बांदा मेडिकल कॉलेज में लापरवाही का आरोप, इलाज के अभाव में युवक की मौत
बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में इलाज में लापरवाही के आरोप के बीच युवक की मौत हो गई। परिजनों ने डीएम से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे एक परिवार को जब खाली हाथ लौटना पड़े, तो सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का बन जाता है। बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में इलाज में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जहरीला पदार्थ खाने के बाद अस्पताल में भर्ती
ग्राम पडुई निवासी राजबहादुर के अनुसार, उनके पुत्र रामजी साहू ने 15 अप्रैल को जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां उसे भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिला।
“घंटों तक डॉक्टर नहीं आए”, परिजनों का आरोप
परिवार का कहना है कि भर्ती के बाद कई घंटों तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। देर रात तक केवल नर्स और वार्ड बॉय ही मरीज को संभालते रहे, जबकि उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने रामजी को किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर करने की मांग की, तो उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
अगले दिन ICU में मिली मौत की खबर
परिवार के मुताबिक 16 अप्रैल को जब वे आईसीयू पहुंचे, तो रामजी की मौत हो चुकी थी। इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि मृतक की हाल ही में शादी हुई थी, जिससे घर में खुशी का माहौल था, जो अब मातम में बदल गया है। मृतक के रिश्तेदार जितेंद्र राज ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान जांच के नाम पर करीब 8 हजार रुपये लिए गए, लेकिन कौन-कौन सी जांच हुई और उसके क्या परिणाम रहे, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी परिवार को नहीं दी गई।
डीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना से नाराज परिजन जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट -इक़बाल खान
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