महाराष्ट्र में SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, चुनाव आयोग से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर ECI और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर ECI और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. इसमें आरोप लगाया है कि 9 करोड़ में से 33% और कुछ क्षेत्रों में 40% वोटरों के नाम हटाए गए.

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची के ‘विशेष सघन पुनरीक्षण’ (SIR) को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्वाचन आयोग, महाराष्ट्र मुख्य निर्वाचन कार्यालय और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि 9 करोड़ में से 33% और कुछ क्षेत्रों में 40% मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जिनके लिए फॉर्म 6 भरने के अलावा कोई प्रावधान नहीं है.

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जज वी. मोहना कीबेंच ने इस मामले की सुनवाई की. याचिकाकर्ता अरुण की ओर से वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने कहा कि 9 करोड़ में से 33% लोगों के नाम पूरी तरह हटा दिए गए हैं. पुणे और बॉम्बे में 40% मतदाता सूची से गायब हैं. लोगों से ‘फॉर्म 6’ भरने को कहा जा रहा है, लेकिन जो व्यक्ति 3-4 चुनावों से मतदाता रहा है, उसके लिए कोई प्रावधान नहीं है.

1.22 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का दावा

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया गया कि मुंबई और पुणे में पुनर्विकास के कारण अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हुए लोगों को ‘व्यक्ति नहीं मिला’ कहकर लिस्ट से बाहर कर दिया गया, जिससे इन शहरों में करीब 40% तक नाम कट गए हैं. इसके अलावा दावा किया कि अन्य 1.22 करोड़ मतदाताओं के नाम ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ (तार्किक विसंगति) के आधार पर हटाए गए हैं.

सीजेआई ने कहा कि क्या कोई और मामला भी लंबित है? दातार ने कहा कि मैंने पिछली बार भी इसका जिक्र किया था. उन्हें नवंबर तक सूची को अंतिम रूप न देने दें. इसे टाल दिया जाए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, दावों और आपत्तियों के लिए दस्तावेज जमा करने की अंतिम तारीख को बढ़ाने से इनकार कर दिया है.

मामले में अब 5 नवंबर को होगी सुनवाई

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि नोटिस जारी करें. हाथों-हाथ नोटिस देने के आदेश को तामील किया जाए.साथ हीआश्वासन दिया कि फॉर्म-6 भरकर दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी वोटर पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.वहीं, सुप्रीम कोर्ट अब दिवाली की छुट्टियों के तुरंत बाद इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. अदालत अब इस मामले में 5 नवंबर को सुनवाई करेगा.

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