विंध्याचल गंगा हादसा: डूबे दो युवकों में से एक का शव बरामद, दूसरे की तलाश जारी

मीरजापुर के विंध्याचल में गंगा स्नान के दौरान डूबे दो युवकों में से एक सूरज का शव कंतित घाट पर बरामद हुआ। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम दूसरे युवक की तलाश में जुटी हुई है। हादसे के बाद घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मीरजापुर के विंध्याचल में गंगा स्नान के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। सोमवार दोपहर मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद गंगा स्नान करने पहुंचे दो युवक तेज बहाव और गहराई की चपेट में आकर डूब गए थे। घटना के बाद से ही एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार दोनों युवकों की तलाश में जुटी हुई थी। अब इस हादसे में डूबे युवकों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे युवक की तलाश अभी भी जारी है।

गंगा में स्नान के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर करीब 2 बजे सूरज पुत्र संजय (27 वर्ष) और अभिषेक पुत्र जय प्रकाश (25 वर्ष) गंगा स्नान कर रहे थे। इसी दौरान दोनों युवक अचानक गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते नदी की तेज धारा में समा गए। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।

कंतित घाट पर मिला सूरज का शव

लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान मंगलवार को सूरज पुत्र संजय का शव गंगा नदी में कंतित घाट के पास उतराता हुआ मिला। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना विंध्याचल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

दूसरे युवक की तलाश में जुटी SDRF टीम

दूसरे युवक अभिषेक का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगातार गंगा नदी में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक युवक का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज अभियान जारी रहेगा।

घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर विंध्याचल के घाटों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई घाटों पर गहरे पानी की चेतावनी देने वाले बोर्ड नहीं लगे हैं और बाहरी जिलों से आने वाले श्रद्धालु गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते। लोगों ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और निगरानी बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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