ईरान के हमले और घातक, अमेरिका पर आफत
ट्रंप की धमकी के बाद हमले किए तेज, पश्चिम एशिया लड़ाई का 35वां दिन, इजरायल-कुवैत की तेल रिफाइनरी पर अटैक, धमाके के बाद लगी आग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई का आज 35वां दिन है। यह जंग खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका द्वारा ईरान के सबसे ऊंचे ब्रिज पर किए हमले के बाद तेहरान पूरी तरह भडक़ा हुआ है। उसने खाड़ी देशों के 8 पुलों पर हमले की चेतावनी दी है। वहीं अब ईरान ने कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया है।
वहीं ईरान ने एफ-35 को मार गिराया है। इस बीच ईरान ने कुवैत की मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया। इस हमले से रिफाइनरी की कई इकाइयों में भीषण आग लग गई है इससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति श्रृंखला पर असर पडऩे की आशंका बढ़ गई है। ईरान द्वारा किए गए इस हमले के कारण रिफाइनरी की कई यूनिट्स में आग लग गई है, मौके पर इमरजेंसी टीम आग बुझाने में जुटी गुई है। इस हमले में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

ऑयल सप्लाई चेन पर पड़ सकता है असर
यह रिफाइनरी कुवैत के सबसे बड़े तेल प्रोसेसिंग केंद्रों में से एक मानी जाती है, जहां बड़े पैमाने पर कच्चे तेल को प्रोसेस किया जाता है। ईरान द्वारा किए गए इस हमले ने न सिर्फ स्थानीय उत्पादन बल्कि अंतराष्ट्रीय ऑयल सप्लाई चेन पर भी असर पड़ सकता है। यह हमला ट्रंप की नई धमकियों के बाद की गई है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान के पांच ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया है। पहले चार ड्रोन को रोकने की पुष्टि की गई थी, इसके बाद रात में एक और ड्रोन को मार गिराया गया था।
कुवैत की राष्ट्रीय तेल कंपनी पर शुक्रवार सुबह ड्रोन से अटैक
कुवैत की राष्ट्रीय तेल कंपनी कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के अनुसार, मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर शु्क्रवार सुबह-सुबह ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद रिफाइनरी की कई ऑपरेशनल यूनिट्स में आग लग गई। ईरान द्वारा किए इस हमले के बाद फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी रिस्पांस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को कंट्रोल करने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।
तेल अवीव में बज रहे सायरन
इजरायल में तेल अववी के लोगों को हमले के लिए अलर्ट रहने को कहा गया है। तेल अवीव में सायरन बज रहे हैं। शुक्रवार को इजरायल की सेना ने चेतावनी दी कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से दागी गई मिसाइलों को गिराने के लिए सक्रिय है। ईरान ने कहा कि उसके नवीनतम हमलों में संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और इजरायल में स्थित ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ये हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा पहले किए गए औद्योगिक संयंत्रों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं।
अमेरिका का पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान पर हमले
एफ-35 को मार गिराया है। यह अमेरिका का पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है और यह सबसे एडवांस अमेरिकी स्टील्थ लड़ाकू विमानों में से एक है. स्टील्थ होना यानी इसका पता लगा पाना लगभग नामुमकिन होता है. यह रडार से पकड़े जाने और भारी एयर डिफेंस सिस्टम वाले दुश्मन देशों के अंदर भी काम करने में सक्षम है। इससे पहले ईरान ने कथित तौर पर 19 मार्च को अपने हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान पर हमला किया था और दावा किया था कि उसे मार गिराया गया है। अमेरिका ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि विमान ने बेस पर सफलतापूर्वक आपातकालीन लैंडिंग कर ली थी। एक एफ -35 की कीमत लगभग $82.5 मिलियन है. भारतीय करेंसी में यह रकम लगभग 764 करोड़ होती है।
जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों में पारदर्शिता बरतें केंद्र : मनीष तिवारी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शुक्र वार को केंद्र सरकार से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों में पारदर्शिता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने इस मार्ग से होने वाले कच्चे तेल के परिवहन में आई भारी कमी को उजागर किया, जो पश्चिम एशिया संघर्ष से पहले प्रतिदिन 22 मिलियन बैरल था, लेकिन अब घटकर मात्र ०.5 मिलियन बैरल रह गया है। तिवारी ने कहा कि मूल बात यह है कि तुर्की, मिस्र और चीन इस दिशा में पहल कर रहे हैं, इसके अलावा, पिछले कुछ महीनों में ऐसी खबरें आई हैं कि पाकिस्तान में कुछ बैठकें हुई हैं। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य तक पहुंच के संभावित नुकसान के संबंध में सरकार कूटनीतिक दृष्टिकोण से क्या पहल कर रही है? 28 फरवरी से पहले इस मार्ग से प्रतिदिन 22 मिलियन बैरल कच्चे तेल का परिवहन होता था, जो अब घटकर ०.5 मिलियन बैरल रह गया है। उन्होंने भारतीय सरकार से जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह बहाल करने के लिए उठाए जा रहे कदमों को स्पष्ट करने का आग्रह किया और कहा कि इस तेल का एक बड़ा हिस्सा अभी भी चीन को भेजा जा रहा है, जबकि पाकिस्तान ने कुछ रियायतें हासिल कर ली हैं। वहीं, भारत को केवल दो या तीन टैंकर ही मिले हैं।
मालदा घेराव के लिए चुनाव आयोग दोषी: सुभंकर सरकार
सीएम ने बीजेपी और टीएमसी पर लगाया उकसाने का आरोप
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष और सेरामपुर विधानसभा उम्मीदवार सुभंकर सरकार ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को मालदा में हुई हालिया घटना के लिए भारत के चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस घटना ने मौजूदा राज्य और केंद्र सरकारों के तहत कानून-व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है। सरकार ने कहा, मालदा घटना के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह जिम्मेदार है।
