमा खत्म होने के बावजूद आम आदमी पार्टी की ओर से किसी ने नामांकन नहीं किया.. इसे लेकर पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है.. और नामांकन न भरने की वजह भी बताई है..
गुजरात में बीजेपी के सामने मुख्य विपक्ष होने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी ने इस उपचुनाव से किनारा कर लिया है.. इसे लेकर AAP के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि हम चुनाव सिर्फ लड़ने के लिए नहीं लड़ते.. आम आदमी पार्टी साल 2027 के चुनाव की तैयारी कर रही है.. गढ़वी ने आगे कहा कि हमने उमरेठ का उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है.. क्योंकि हमारा पूरा ध्यान स्थानीय निकाय चुनाव पर है.. वहीं, बीजेपी और कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि AAP किसी की बी टीम नहीं है.. कांग्रेस में दम है तो बीजेपी के सामने लड़कर हराए.. कांग्रेस के पास मौका है.. वह उमरेठ में बीजेपी को हराकर दिखाए..
आपको बता दें कि उपचुनाव में जीत को लेकर बीजेपी आश्वस्त नजर आ रही है.. पार्टी ने दिवंगत विधायक के बेटे हर्षद परमार को चुनावी मैदान में उतारा है.. बीजेपी प्रवक्ता अनिल पटेल का कहना है कि उमरेठ के चुनाव में पिछली बार जो जनसमर्थन मिला था.. वह इस बार भी मिलेगा.. और उन्होंने कहा कि हमें जीत का पूरा विश्वास है.. क्योंकि पूर्व विधायक भी जनता के बीच रहे थे.. और उनके बेटे भी वर्षों से लोगों के बीच सक्रिय हैं.. पहले वे 10 साल तक सरपंच रहे.. और बाद में अपने पिता की बीमारी के दौरान उनका कामकाज संभालते रहे.. इसलिए वे जनता के लिए नया चेहरा नहीं हैं..
आम आदमी पार्टी के चुनाव न लड़ने पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि पिछली बार AAP उम्मीदवार को सिर्फ 2 प्रतिशत वोट मिले थे.. और उसका यहां कोई खास वजूद नहीं है.. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार पार्टी की जमानत जब्त हो गई थी.. इसलिए इस बार वह चुनाव मैदान में नहीं उतरी.. कांग्रेस ने इस उपचुनाव में स्थानीय नेता भृगुराज सिंह चौहान को टिकट दिया है.. जो पिछले 15 से अधिक वर्षों से पंचायत स्तर पर मजबूत नेतृत्व करते रहे हैं.. उनके नामांकन के दौरान प्रदेश कांग्रेस ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन भी किया.. यह इलाका आणंद जिले में आता है.. जिसे कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था..



