नोएडा में 5 लोगों की मौत की जांच तेज, 8 ऑडियो से जुड़े नए सवाल
ग्रेटर नोएडा के नगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ग्रेटर नोएडा के नगला पदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आई आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
शुरुआती जांच में परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर विवाद की बात सामने आई है। साथ ही, ऑनलाइन सोडियम नाइट्रेट मंगाने से जुड़ी जानकारी भी पुलिस की जांच का हिस्सा है। पुलिस अब इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मौतों की असली वजह का पता लगाने में जुटी है।
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला पदम गांव में 17 अक्टूबर को महेश, उसकी पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए। आखिर परिवार के साथ ऐसा क्या हुआ?
पांचों की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या इसके पीछे कोई पारिवारिक विवाद था या घटना की वजह कुछ और है? पुलिस इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है।
घटना के बाद से ही पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और जानकारी को जोड़कर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि मौतों से पहले परिवार में क्या चल रहा था और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई।
आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग में बहन-जीजा का जिक्र
पुलिस की जांच में सामने आया है कि महेश ने करीब 20 दिनों के दौरान आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग की थीं और उन्हें अपने दूसरे मोबाइल फोन पर भेजा था. इन रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर उसने अपनी बहन और जीजा पर आरोप लगाए. हालांकि, किसी भी रिकॉर्डिंग में उसने अपनी मां चंद्रावती को जिम्मेदार नहीं ठहराया.
रिकॉर्डिंग में किन परिस्थितियों में ये बातें कही गईं, महेश किस बात को लेकर नाराज था और उसकी बहन-जीजा के साथ किस तरह का विवाद चल रहा था, ये सभी बिंदु जांच का हिस्सा हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिकॉर्डिंग में मां का नाम नहीं आने का क्या कारण था. यह पहलू भी महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि ग्रामीणों के मुताबिक, चंद्रावती ने संपत्ति अपनी दोनों बेटियों के नाम की थी.
मां ने बड़ी बेटी के नाम किया था मकान
पांचों की मौत के मामले में संपत्ति विवाद का पहलू भी सबसे पहले सामने आया. महेश गांव की जमीन के मुआवजे और दिल्ली स्थित पुराने पुश्तैनी मकान को लेकर परेशान था. वह अपने परिवार के साथ इसी मकान में रहता था.
उसकी मां चंद्रावती ने 18 अगस्त 2025 को यह मकान अपनी बड़ी बेटी सुनीता के नाम कर दिया था. इसी बात को लेकर महेश अपनी मां से नाराज था. इससे पहले भी उसने अपनी मां से आत्महत्या करने की बात कही थी.
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने महेश, ललिता और उनके तीनों बच्चों की मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए पांचों शवों का विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए गाजियाबाद की प्रयोगशाला भेजा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके शरीर में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं और कौन-सा रसायन उनकी मौत का कारण बना.
आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही पुलिस
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार ने बताया कि पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मृतक महेश का मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है. उसमें मौजूद आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग, ऑनलाइन खरीदारी और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.
वहीं, महेश के ट्रेडिंग से जुड़े कामकाज और अन्य डिजिटल जानकारी को भी जांच में शामिल किया गया है. इन साक्ष्यों का आपस में मिलान करने के बाद ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.



