‘मैं बेल पर हूं’ राहुल के इस बयान से मचा सियासी घमासान, सकपका उठे मोदी

सीएम ममता को हराने के लिए रैली पर रैली की जा रही है। पक्ष-विपक्ष आमने-सामने है। इसी बीच पश्चिम बंगाल पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया जो की चर्चा में बना हुआ है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बंगाल चुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर है। एक तरफ जहाँ मोदी-शाह जैसे बड़े नेता अपने खेमे को मजबूती दिलवाने और भाजपा को जितवाने के लिए एक के बाद एक पैंतरे अपना रहे हैं।

सीएम ममता को हराने के लिए रैली पर रैली की जा रही है। पक्ष-विपक्ष आमने-सामने है। इसी बीच पश्चिम बंगाल पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया जो की चर्चा में बना हुआ है।

उन्होंने भाजपा और मोदी को घेरते हुए तीखा प्रहार किया है। पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली के दौरान एक कार्यक्रम में कहा, “मैं बेल पर हूं, मोदी जी ने मेरा बंगला छीन लिया।” उन्होंने कहा कि उनके ऊपर 36 केस हैं, हर 10-15 दिन में नया केस लग जाता है, ईडी ने उनसे 55 घंटे पूछताछ की और वे बेल पर बाहर घूम रहे हैं।

राहुल गांधी जो मुद्दा उठा रहे हैं इस पूरे मामले की जड़ 2023 में है। उस साल राहुल गांधी ने एक भाषण में कहा था कि “सभी चोरों का सरनेम मोदी है।” सूरत की अदालत ने उन्हें मानहानि का दोषी ठहराया और दो साल की सजा सुनाई।

इसी वजह से उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई। तब सरकार ने दिल्ली का उनका सरकारी बंगला खाली करवा लिया, जो वे 2005 से इस्तेमाल कर रहे थे। राहुल ने इसे “सच्चाई की कीमत” बताया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी और सदस्यता वापस मिल गई, लेकिन राहुल अब भी इस घटना को याद दिलाकर कहते हैं कि मोदी सरकार विपक्ष को दबाने के लिए बंगला छीन लेती है।

अब राहुल गांधी बंगाल की रैलियों में इसे दोहरा रहे हैं। उनका कहना है कि वे मोदी और आरएसएस से 24 घंटे लड़ते हैं, इसलिए उन पर केसों की बौछार हो रही है। वे बेल पर हैं, घर छीन लिया गया, लोकसभा से बाहर किया गया। फिर भी वे डरे नहीं हैं।

राहुल ने ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि बंगाल में शारदा और रोज वैली जैसे बड़े घोटाले हुए, फिर ममता जी पर क्यों कोई केस नहीं? उनका घर क्यों नहीं छीना गया? राहुल का आरोप है कि मोदी और ममता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों सत्ता के लिए युवाओं को नौकरी नहीं देते, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं, लेकिन कांग्रेस पर हमला करते हैं।

यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा है। राहुल कांग्रेस को असली विपक्ष बता रहे हैं और कह रहे हैं कि बीजेपी टीएमसी से डरती नहीं, कांग्रेस से डरती है। टीएमसी ने जवाब में कहा कि राहुल कुत्ते को बिस्किट खिला रहे थे, जबकि उनके नेता एजेंसियों के सामने पेश हो रहे हैं। कुल मिलाकर, यह पूरा मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का है।

राहुल खुद को शिकार बताकर लोगों का समर्थन जुटाना चाहते हैं, जबकि सरकार कहती है कि कानून सब पर बराबर लागू होता है। यह बयान दिखाता है कि विपक्षी नेता अक्सर ऐसे मुद्दों को उठाकर अपनी लड़ाई को मजबूत करते हैं। आपको बता दें कि इस चुनावी मौसम में राहुल गाँधी लगातार एक्टिव नजर आ रहे हैं और भाजपा की उनपर एक नहीं चल रही है।

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