CISF जवान ने अपने ही 4 साथियों को AK-47 से क्यों मार डाला? जानिए पूरा विस्तार से
कठुआ में CISF कैंप के अंदर एक जवान ने अपने ही 4 साथियों को गोलियों से भून डाला. शुरुआती जांच में बच्चे को लेकर हुए विवाद को फायरिंग की संभावित वजह बताया जा रहा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कठुआ में CISF कैंप के अंदर एक जवान ने अपने ही 4 साथियों को गोलियों से भून डाला. शुरुआती जांच में बच्चे को लेकर हुए विवाद को फायरिंग की संभावित वजह बताया जा रहा है.
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में CISF कैंप के अंदर हुई गोलीबारी ने हर किसी को झकझोर दिया. बसोहली के माश्का इलाके में स्थित सेवा हाइडल पावर प्रोजेक्ट में तैनात एक CISF हेड कांस्टेबल ने अपने ही साथियों पर AK-47 से फायरिंग कर दी. इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे समेत चार CISF जवानों की मौत हो गई.पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार शाम करीब 6:40 बजे हुई जब आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह अपनी AK-47 राइफल लेकर ऑफिस में घुस गया. आरोपी की पत्नी भी CISF में तैनात हैं. घटना की जांच कर रहे एक पुलिस ऑफिसर ने बताया कि आरोपी जवान की बच्चे को कैंप में बार-बार लाने को लेकर अपने साथियों और असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे से झगड़ा हुआ था.
बच्चे को बार-बार साइट पर लाने से विवाद
जांच कर रहे एक पुलिस ऑफिसर के मुताबिक, आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह और उसकी पत्नी भी CISF में तैनात हैं और दोनों एक ही प्रोजेक्ट साइट पर अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते थे. इसलिए, जब कोई एक पेरेंट ड्यूटी पर आता, तो वे बच्चे को साथ लाते और घर लौट रहे पति/पत्नी को सौंप देते. उन्हें बच्चे को बार-बार प्रोजेक्ट साइट पर लाना पड़ता था.
पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपीअवधेश कुमार सिंह और उसकी पत्नी से कहा गया था कि वे बच्चे को प्रोजेक्ट साइट पर न लाएं. उन्होंने यह भी बताया कि घटना वाले दिन भी उनमें से एक बच्चे को साइट पर दूसरे पार्टनर को सौंपने के लिए लाया था, जब किसी ने कंपनी कमांडर (असिस्टेंट कमांडेंट) से इसकी शिकायत कर दी. इससे झगड़ा शुरू हो गया, जो अचानक फायरिंग में बदल गई.
मरने वालों में एक SI और दो कांस्टेबल भी
हालांकि, पुलिस और CISF की ओर से घटना के सटीक कारण और विवाद की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है. CISF ने भी मामले की आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही है. वहीं, मरने वालों मेंअसिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे के अलावा, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल संजीव कुमार और मोहम्मद रफीक शामिल हैं.
घटना के बाद कठुआ पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी जवान अवधेश कुमार सिंह साल 2009 बैच का कांस्टेबल है. आरोपी ने जिस सरकारी AK-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग की, उसमें 150 राउंड गोलियां थीं. घटना के बाद हाइडल पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. वहीं, घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ हो सकेंगी.



