आलोचना नहीं झेल पाई योगी सरकार, पुलिस लगाकर विपक्षी नेताओं को किया गिरफ्तार

चाहे केंद्र में बैठी मोदी सरकार हो या सूबे की योगी सरकार तानाशाही हर जगह चल रही है। मंच पर खड़े होकर भले ही बीजेपी नेता बड़े-बड़े दावे करते हों लेकिन असल में इनके सभी दावे खोखले हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: चाहे केंद्र में बैठी मोदी सरकार हो या सूबे की योगी सरकार तानाशाही हर जगह चल रही है। मंच पर खड़े होकर भले ही बीजेपी नेता बड़े-बड़े दावे करते हों लेकिन असल में इनके सभी दावे खोखले हैं।

असल हकीकत तो ये है कि इस सरकार में सिर्फ और सिर्फ गरीब पिस रहा है। इस सरकार में न सिर्फ गरीबों, लाचारों के अधिकारों का हनन हो रहा है बल्कि सरकारी सिस्टम इन्हे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करके दीमक की तरह खोखला बना दे रहे हैं। कई ऐसे मौके हैं जिनपर बीजेपी सरकार सवालों के घेरे में। जिसका जनता से लेकर विपक्ष तक विरोध कर रहे हैं। लेकिन अफ़सोस की बात तो ये है कि ये भाजपा की जुमलेबाज सरकार आलोचनाओं से डरती है।

आलोचना करने वालों को या तो सरकारी हुक्म बजाने वाली एजेंसियों का नोटिस थमाया जाता है या फिर उन्हे गिरफ्तार कर सत्ता का रौब दिखाया जाता है। ऐसा कई बार हुआ है जब विपक्ष ने सरकार को देश के असली मुद्दों पर घेरने की कोशिश की है और सरकार ने विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित ही करवाया है।

इसी बीच एक बार फिर सरकार की तानाशाही का जीता जागता सबूत देखने को मिला जब, यूपी में आज मनरेगा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही है, जिसे देखते हुए कई बड़े नेताओं को नजरबंद किया गया है. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजधानी लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में आज सुबह 11 बजे विधानसभा की ओर मार्च करने की योजना थी. लेकिन विधानसभा का घेराव करते हुए मनरेगा सहित कई मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया. मगर योगी की पुलिस ने उन्हें हिरासत  में ले लिया।

प्रदर्शन में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, नेता विधानमंडल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना, विधायक वीरेंद्र चौधरी समेत कई सांसद, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हैं. प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे हैं. सुबह विधानसभा की ओर जाते हुए कार्यकर्ताओं को योगी का हुक्म बजाने वाली पुलिस ने न सिर्फ रोका बल्कि उनपर सिस्टम का रौब दिखते हुए लाठियां भी भांज दी। आलम ये रहा की लोगों के हित और कल्याण के लिए आवाज उठाते हुए अजय राय समेत कई नेता बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए.

जिसके बाद पुलिस ने उनपर लाठियां चला दी। और इसका नाम दे दिया कि स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. जबकि सच तो ये है कि सरकार को खुद की आलोचना सुनना पसंद नहीं है जिसकी वजह से जहाँ भी खुद की आलोचना होती है या पोल खुलती नजर आती है योगी अपनी लठैत पुलिस को आगे कर देते हैं। और साहब की शान में कसीदे पढ़ने वाली यूपी पुलिस भी लाठियां भांजने लगती है।

इसी बीच अजय राय ने बीजेपी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हम लड़ेंगे इनके अत्याचार के खिलाफ। वहीं इस प्रदर्शन को लेकर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा आज ये जो बैरिकेडिंग और पुलिस का घेरा खड़ा किया गया है, ये हमारी आवाज दबाने की कोशिश है. लोकतंत्र में डराना-धमकाना और डंडे के जोर पर हुकूमत करना राज नहीं कहलाता. सरकारें प्यार और भरोसे से चलती हैं, न कि बुलडोजर और खौफ से.

वहीं इस दौरान कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि देश में NREGA केवल कानून नहीं बल्कि ग्रामीण रोजगार का सबसे बड़ा साधन रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह महात्मा गांधी के नाम को समाप्त किया गया, उससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है.

इस दौरान हुए लाठीचार्ज पर उन्होंने विरोध करते हुए योगी सरकार को घेरा और कहा कि अफ़सोस की बात ये है कि सरकार पूरी तरह से सत्ता के नशे में चूर हो चुकी है और आलोचनाओं का इतना डर सता रहा है कि शांतिपूर्वक चल रहे प्रदर्शन में भी लाठियां चलाई जा रही हैं।

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