नहीं रुक रहा कमरा नंबर 12 में ‘सर्टिफिकेट का खेल’
रिश्वतखोर बाबू कर रहा खुलेआम धन उगाही

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क/ मो. शारिक
लखनऊ। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कमरा नंबर 12 से एक बार फिर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि यहां तैनात बाबू हिमांशु श्रीवास्तव जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े कामों में खुलेआम धन उगाही कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार सर्टिफिकेट से संबंधित रिपोर्ट लगाने के नाम पर आम जनता और अधिवक्ताओं से हजारों रुपये तक की मांग की जा रही है। काम कराने के लिए आने वाले लोगों का आरोप है कि बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाती, जिससे लोगों को बार-बार नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब बाबू हिमांशु श्रीवास्तव पर इस तरह के आरोप लगे हों।

नगर निगम की ढीली कार्रवाई के कारण मामला ठंडे बस्ते में
पूर्व में भी उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लग चुके हैं, लेकिन नगर निगम की ढीली कार्रवाई के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया और अब फिर वही हालात सामने आ रहे हैं। जिस व्यक्ति को सर्टिफिकेट से जुड़ा काम सौंपा गया है, वह अक्सर अपनी सीट से गायब रहता है। सूत्रों के मुताबिक वह नशे का आदी हो चुका है, जिसके चलते जब मन होता है तभी दफ्तर आता है और जब मन नहीं होता तो पूरा दिन गायब रहता है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
‘दस हजार की जगह 3 हजार में हुआ काम’
एक अधिवक्ता ने बयान दिया कि वह एक सर्टिफिकेट कैंसिल कराने आया था जिसका मुझसे एक प्राइवेट कर्मचारी ने दस हजार बताया जिसके बाद मैने उस व्यक्ति से बहस हुई उतनी देर में हिमांशु श्रीवास्तव जो कि स्वास्थ्य विभाग के बाबू है जिनसे मेरी बात 3 हजार रूपये में तय हो गई और मेरा काम कर दिया लेकिन मुझे पता है इतने पैसे नहीं पड़ते है फिर भी मेरे क्लाइंट की मजबूरी थी जो मुझे देना पड़े अधिवक्ता ने कहा कि खुली लुट मची है कौन बाबू है कौन प्राइवेट में है वहां पर कुछ पता नहीं चलता सिर्फ पैसा चलता है 12 नंबर कमरे में।
परिसीमन व महिला आरक्षण को लेकर सियासी बवाल जारी
भाजपा ने विपक्ष को घेरा, कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना
महिला आरक्षण को परिसीमन से जोडऩे की भाजपा की रणनीति अनुचित : खरगे
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। परिसीमन व महिला आरक्षण को लेकर सियासी बवाल थम नहीं रहा है। जहां भाजपा विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है वही कांग्रेस भी उसे घेरने में पीछे नही हट रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोडऩे की भाजपा की रणनीति की कड़ी आलोचना की, इसे तमिलनाडु जैसे जनसंख्या नियंत्रण में सफल राज्यों को दंडित करने वाला एक खतरनाक खेल और धोखा बताया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने इस दक्षिण-विरोधी विधेयक को विफल कर दिया, जो संघीय ढांचे के लिए खतरा था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को 11 की जनगणना पर आधारित परिसीमन से जोडऩे की आलोचना करते हुए इसे एक खतरनाक खेल बताया, जो जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए तमिलनाडु जैसे राज्यों को दंडित करता है। 21 अप्रैल को तमिलनाडु के वेलाचेरी में एक चुनावी रैली में बोलते हुए, खरगे ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खारिज होने का स्वागत किया।
जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर महिला आरक्षण को जानबूझकर टालने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं सोनिया और राहुल गांधी की तत्काल कार्यान्वयन की मांगों को नजरअंदाज किया गया। कांग्रेस के अनुसार, सरकार अब इस महत्वपूर्ण सुधार में देरी के लिए विवादास्पद परिसीमन प्रक्रिया का बहाना बना रही है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी की बार-बार की मांगों के बावजूद, विवादास्पद परिसीमन प्रक्रिया से महिलाओं के आरक्षण को जोडक़र जानबूझकर इसके कार्यान्वयन में देरी कर रही है। एक्स पर एक पोस्ट में, रमेश ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के पूर्व पत्रों का हवाला देते हुए आरक्षण को तत्काल लागू करने की पार्टी की निरंतर मांग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र ने विधेयक पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने से इनकार कर दिया। खडग़े ने कहा कि भाजपा सरकार ने 11 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को महिला आरक्षण से जोडक़र एक खतरनाक खेल खेलने की कोशिश की। इसका मतलब है तमिलनाडु जैसे राज्यों को दंडित करना, जिन्होंने सफलतापूर्वक जनसंख्या नियंत्रण किया। विपक्ष एकजुट रहा, दिल्ली में कांग्रेस ने आगे बढक़र नेतृत्व किया, और डीएमके, टीएमसी, एसपी सभी ने कंधे से कंधा मिलाकर विधेयक को विफल किया।
खरगे ने स्टालिन की प्रशंसा की
खरगे ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की प्रशंसा करते हुए कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विधेयक के खिलाफ आवाज उठाने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि यह जनविरोधी और दक्षिण विरोधी है, इसलिए उन्होंने विधेयक को फाडक़र जला दिया। यह देश के हर नागरिक की जीत है। यह संघवाद और न्याय की जीत है। हमने पंचायत और स्थानीय निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। यह कांग्रेस की उपलब्धि है, प्रधानमंत्री मोदी की नहीं।
सन 18 में ही कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी ने को प्रधानमंत्री मोदी को लिखा था पत्र : जयराम रमेश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी ने 16 जुलाई, 18 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग की थी। आठ साल बाद भी, प्रधानमंत्री परिसीमन से जोडक़र आरक्षण के कार्यान्वयन में देरी करने के इच्छुक हैं और उन्होंने अभी तक इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की है। रमेश ने पहले के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि 2017 में, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में श्रीमती सोनिया गांधी ने भी महिला आरक्षण विधेयक पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। कांग्रेस पार्टी का रुख अडिग और अपरिवर्तित रहा है। यह मोदी सरकार ही है जिसने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया और फिर परिसीमन से जोडक़र इसमें देरी करने की कोशिश की।
