चुनाव के बाद हिंसा में जला पश्चिम बंगाल

- जनता का सवाल-लोकतंत्र की धरती या भीड़तंत्र का रणक्षेत्र
- हालात बेकाबू, गोलीबारी में पुलिस और केंद्रीय बलों के 5 जवान घायल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म हो चुके हैं और नतीजे सामने आ चुके हैं। लेकिन राज्य के अलग-अलग इलाकों से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वह दिल दहला देने वाली है। चारो तरफ उपद्रव, हिंसा का तांडव हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि अब तो पुलिस पर सीधा हमला किया जा रहा है। देर रात संदेशखाली में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। इस दौरान गोलीबारी में पुलिस और केंद्रीय बलों के 5 जवान भी घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बंगाल में ताबड़तोड़ हिंसा ने सिस्टम पर एक बड़ा सवाल लगा दिया हैं। पश्चिम बंगाल में कहीं घर जल रहे हैं तो कहीं राजनीतिक बदले की आग में आम लोग झुलस रहे हैं और इस पूरे सियासी तूफान के बीच खड़ी हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जिन्होंने हार मानने से साफ इनकार कर दिया है। ममता बनर्जी का आरोप है कि हम बीजेपी से नहीं चुनाव आयोग से हारे हैं। ममता बनर्जी यहीं नहीं रूकी है और उन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए पश्चिम बंगाल के सभी पोलिंग बूथ के सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग की है। उनका दावा है कि उन्हें पोलिंग बूथ और काउंटिंग सेंटर पर जाने से रोका गया मारा गया उनके कार्यकर्ताओं को मार कर भगा दिया गया। एक सिटिंग सीएम के इस तरह के आरोपों से पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गयी है।
जनता पूछ रही है सवाल
जनता सवाल पूछ रही है कि क्या सच में वोटों की लूट हुई? क्या ईवीएम से छेड़छाड़ हुई? क्या वोटर्स को वोट डालने से रोका गया? और सबसे बड़ा सवाल है कि क्या एक मुख्यमंत्री को काउंटिंग सेंटर तक जाने से रोका जा सकता है? अगर ऐसा हुआ है तो यह सिर्फ एक नेता के साथ अन्याय नहीं ये लोकतंत्र की हत्या है। राज्य में जो माहौल है वह डर का है, दहशत का है, और सबसे खतरनाक बेखौफ भीड़ का है। भीड़ जो कानून से ऊपर खुद को समझती है। भीड़ जो तय करती है कि कौन जिएगा और कौन चुप रहेगा। यह वही बंगाल है जिसने कभी बुद्धिजीवियों को जन्म दिया लेकिन आज वहीं बंगाल सवालों के घेरे में है। क्या यह चुनाव था या सियासी युद्ध?, क्या यह लोकतंत्र है या भीड़तंत्र? आज की यह खबर सिर्फ खबर नहीं है बल्कि यह चेतावनी है कि अगर आज नहीं संभले तो कल ये आग हर राज्य तक पहुंच सकती है।
वोट चोरी के साथ सीना जोरी : राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर एक बार फिर वोट चोरी का आरोप लगाया है। काग्रेंस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं कभी पूरी सरकार। अब बीजेपी वोट चोरी के साथ सीना जोरी भी कर रही है। उन्होंने लिखा है कि लोकसभा के 240 भाजपा सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। पहचानना मुश्किल नहीं क्या उन्हें भाजपा की भाषा में घुसपैठिए कहें? और हरियाणा वहां तो पूरी सरकार ही घुसपैठिया है। उन्होंने लिखा कि जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़ मरोड़ देते हैं। वह खुद रिमोट से नियंत्रित हैं। उन्हें असली डर सच्चाई का है। क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते। राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं कभी पूरी सरकार। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है और अगर चुनाव पूरी तरह साफ सुथरे हों तो नतीजे अलग हो सकते हैं। वहीं इससे पहले चुनावी नतीजों के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव चोरी किए गए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि असम और पश्चिम बंगाल ऐसे स्पष्ट उदाहरण हैं जहां भाजपा ने चुनाव आयोग के समर्थन से चुनाव चुराया है। हम सीएम ममता बनर्जी से सहमत हैं। पश्चिम बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें चुराई गईं। हमने पहले भी मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और 2024 के लोकसभा चुनाव में यह तरीका देखा है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि चुनाव चोरी संस्था चोरी अब और चारा ही क्या है। इससे पहले टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भी भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 1०० से ज्यादा सीटें लूट लीं। चुनाव आयोग भाजपा का आयोग बन गया है। आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है। चुनाव आयोग ने जो कुछ भी किया वह पूरी तरह से गैर-कानूनी और लूट है।
संदेशखाली में गोलीबारी
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली इलाके में देर रात से बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है। इस दौरान गोलीबारी में पुलिस और केंद्रीय बलों के 5 जवान भी घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। न्याजत पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत संदेशखाली में ग्रामीणों को डराने-धमकाने की शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम पर हमला किया गया। हमले में तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवान घायल हो गए। सभी घायल जवानों को कोलकाता के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर सॉकेट बम बरामद किए और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। एक स्थानीय महिला ने बताया है कि पुलिस आई थी। हमें कुछ नहीं पता। हम अपने परिवार के साथ घर के अंदर थे। पुलिस हमारे घर में घुसी और मेरे पति को अपने साथ ले गई। मेरे पति बेकसूर हैं। मुझे नहीं पता कि पुलिस उन्हें अपने साथ क्यों ले गयी। एक अन्य महिला के मुताबिक कुछ लोगों का एक समूह इधर उधर घूम रहा था। वह कुछ जगहों को नुकसान पहुंचा रहे थे और अफरा तफरी मचा रहे थे। जब उन्होंने पुलिस को देखा तो सभी अलग अलग दिशाओं में भागने लगे और अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। हमें समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा था। इस बार संदेशखाली विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली है। भाजपा के उम्मीदवार सनत सरदार ने 17,510 वोटों के अंतर से टीएमसी की झारना सरदार को हराया है।




