दिल्ली में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर जताया विरोध
दिल्ली में RSS मुख्यालय के बाहर युवा कांग्रेस ने मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. उदय भानु चिब ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, संघ के विधान से नहीं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली में RSS मुख्यालय के बाहर युवा कांग्रेस ने मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. उदय भानु चिब ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, संघ के विधान से नहीं.
युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में रविवार को आरएसएस मुख्यालय के बाहर दिल्ली में मनुस्मृति की प्रतियां जलाई गईं. उदय भानु चिब ने अपने फेसबुक पोस्ट में मनुस्मृति की प्रतियां जलाने का वीडियो पोस्ट किया है. उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि भारतीय युवा कांग्रेस के साथियों के साथ RSS मुख्यालय के बाहर मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि दलित समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा, संघ के विधान से नहीं.
उन्होंने लिखा कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी की सभा के बाद हवन और शुद्धिकरण कर दलित समाज का अपमान किया गया और BJP आज तक माफी मांगने, FIR करने को भी तैयार नही तो आज जवाब RSS के दरवाजे पर जाकर दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि जो मनुस्मृति इंसान को शुद्ध-अशुद्ध, ऊंचा-नीचा बांटता है, उसकी इस देश में कोई जगह नहीं है.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस को निर्देश दिया है कि मनुस्मृति का समर्थन किया था. आज देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं. इसलिए मनुस्मृति को जलाइए, क्योंकि ये महिला विरोधी है.
राहुल गांधी ने मनुस्मृति के खिलाफ उठाई है आवाज
पुणे में छात्राओं की गूंज के कार्यक्रम में भी राहुल गांधी ने दो विचारधाराओं की लड़ाई की बात कही थी और मनुस्मृति बनाम संविधान का मुद्दा उठाया था. वहां राहुल गांधी ने मनुस्मृति को महिला विरोधी बताते हुए उसे बीजेपी-आरएसएस की सोच से जोड़ा था.
उन्होंने कहा था, मैं यहां मनुस्मृति को कोट करना चाहता हूं, जिसमें साफ कहा गया है कि बचपन में एक औरत को अपने पिता के अधीन रहना चाहिए, जवानी में वह अपने पति की और जब उसका मालिक मर जाए, तो वह अपने बेटों की हो जाती है. एक औरत को कभी भी आजाद नहीं होना चाहिए. ये शब्द शर्म की बात है. ये शब्द नहीं बोले जाने चाहिए थे.
भाजपा और आरएसएस पर हमला
उन्होंने “पितृसत्ता को खत्म करने” की अपील की और कहा कि औरतें अपनी हैं, अपने पुरुष रिश्तेदारों की नहीं, उन्होंने व्यक्तिगत आजादी और बराबरी पर जोर दिया था. राहुल गांधी ने मनुस्मृति को भाजपा और आरएएस की विचारधारा के साथ जोड़ रहे हैं और लगातार हमला कर रहे हैं.



