ईरान के सामने हांफने लगा सुपरपॉवर, सेना प्रमुख का इस्तीफा

- रैंडी जार्ज को हटाया गया क्रिस्टोफर लानेव की नियुक्ति
- पेंटागन में दरार, सड़कों पर गुस्साई भीड़, ट्रंप को बचाने की आखिरी कोशिश
- पेंटागन में बड़े पैमाने पर अधिकारियों को इधर से उधर किये जाने की खबरें
- ट्रंप को बचाने के लिए अमेरिका सेना प्रमुख का इस्तीफा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। यह सिर्फ कुर्सी बदलने की खबर नहीं है यह उस साम्राज्य की सांसों का शोर है जो पहली बार अपने ही फैसलों के बोझ तले लडख़ड़ा रहा है। वाशिंगटन के चमकते गलियारों में अचानक उठी हलचल पेंटागन के भीतर अफरा—तफरी का माहौल और सत्ता के सबसे मजबूत स्तंभों में दिखती दरार यह सब मिलकर एक ही कहानी कह रहे हैं कि ट्रंप को अपनी ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका की हार का एहसास हो गया है और यह सबकुछ डैमेज कंट्रोल के लिए किया जा रहा है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को तत्काल पद छोडऩे और सेवानिवृत्त होने का निर्देश दिया है। रक्षा मंत्री के इस आदेश के बाद जनरल जॉर्ज ने प्रभावी रूप से अपना पद त्याग दिया है। ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच हेगसेथ का यह कड़ा फैसला पेंटागन में बड़े प्रशासनिक फेरबदल का संकेत दे रहा है। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक बयान में कहा है कि जनरल रैंडी ए. जॉर्ज आर्मी के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से तत्काल प्रभाव से रिटायर हो रहे हैं। रक्षा विभाग देश के लिए उनकी दशकों की सेवा के लिए उनका आभारी है और उनके रिटायरमेंट के लिए शुभकामनाएं देता है।
रैंडी जार्ज पर फोड़ा ठीकरा
अमेरिकी सेना और रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हेगसेथ ने जॉर्ज से पद छोडऩे के लिए कहा था। उनकी जगह सेना के उप सेनाध्यक्ष जनरल क्रिस्टोफर लानेव जिम्मेदारी संभालेंगे। जनरल क्रिस्टोफर लानेव सीनेट से उनके उत्तराधिकारी की पुष्टि होने तक एक्टिंग चीफ के तौर पर काम करेंगे। जनरल रैंडी ए. जॉर्ज सितंबर -23 में सेना के प्रमुख बने थे उनके पास आम तौर पर चार साल के कार्यकाल में लगभग डेढ़ साल बाकी थे। हेगसेथ के ऑफिस संभालने के बाद जॉर्ज पद छोडऩे वाले सबसे नए वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बन गए हैं। यह बदलाव सिर्फ एक पद से कहीं ज्यादा है। रिपोर्टिंग में बताए गए रक्षा अधिकारियों के मुताबिक जॉर्ज के साथ दो और आर्मी जनरलों को भी हटा दिया गया जिनमें ट्रेनिंग और चैपलेंसी के काम देखने वाले वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इस कदम पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेसी यूजीन विंडमैन ने कहा है कि जनरल रैंडी जॉर्ज एक जबरदस्त पब्लिक सर्वेंट और सैनिक हैं। यह निराशाजनक है कि उनके जैसे अधिकारी को इसलिए किनारे कर दिया गया क्योंकि राष्ट्रपति एक ऐसा आदमी चाहते हैं जो उनकी हां में हां मिलाए।
सच्चाई के उजागर होने का दौर
यह दौर सिर्फ सैन्य बदलाव का नहीं यह उस सच्चाई के उजागर होने का दौर है जिसे अब तक प्रेस ब्रीफिंग और चमकदार भाषणों के पीछे छुपाया जाता रहा। जब सत्ता खुद अपने ही फैसलों से दूरी बनाने लगे जब जिम्मेदारी तय करने की बजाय चेहरे बदले जाने लगें तो समझ लीजिए कि कहानी जीत की नहीं नुकसान को संभालने की कोशिश की है। अमेरिका शायद आधिकारिक तौर पर कभी हार नहीं मानेगा। लेकिन हालात यह बता रहे हैं कि रणनीति की नींव हिल चुकी है और अब पूरी ताकत उस हिलती जमीन को थामने में लगाई जा रही है। सवाल सिर्फ इतना है कि क्या यह कोशिश वक्त रहते संभल जाएगी या फिर इतिहास एक और महाशक्ति के घमंड को अपने पन्नों में दर्ज करने के लिए तैयार बैठा है?
