कर्नाटक: 125 ब्लॉक सूखा प्रभावित घोषित, 200 से अधिक तालुकों पर गहराया संकट

सरकार जमीनी हकीकत की जांच कर रही है और पहले ही 125 ब्लॉक को सूखा-प्रभावित घोषित कर चुकी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कर्नाटक में गंभीर सूखे की स्थिति है, जिससे 200 से अधिक ब्लॉक प्रभावित होने की संभावना है. सरकार जमीनी हकीकत की जांच कर रही है और पहले ही 125 ब्लॉक को सूखा-प्रभावित घोषित कर चुकी है.

कर्नाटक में कम बारिश के कारण गंभीर सूखे की स्थिति बनी हुई है. सरकार की तरफ से यहां के 200 से ज्यादा ब्लॉक को सूखा प्रभावित लिस्ट में शामिल किया जा सकता है. यहां पर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ग्राउंड लेवल पर जांच की जा रही है.

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के मुताबिक, “राज्य भर के 200 से ज्यादा ब्लॉक को सूखा-प्रभावित लिस्ट में शामिल किए जाने की संभावना है, क्योंकि सरकार तय स्टैंडर्ड और जमीनी हकीकत की जांच के आधार पर आगे के स्टेप्स में इनका आकलन कर रही है.”

सरकार ने पहले स्टेज में 101 तालुकाओं को और दूसरे स्टेज में 24 और ब्लॉक को सूखा-प्रभावित घोषित कर दिया है. आने वाले तीन-चार दिनों में 52 और तालुकाओं को इस लिस्ट में जोड़ा जाएगा. इसके बाद बचे हुए लगभग 50 अन्य तालुकाओं में जमीनी हकीकत की जांच की जाएगी. कुल मिलाकर राज्य के 200 से ज्यादा ब्लॉक सूखा-प्रभावित घोषित हो सकते हैं.

मौसम के खत्म होने तक चलती रहेगी जांच

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “जब तक मानसून का मौसम पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक स्थिति की जांच लगातार चलती रहेगी. जिन तालुकाओं (जैसे जगलुरु) को अभी शामिल नहीं किया गया है, अगर वे सरकार के नियमों को पूरा करेंगे तो उन्हें भी बाद में सूखाग्रस्त घोषित कर दिया जाएगा.”

परेशान होने की जरूरत नहीं’

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “अगर किसी का ब्लॉक अभी तक लिस्ट में शामिल नहीं हुआ है, तो लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है.” परमेश्वर ने बताया कि सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट के पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों पर कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए राज्य विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है.

उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान सूखे से हुए नुकसान, किसानों को मदद और केंद्र सरकार से मांगी जाने वाली राहत पर चर्चा की जाएगी, साथ ही विपक्ष की राय पर भी विचार किया जाएगा. केंद्र से सूखा राहत और किसानों के कर्ज माफी की मांग पर भी चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विपक्ष को विश्वास में लेकर केंद्र सरकार के सामने कर्नाटक की मांगें रखना चाहती है.

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