ममता बनर्जी ने क्यों खत्म किया 5 दिन से जारी धरना, क्या मान ली गईं सारी मांगें?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपना धरना खत्म कर दिया है. हालांकि ममता ने मतदाताओं से वादा किया है वो उनके अधिकार के लिए लड़ती रहेंगी. ममता वोटर लिस्ट में से काटे गए नामों के खिलाफ 5 दिन से धरने पर बैठे थीं. उन्होंने कहा था कि वो उन लोगों को भी पेश करेंगी जिनको चुनाव आयोग ने मृत घोषित कर दिया है.
ममता बनर्जी ने कहा, अगर चुनाव आयोग 15-16 मार्च को चुनाव की तारीखों का ऐलान कर देता है तो खेल वहीं नहीं खत्म होगा. लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी. उन्होंने आगे कहा कि हमारा धरना दो कारणों से था. एक उन लोगों के लिए था जिनके नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे और दूसरा उन लोगों को न्याय दिलाने के लिए था जिनके नाम एडज्यूडिकेशन में थे और यह पक्का करना था कि उन्हें उनके वोटर अधिकार वापस मिलें.
6 मार्च को शुरू हुआ था धरना
ममता बनर्जी ने 6 मार्च को धरना शुरू किया था. इसके बाद पार्टी के अन्य नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसमें सांसद और मंत्री भी शामिल थे. टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ममता से धरना खत्म करने की अपील की थी. ममता ने भतीजे की मांग की मानते हुए धरना खत्म किया.
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारी मांगें मान ली हैं, इसलिए मैं दीदी से सबकी तरफ से अपील कर रहा हूं कि आप पिछले पांच दिनों से सड़क पर हैं… अब इस धरने को खत्म करें. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लड़ाई यहां खत्म नहीं हो रही है. हम ये तभी खत्म करेंगे जब हर नागरिक को वोट देने का अधिकार मिल जाएगा. उन्होंने कहा कि TMC के कार्यकर्ता अभी भी वहीं हैं और वे यहां से सड़क पर लड़ाई जारी रखेंगे और सभी 80,000 बूथों पर BJP को हराएंगे.
ममता ने क्यों खत्म किया धरना?
सीएम ममता बनर्जी ने धरना खत्म करते वक्त सुप्रीम कोर्ट में हुए घटनाक्रम का जिक्र किया. दरअसल, अदालत ने मंगलवार को ट्रिब्यूनल बनाने का सुझाव दिया.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अपील से निपटने के लिए पूर्व चीफ जस्टिस और हाई कोर्ट के जजों की एक बेंच बना सकते हैं और EC से सुनवाई के लिए एक अपील बॉडी बनाने को कहा.
ममता ने बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लोगों की जीत बताते हुए कहा कि इसने वोटिंग के अधिकार से वंचित लोगों के लिए बंद दरवाजा खोल दिया है. CM ने कहा, अदालत ने एक बंद दरवाज़ा खोल दिया है. इसका इस्तेमाल करें. विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद भी मामला कोर्ट में पेंडिंग रहेगा. मेरी याचिका अभी भी वहां है. यह मत सोचिए कि अगर चुनाव की तारीखें घोषित हो जाती हैं तो आपके पास कोई मौका नहीं है. उन्होंने कहा है अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है तो चुनाव से एक दिन पहले तक हमारे पास आएं. ममता बनर्जी ने कहा कि मामले की सुनवाई 25 मार्च को SC में होगी और जिन लोगों के नाम काटे गए हैं, उनसे हिम्मत न हारने की अपील की.