बीजेपी का पूरा कंट्रोल इसलिए चुप हैं नीतीश कुमार: राहुल गांधी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा, जिन्होंने पिछले सप्ताह इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नीतीश कुमार को समझौतावादी बताते हुए आरोप लगाया कि जेडीयू प्रमुख के पिछले कार्यों ने भाजपा को उन पर पूरी तरह से नियंत्रण करने की अनुमति दी।
गांधी ने राज्यसभा सांसद नीतीश पर हमला तब किया जब कांग्रेस नेता तमिलनाडु के थूथुकुडी में एक चुनावी रैली में भाषण दे रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीतीश को मुख्यमंत्री पद से हटाने में इसलिए सफल रही क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री रिश्वतखोर थे और राज्यसभा भेजे जाने के बाद उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश ने बिहार से राज्यसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद 14 अप्रैल को इस्तीफा दे दिया था। जेडीयू नेता का नाम लिए बिना, कांग्रेस नेता ने कहा कि देखिए बिहार में हाल ही में क्या हुआ है। बिहार के मुख्यमंत्री को हटाकर उनकी जगह भाजपा के एक व्यक्ति को बिठा दिया गया है। क्यों? क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री भ्रष्ट हैं। उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा और चुपचाप राज्यसभा चले गए। बिहार का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने तमिलनाडु के लिए भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की और कहा कि भाजपा एक ऐसी राज्य सरकार चाहती है जिस पर उनका पूर्ण नियंत्रण हो।
गांधी ने आगे कहा कि क्योंकि उनके पिछले कार्यों ने भाजपा को उन पर पूर्ण नियंत्रण रखने का अवसर दिया। तमिलनाडु में भी वे यही करना चाहते हैं। वे एक ऐसी सरकार चाहते हैं जिस पर उनका पूर्ण नियंत्रण हो। वे एक ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं जो उनकी हर बात माने। और हम उन्हें ऐसा कभी नहीं करने देंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पेश करना होगा बहुमत
24 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में फ्लोर टेस्ट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नवगठित भाजपा-आधारित एनडीए सरकार का 24 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में फ्लोर टेस्ट होगा। कई घटक दलों की मजबूत स्थिति को देखते हुए सरकार के फ्लोर टेस्ट में आसानी से पास होने की उम्मीद है।
बांकीपुर विधानसभा सीट अभी खाली है क्योंकि इसके विधायक नितिन नबीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बाद में राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। ऐसे में राज्य विधानसभा में एनडीए विधायकों की संख्या 2०1 है, जबकि विपक्ष के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में 41 विधायक हैं। हालांकि, विपक्ष नई सरकार पर हमले करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। केंद्र और बिहार सरकारें भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 मई को दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। राज्य के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हो सकते हैं। बैठक में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार भी उपस्थित रहेंगे।
राहुल की जगह प्रियंका को कमान सौंपे कांग्रेस: तेज प्रताप
लालू के बड़े पुत्र बोले- इंदिरा गांधी जैसी हैं वायनाड की सांसद
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी को कांग्रेस की कमान सौंपने की वकालत की है, और उन्हें इंदिरा गांधी जैसा बताया है। यह टिप्पणी राहुल द्वारा नीतीश कुमार की आलोचना के जवाब में आई है, जो बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ रही है।
जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व के लिए प्रियंका गांधी की वकालत करते हुए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की पार्टी का नेतृत्व करने की क्षमता पर अविश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केवल प्रियंका गांधी ही इसे चला सकती हैं; वह इंदिरा गांधी जैसी हैं। राहुल गांधी से चलने वाला नहीं है, यात्रा पर जाकर, बुलेट पर बैठकर। नीतीश कुमार जी चले गए, कोई और मुख्यमंत्री बन गया, उनका मकसद क्या है? तेज प्रताप यादव की यह टिप्पणी राहुल गांधी के उस आरोप के जवाब में आई है जिसमें उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख नीतीश कुमार के राज्य की राजनीति से हाल ही में बाहर निकलने के बाद उन्हें समझौते में फंसा हुआ बताया था। भाजपा के सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार की जगह बिहार के मुख्यमंत्री का पद संभाला। यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए गए हैं। इसी साल जनवरी में, कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है और राहुल गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को बाहर निकालना चाहते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि वे लोकप्रिय और अनुभवी नेताओं के साथ सहयोग करने में असहज महसूस करते हैं।
अहमद ने एएनआई से कहा कि कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं जो राहुल गांधी के राजनीति में आने से बहुत पहले से राजनीति में हैं। जिस दिन राहुल गांधी जी ने अपना पहला चुनाव जीता, उसी दिन मैंने अपना पांचवां चुनाव जीता। मेरा मानना है कि वे उन लोगों के साथ बैठने में असहज महसूस करते हैं जो उन्हें अपना मुखिया नहीं मानते। मुझे यह लंबे समय से महसूस होता रहा है, लेकिन जब आप पार्टी में रहते हैं तो ऐसी बातें नहीं कहते।



