उन्नाव: हेलमेट चेकिंग बनी विवाद की वजह! छात्र ने सिपाही पर लगाए गंभीर आरोप
उन्नाव के माखी क्षेत्र में एक छात्र ने हेलमेट चेकिंग के दौरान सिपाही पर मारपीट और अवैध उगाही का आरोप लगाया है। छात्र ने एसपी को शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उन्नाव जिले में पुलिस चेकिंग के दौरान हुए कथित विवाद का मामला चर्चा का विषय बन गया है। एक छात्र ने आरोप लगाया है कि हेलमेट चेकिंग के दौरान एक सिपाही ने उससे अवैध रूप से पैसे की मांग की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट तथा अभद्र व्यवहार किया। पीड़ित छात्र ने मामले की शिकायत स्थानीय थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) तक पहुंचाई है और संबंधित सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हेलमेट चेकिंग के दौरान हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, मामला माखी थाना क्षेत्र के नहर कोठी इलाके का बताया जा रहा है। छात्र का आरोप है कि वह क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग की जा रही थी। आरोप है कि हेलमेट न पहनने के कारण उसे रोका गया और इसी दौरान कथित रूप से अवैध उगाही की मांग की गई। छात्र का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ अभद्रता की गई और मारपीट की गई।
थाने में भी नहीं सुनी गई शिकायत, छात्र का दावा
पीड़ित छात्र ने दावा किया है कि घटना के बाद वह अपनी शिकायत लेकर संबंधित थाने पहुंचा। हालांकि, उसका आरोप है कि वहां भी उसकी बात गंभीरता से नहीं सुनी गई और उसे डांटकर वापस भेज दिया गया। छात्र का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उसे उच्च अधिकारियों की शरण लेनी पड़ी।
एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र
मामले में न्याय की मांग करते हुए छात्र ने पुलिस अधीक्षक को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायत में उसने पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई जा सकती है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
यह मामला फिलहाल आरोप और शिकायत के स्तर पर है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसी शिकायतों की पारदर्शी जांच बेहद आवश्यक है। इससे न केवल सच्चाई सामने आती है बल्कि कानून व्यवस्था में जनता का भरोसा भी मजबूत होता है।
रिपोर्ट- रंजन बाजपाई
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