कांग्रेस सरकार की पिछली उपलब्धियों को याद करते हुए सरकार ने कहा, बंगाल में कांग्रेस शासन के दौरान काफी विकास हुआ और कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी थी। केंद्र में भाजपा के शासन में कोई विकास नहीं हुआ है और वाम मोर्चा और टीएमसी दोनों ही वादे निभाने में विफल रहे हैं।
पश्चिम बंगाल की मालदा हिंसा में बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और पूरा मामला एनआईए को रेफर होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। मालदा घटना पर उत्तरी बंगाल के एडीजी के. जयरामन के अनुसार अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में 19 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा भडक़ाने वाले मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को अरेस्ट किया गया है। वह अभी बागडोगरा में हिरासत रखा गया है। एडीजी के. जयरामन ने बताया कि उसे यहां लाया जा रहा है। आगे एनआईए इस मामले की जांच अपने हाथ में लेगी। उसे कालियाचक मामले में गिरफ्तार किया गया है। जयरामन के अनुसार वह एक वकील लगता है। हम जांच कर रहे हैं कि बचाव कार्य में देरी क्यों हुई। फिर हम एक रिपोर्ट सौंपेंगे।
आप नेता राघव को लेकर मचा सियासी घमासान
आप ने राज्यसभा में उप-नेता के पद से हटाया, आम आदमी पार्टी में आंतरिक कलह आया बाहर
खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ : राघव चड्ढा
कांग्रेस और भाजपा ने भी उठाए सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में आंतरिक घमासान अब बाहर आ गया है। राज्यसभा में पार्टी के चर्चित चेहरे राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर (उप-नेता) के पद से हटा दिया गया है। इस फैसले के बाद चड्ढा ने एक कड़ा और भावुक बयान जारी करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें खामोश तो किया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं जा सकता। राघव चड्ढा के लिए अब यह साफ़ हो गया है कि पार्टी के भीतर अब उनके लिए कोई जगह नहीं बची है। वहीं आप ने कहा कि वह अब केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे गए हैं।
हाल के दिनों में, राघव चड्ढा सोशल मीडिया पर अपने संसदीय भाषणों-जैसे कि पैटर्निटी लीव को लेकर उनकी मुहिम—और अपनी निजी जि़ंदगी की अहम घटनाओं (जैसे अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के साथ उनके पहले बच्चे का जन्म) के बारे में अक्सर पोस्ट करते रहे हैं। फिलहाल, राज्यसभा में आप के 1० सदस्य हैं, जिनमें से सात पंजाब से और तीन दिल्ली से हैं।
केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं राघव चड्ढा : अनुराग ढांडा
आम आदमी पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। अनुराग ढांडा ने कहा, हम केजरीवाल के सिपाही हैं निडरता हमारी पहली पहचान है. जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता पहली पहचान है हमारी। कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए? संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का। उन्होंने संसद में राघव चड्ढा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को संसद में बोलने का सीमित समय मिलता है, लेकिन उस समय का इस्तेमाल देश बचाने के संघर्ष के बजाय एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने जैसे मुद्दों पर किया गया। अनुराग ढांडा ने दावा किया कि गुजरात में आप के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को बीजेपी की सरकार और पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन इस मुद्दे पर राघव चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई।
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी घेरा
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए हाल के पार्टी कार्यक्रमों में चड्ढा की अनुपस्थिति का जिक्र किया। एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा कि लोगों को यह बात बहुत पहले ही समझ आ गई थी, जब केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय वह लंदन गए थे। अब आम धारणा यह है कि चड्ढा पार्टी छोड़ देंगे या उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा और वे कहीं और शामिल हो जाएंगे।
भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उठाए सवाल
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दावा किया कि राघव चड्ढा को जिस तरह से दरकिनार किया गया है और किनारे कर दिया गया है, उससे साफ पता चलता है कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल के अराजक और भ्रष्ट नेतृत्व से खुद को अलग कर लिया है। सचदेवा ने आगे दावा किया कि स्वाति मालीवाल के बाद चड्ढा दूसरे प्रमुख आम आदमी नेता हैं जिनके नेतृत्व से मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा, दोनों ही दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता हैं, जो केजरीवाल की कार्यशैली से अलग होते दिख रहे हैं।
देश के बड़े मुद्दों की बात करना ज्यादा जरूरी : सौरभ भारद्वाज
इसके साथ ही आप नेता ने कहा कि अगर कोई सदन में कोई समोसे की बात कर रहा है, तो देश के बड़े मुद्दों की बात करना ज्यादा जरूरी है. पूरे देश में हमने देखा है कि हर राज्य में चुनाव से पहले सही लोगों के वोट काटे जाते हैं और फर्जी वोट बनाकर सरकार सिस्टम पर कब्जा करके चुनाव जीत रही है. यह सब पश्चिम बंगाल में भी हो रहा है, अभी सभी विपक्षी दल सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाना चाहते थे, लेकिन आपने उन्हें साइन करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई मुद्दा आता है, जिस पर विपक्ष वॉकआउट करता है, आप वॉकआउट नहीं करते। पिछले कुछ सालों में मैंने देखा है कि आपने संसद में ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाया जिसमें आपने प्रधानमंत्री या बीजेपी सरकार से सवाल किया हो. ऐसी निडर राजनीति कैसे चलेगी? पंजाब, जहां से आप आते हैं, उसके मुद्दे उठाने से भी डरते हैं. अभी गुजरात में पार्टी के लगभग 16० कार्यकर्ताओं पर झूठे केस में एफआईआर दर्ज की गई है, कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन आप उस पर भी चुप रहते हैं।



