घबराई सरकार तानाशाही पर उतर आई
देश केहर कोने में जनता आंदोलन केसमर्थन में आई, विपक्षी नेताओं को जगह-जगह रोका गया, दिल्ली जाने वाले रास्ते पर जबरदस्त बैरिकेडिंग

आप, सीपीआई दलों, टीएमसी, शिवसेना यूबीटी व कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा, फिल्मी दिग्गजों ने भी सरकार को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सीजेपी के आंदोलन में पूरा देश शामिल हो गया है यूपी, पंजाब, मप्र से लेकर दक्षिणी राज्यों में लोग सीजेपी के पक्ष में उतर रहे हैं। लोगों के हुजूम को देखते हुए राज्यों की पुलिस मुस्तैद हो गई है। जगह-जगह छापेमारी करके सीजेपी कार्यकर्ताओं समेत आम लोगों को प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है।
दिल्ली जाने वाले बार्डर राज्यों के रास्तों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कई ट्रेनों व बसों का संचालन रद कर दिया गया है। उधर सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर पूरे विपक्ष ने एनडीए की मोदी सरकार को घेर लिया। वहीं विपक्ष के कई नेताओं को डिटेन कर लिया गया है। विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार घबरा गई और तानाशाही कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बंद रहे मेट्रो स्टेशन
दिल्ली में कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो स्टेशन बंद रखने के मामले में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। याचिकाकर्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के नौ अक्तूबर के निर्देश का पालन नहीं किया। याचिका में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन समेत अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि कथित तौर पर अदालत के आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा था कि 10 अक्तूबर को प्रदर्शन के कारण दिल्ली आने वाली मेट्रो और भारतीय रेलवे की ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कहा था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां जरूरी कदम उठा सकती हैं, लेकिन आम नागरिकों को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

वृंदा करात, पिनाराई विजयन, जॉन ब्रिटास सहित सीपीआई के 9 नेता डिटेन :
जंतर-मंतर की तरफ मार्च निकालने की कोशिश कर रहे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के 9 नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। जिन नेताओं को डिटेन किया गया है। उनमें बेबी, वृंदा करात, पिनाराई विजयन, जयराजन, गोविंदन, शैलजा, बालगोपाल और जॉन ब्रिटास शामिल हैं। सीपीआई ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सोशल मीडिया पोस्ट कर हिरासत की जानकारी दी है। कम्युनिस्ट पार्टी ने लिखा, सीजेपी नेता अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया, इससे पहले कि वे विरोध प्रदर्शन वाली जगह तक पहुंच पाते। ध्रुव राठी को गुरुग्राम में हिरासत में लिया गया। सीजेपी नेता सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।
ज्ञानेश कुमार से कौन सवाल करेगा : सीपीआईएम
सीपीआईएम ने कहा,उनका गुनाह क्या था? चुनाव आयोग के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आना। मोदी सरकार अब यह तय करना चाहती है कि दिल्ली में कौन आ सकता है, कौन विरोध कर सकता है और कौन ज्ञानेश कुमार से सवाल पूछ सकता है। कम्युनिस्ट पार्टी ने चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा है। सीपीआईएम ने कहा कि चुनाव आयोग का बचाव अब इसी स्तर पर आ गया है। सीपीआईएम ने मांग की कि लोकतंत्र को तुरंत बहाल किया जाए। ज्ञानेश कुमार को हटना ही होगा।
हालात इमरजेंसी से भी बदतर हैं : अरविंद केजरीवाल
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं और कई लोगों को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में ‘काला आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है आप के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल, दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने अलग-अलग बयान जारी कर कहा कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए जा रहे हैं।
सौरभ का आरोप- केजरीवाल का घर किले में बदला
आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के आवास को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह घेर लिया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल जी के घर को दिल्ली पुलिस ने किले में बदल दिया है. देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल जी के घर को दिल्ली पुलिस ने किले में बदल दिया है। देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में जाम से वाहनों की लंबी कतारें, हजारों लोग फंसे
