बच्चों की मौत पर छलका दर्द, ग्रामीण बोले- अब सरकार से भी भरोसा उठ गया
राजस्थान के झुंझुनू जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राजस्थान के झुंझुनू जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
सड़क निर्माण का काम कर रहे 8 मजदूरों की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र के छापौली गांव में हुआ। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं, ग्रामीणों का गुस्सा भी खुलकर सामने आ गया है। लोगों ने इस हादसे के बाद व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं।
सड़क निर्माण के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह छापौली गांव में कदम कुंड की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था। इस काम में कई मजदूर लगे हुए थे। सड़क बनाने के लिए मौके पर मिक्सर मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसी दौरान अचानक मिक्सर मशीन ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन के संपर्क में आते ही उसमें करंट फैल गया। इसकी चपेट में आने से वहां काम कर रहे 8 श्रमिकों की जान चली गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जिस जगह कुछ देर पहले तक सड़क निर्माण का काम चल रहा था, वहां अचानक चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया।
हादसे के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि हमारे गांव में न तो सड़क है और ना ही मोबाइल का नेटवर्क. आपसी चंदे के सहयोग से सड़क बनाने का काम शुरू किया तो उसको बार-बार रोका गया. हाथ जोड़कर फिर से काम शुरू करवाया. 8 बच्चे ही नहीं मरे, अब सरकार इस गांव के लिए मर चुकी है. चाहे कोई भी काम हो.
ग्रामीण सालों से कर रहे सुविधाओं का इंतजार
गांव वालों ने कहा कि वो सालों से सड़क, मोबाइल नेटवर्क और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं. कमद कुंड में शिव मंदिर, गणेश मंदिर, कुंड आदि के विकास काम और मरम्मत आदि भी गांव वालों ने अपने पैसे से करवाया है. कदम कुंड में हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते है, लेकिन यहां तक सड़क बनवाने के लिए ग्रामीण चंदा जुटा रहे हैं.
कदम कुंड है प्रसिद्ध
दरअसल, कदम कुंड तक जाने वाले रास्ता लंबे समय से क्षतिग्रस्त था. सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय गांव वालों ने चंदा जुटाया और सीसी सड़क बनाने का निर्णय लिया. इसी के निर्माण के दौरान आठ श्रमिकों की जान चली गई. छापौली का कदम कुंड धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है. यहां प्राकृतिक कुंड में कदम के पेड़ों की जड़ों से पानी आता है.
परिसर में महादेव और दुर्गा मां समेत कई देवी-देवताओं के मंदिर हैं. सावन के महीन में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. बारिश में पहाड़ियों से गिरते झरने और प्राकृतिक जलधराओं से पर्यटक आकर्षित होते हैं. इसके बाद भी यहां बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं.



