महोबा में भाजपा के भ्रष्टाचार की चोट नहीं झेल पाई पानी की टंकी, अखिलेश ने खोली पोल

सूबे की सियासत में नेताओं के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का सिलसिला लगातार जारी है। सत्ताधरी दल भाजपा और सूबे के मुख्यमंत्री योगी को घेरने में विपक्ष कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सूबे की सियासत में नेताओं के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का सिलसिला लगातार जारी है। सत्ताधरी दल भाजपा और सूबे के मुख्यमंत्री योगी को घेरने में विपक्ष कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रहा है।

सपा मुखिया अखिलेश यादव भले ही सत्ता में न हों लेकिन जनता के हित के मुद्दे उठाने में और सरकार को आइना दिखाने में पीछे नहीं हटते हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में हाल ही में एक बड़ी घटना हुई है, जिस पर काफी चर्चा हो रही है। जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल से जल’ योजना में वहां एक नई पानी की टंकी बनाई गई थी।

यह टंकी टेस्टिंग (पानी भरकर जांच) के सिर्फ एक दिन बाद ही फट गई या उसमें बड़ी दरारें पड़ गईं। जैसे ही टंकी में पानी भरा गया, उसका दबाव नहीं सह पाई और दीवारों से पानी बहने लगा। इससे हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया और लोगों में काफी गुस्सा आया। यह मामला मुख्य रूप से जैतपुर ब्लॉक के नगारा डांग गांव का है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने कहा कि निर्माण में घटिया सामान इस्तेमाल हुआ होगा, जिससे इतनी जल्दी टंकी खराब हो गई। पहले से ही महोबा में पानी की कमी की समस्या है, ऐसे में यह योजना लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण थी, लेकिन अब इस पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने पैसे खर्च करके भी काम ठीक क्यों नहीं हुआ।

इस घटना पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि “महोबा में भाजपा के भ्रष्टाचार के बोझ को पानी की टंकी भी नहीं उठा पाई। यहां बुलडोजर नहीं चलेगा, क्योंकि भ्रष्टाचार की पाइपलाइन महोबा से लखनऊ तक चल रही है। जलापूर्ति की जगह धनापूर्ति हो रही है। यह ‘जल मिशन’ नहीं, ‘कमीशन मिशन’ है। भाजपा जाए तो पानी मिल पाए!” उनका यह तंज बीजेपी सरकार पर सीधा आरोप है कि योजना में भ्रष्टाचार हुआ है, ठेकेदारों ने घटिया काम किया और पैसे कमीशन में खा गए। अखिलेश ने बीजेपी पर व्यंग्य किया कि जहां बुलडोजर से कार्रवाई होती है, वहां भ्रष्टाचार पर बुलडोजर नहीं चल रहा।

यह घटना राजनीतिक बवाल बन गई है। बीजेपी सरकार और जल जीवन मिशन की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि स्थानीय बीजेपी विधायक ने भी पहले इस योजना में देरी और खराबी की शिकायत की थी। अब जांच की मांग हो रही है कि ठेकेदार पर कार्रवाई हो और दोबारा ठीक काम करवाया जाए। महोबा जैसे सूखे इलाके में पानी की योजना फेल होना लोगों के लिए बड़ा झटका है। यह दिखाता है कि अच्छी योजनाएं अगर ठीक से लागू न हों तो फायदा नहीं पहुंचता। अखिलेश का बयान विपक्ष को बीजेपी पर हमला करने का मौका दे रहा है। कुल मिलाकर, यह घटना विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता की जरूरत को फिर से उजागर कर रही है।

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