दिल्ली-एनसीआर में प्रमुख हाईवे व मार्गों पर भीषण जाम लग गया है। जाम लगने से हजारों लोग फंस गए हैं। हालांकि, रोजाना के मुकाबले आज दिल्ली-एनसीआर की सडक़ों पर कम लोग ही दिख रहे हैं। रजोकरी बॉर्डर से सरहौल बॉर्डर तक भीषण जाम लग गया है। यहां पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यूपी गेट पर दिल्ली पुलिस द्वारा वाहनों की जांच की जा रही है। इस वजह से एनएच-9 की सर्विस रोड पर जाम लग गया है।दिल्ली पुलिस ने बदरपुर फ्लाईओवर को बंद किया है। वाहन नीचे से गुजरे रहे हैं।हाईवे पर जाम की स्थिति बनी हुई है, जिस वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई है।
युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बेहद घबराए हुए हैं : जयराम
कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बेहद घबराए हुए हैं। पार्टी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा देना ‘‘नैतिक रूप से जरूरी’’ हो गया है। विपक्षी दल ने यह भी कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाना जरूरी है, क्योंकि इसके कारण पहले ही करीब 14 करोड़ भारतीय मताधिकार से वंचित हो चुके हैं। उसने कहा कि एसआईआर पर रोक से चुनाव प्रणाली में लोगों का विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी। कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि देश की राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है और हर जगह हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री (नरेन्द्र मोदी-अमित शाह) की जोड़ी युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से बुरी तरह घबराई और बौखलाई हुई है। ये युवा संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले अपने मताधिकार को छीनने की सुनियोजित कोशिश को लेकर गहरी चिंता में हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) कुमार ने अपनी नियुक्ति के समय उन्हें ‘‘विनाशकारी जोड़ी’’ की ओर से दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन किया। रमेश ने कहा कि दिसंबर 2023 में उन्हें आजीवन कानूनी संरक्षण देने वाला कानून संसद में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित किए जाने के दौरान जबरन पारित कराया गया था। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा देना नैतिक रूप से जरूरी हो गया है, जिन्होंने उच्चतम न्यायालय के सामने भी झूठ बोला है। लेकिन यह हमारे लोकतंत्र की बुनियाद को फिर से मजबूत करने की दिशा में केवल पहला कदम है। यह सभी लोगों, खासकर युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।’’ रमेश ने कहा, ‘‘एसआईआर पर रोक लगाना जरूरी है, क्योंकि इसके कारण पहले ही करीब 14 करोड़ भारतीयों को मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। एसआईआर पर रोक से हमारी चुनाव प्रणाली पर से लोगों का भरोसा बहाल होगा।’’ उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली है।
नए अंग्रेजों से जंग : पप्पू यादव
बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संघर्ष की तारीफ की है। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों से राहुल गांधी वोट चोरी और छात्रों के मुद्दों पर, जबकि प्रियंका गांधी लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं। पप्पू यादव ने कहा कि अब देशभर का विपक्ष एकजुट है और बच्चों के साथ जेनजी तथा जेन अल्फा जैसी नई पीढिय़ां भी लोकतंत्र की लड़ाई में शामिल हो रही हैं. उन्होंने इस संघर्ष को नए अंग्रेजों और तानाशाही के खिलाफ युद्ध करार दिया। सांसद पप्पू यादव ने मौजूदा राजनीतिक हालात की तुलना औपनिवेशिक दौर से करते हुए कहा कि यह लड़ाई नए अंग्रेजों और तानाशाही सरकार के खिलाफ है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संघर्ष को लेकर डर रहा है और अब बच्चों तथा युवाओं की भागीदारी से भी उसे चिंता हो रही है।
दो डरपोक, 40 हजार गुलाम : अनुराग
ब़लीवुड के कई दिग्गजों ने इस प्रोटेस्ट को अपना समर्थन दिया है। वहीं इस बीच अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जानेवाले फिल्ममेकर और एक्टर अनुराग कश्यप ने सरकार पर निशाना साधा है। बता दें कि सीजेपी प्रोटेस्ट के बीच अनुराग कश्यप ने अपने इंस्टा पर पोस्ट कर सरकार पर इनडायरेक्टली तीखा हमला किया है अनुराग कश्यप ने ओपनी पोस्ट में लिखा है, दो डरपोक, 40 हजार गुलाम, लाखों बहादुर अनुराद कश्यप की ये पोस्ट अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है।