युद्ध के बीच सेना प्रमुख को हटाने का मतलब हार!
जब युद्ध के बीच सेना प्रमुख को हटाने की नौबत आ जाए तो यह सिर्फ एक अधिकारी की विदाई नहीं होती यह उस रणनीति की चिता होती है जिसे बड़े गर्व से दुनिया के सामने परोसा गया था। सवाल अब यह नहीं है कि गलती किसने की सवाल यह है कि गलती कितनी गहरी थी और क्या वह गलती अब छुपाई नहीं जा सकती? डोनाल्ड ट्रंप के दौर में मजबूत अमेरिका जो नारा गूंजता रहा वही आज अपने ही साये से घिरता दिख रहा है। सड़कों पर बढ़ता असंतोष फैसलों पर उठते सवाल और दुनिया के मंच पर घटती अमेरिकान साख। यह सब किसी एक जनरल या एक फैसले की नाकामी नहीं बल्कि उस सोच का परिणाम है जिसमें ताकत को रणनीति समझ लिया गया। इतिहास गवाह है कि महाशक्तियां मैदान में कम अपने अहंकार में ज्यादा हारती हैं। और जब फैसले जमीनी हकीकत से कटकर लिए जाते हैं तो उनका अंजाम हमेशा वही होता है अंदर से दरकती हुई ताकत जो आज पेंटागन की दीवारों पर लिखा जा रहा है।
पेंटागन की लीडरशिप पर सवाल
विंडमैन ने पेंटागन लीडरशिप की भी आलोचना करते हुए कहा है कि अगर पेंटागन में नेतृत्व की गुणवत्ता पर सवाल हैं तो ये सवाल सेक्रेटरी हेगसेथ को लेकर उठाया जाना चाहिए न कि उन पर जिन्होंने अपना करियर सम्मान के साथ हमारे देश की सेवा में बिताया है। यह बदलाव अमेरिकी सेना में बड़े तनाव के बीच हुआ है। इसके अलावा हेगसेथ ने हाल ही में एक अपाचे हेलीकॉप्टर क्रू से जुड़ी एक घटना में दखल देकर विवाद खड़ा कर दिया था। इस घटना से जुड़ा सस्पेंशन हटाने के बाद उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कोई सजा नहीं। कोई जांच नहीं। देशभक्तों आगे बढ़ो। पेंटागन ने जॉर्ज को हटाने के पीछे के कारणों के बारे में डिटेल में नहीं बताया है। सेना प्रमुख का पद अमेरिका में सबसे सीनियर सैन्य पदों में से एक है जो आर्मी की ट्रेनिंग तैयारी और ऑपरेशन्स की देखरेख के लिए जिम्मेदार है। इस स्तर पर बदलाव आम तौर पर लंबी बातचीत और सीनेट की निगरानी के बाद होते हैं।
ईरान ने अमेरिका का एक और एफ-35 फाइटर जेट मार गिराया
मिडिल ईस्ट की जंग के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने एक और अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है, साथ ही यह भी कहा कि गंभीर चोटों के कारण पायलट के बचने की संभावना नहीं है। ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी सेना के मुख्यालय, खतम अल-अंबिया के प्रवक्ता ने यह दावा किया है। इतना ही नहीं 4 फोटो भी शेयर किए गए हैं और दावा किया कि ये मार गिराए गए एफ-35 लड़ाकू विमान के टूटे-फूटे अवशेष हैं। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सेना के यूएस सेंट्रल कमांड की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। यदि ईरान का यह दावा सच है, तो यह ईरान का बड़ा पलटवार होगा।




