योगी जी! ऐसे ही बचेगी बेटी और पढ़ेगी बेटी
सरकार के नाक के नीचे नाबालिग बच्चियों का शोषण बाराबंकी से लखनऊ तक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप

पुलिस ने शुरू की कथित नेटवर्क की जांच
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ केअभियान में जुटी है योगी सरकार तो दूसरी ओर सरकार की नाक नीचे राजधानी में नाबालिग बच्चों को गलत धंधे में धकेलने का काम किया जा रहा है। हालांकि पुलिस को जब इसका पता चला तो उसने जांच करके नेटवर्क की छानबीन शुरू कर दी है।
बता दे बाराबंकी के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर लखनऊ ले जाने और चारबाग क्षेत्र के कुछ होटलों में कथित रूप से देह व्यापार में धकेले जाने के आरोपों ने पुलिस जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले में सौरभ मिश्रा, शालू यादव और शिवानी वर्मा के नाम सामने आए हैं। पुलिस कथित नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
परिजनों के मुताबिक, नाबालिग बच्ची घर से यह कहकर निकली थी कि वह बिलहारा पावर हाउस के पास स्थित पेपर मिल में एक परिचित के घर जा रही है। काफी समय तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची के पिता का आरोप है कि शिवानी वर्मा उसे महमूदाबाद स्थित संकटा देवी मेले में ले जाने के बहाने अपने साथ लेकर गई थी। इसके बाद बच्ची को लखनऊ ले जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान लखनऊ के थाना विस्तार के अंतर्गत खरगापुर क्षेत्र में रहने वाले सौरभ मिश्रा और शालू यादव के नाम सामने आए।
अपार्टमेंट से बरामद हुई नाबालिग
मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब नाबालिग के लखनऊ के खरगापुर क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में होने की जानकारी गौतमपल्ली थाने की पुलिस को मिली 1090 चौराहे से पुलिस परिजनों के साथ पहुंची खरगापुर जहाँ से बच्ची को बरामद किया परिजनों के अनुसार, बच्ची ने कथित तौर पर चोरी से अपने पिता के मोबाइल नंबर पर फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को अपार्टमेंट में रोका गया था। इसी दौरान वहां मौजूद सौरभ मिश्रा से कहासुनी होने की बात सामने आई। इसके बाद सौरभ मिश्रा द्वारा 112 पर फोन कर अपहरण की सूचना दिए जाने की जानकारी सामने आई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की। इसके बाद नाबालिग को सकुशल बरामद कर परिवार के सुपुर्द किए जाने की जानकारी है। मामले में गौतमपल्ली पुलिस की भूमिका भी सामने आई है।

छेडख़ानी और जातिसूचक शब्दों के आरोप
परिजनों ने सौरभ मिश्रा पर नाबालिग के साथ बंद कमरे में छेडख़ानी करने तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पुलिस मामले से जुड़े सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। परिजनों का आरोप है कि विवाद बढऩे के बाद सौरभ मिश्रा ने स्वयं 112 पर कॉल किया और पुलिस को बच्ची के अपने पास होने की सूचना दी। इससे पहले हुसडिय़ा चौराहे पर बुलाने और बाद में 1090 चौराहे पर बुलाने की बात भी सामने आई है।
कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच
बाराबंकी के जहाँगीराबाद थाने की पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग को बाराबंकी से लखनऊ लाने में किन लोगों की भूमिका रही और लखनऊ में उसे किन परिस्थितियों में रखा गया। साथ ही चारबाग क्षेत्र के होटलों से जुड़े कथित नेटवर्क के आरोपों की भी जांच की जा रही है। शिवानी वर्मा की भूमिका को लेकर भी पुलिस ने पूछताछ किया परिजनों का आरोप है कि वह सौरभ मिश्रा और शालू यादव के संपर्क में थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से युवतियों को लखनऊ लाने और उन्हें होटलों तक पहुंचाने में उसकी भूमिका थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
दो युवतियों समेत तीन गिरफ्तार
उधर, नाबालिग के अपहरण के मामले में बाराबंकी की जहांगीराबाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवतियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तीनों के खिलाफ नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस की जांच जारी है। कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और नाबालिग को लखनऊ लाए जाने के पीछे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। गौतमपल्ली पुलिस ने बाराबंकी के जहाँगीराबाद पुलिस को बुलाकर तीनों आरोपियों को ले गई बाराबंकी पुलिस पूरी घटना देर रात रविवार की।
सीजेपी प्रोटेस्ट : हाई पावर्ड कमेटी में बदलाव नहीं
सुप्रीम कोर्ट खारिज की याचिका
शीर्ष अदालत बोली- आरोप कल्पना पर आधारित
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए बनी हाई पावर्ड कमेटी में बदलाव की मांग सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। एक याचिका में कमेटी के कुछ सदस्यों की निष्पक्षता पर सवाल उठाया गया था।
कोर्ट ने कहा है कि आरोप अनुमान और कल्पना पर आधारित हैं, उनके पीछे कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है। जुलाई के महीने में दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में हुए छात्र प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस पर ज्यादा बलप्रयोग के आरोप लगे। मामले को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई थी. इस कमेटी को पूरे घटनाक्रम, पुलिस अधिकारियों की भूमिका और संपत्ति को हुए नुकसान की जांच करनी है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा था कि उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद कमेटी का गठन किया है। अब मामले में जारी लिखित आदेश में जजों ने कहा है कि कमेटी एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज के नेतृत्व में काम कर रही है। बिना किसी ठोस आधार के उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाना सही नहीं है. कोर्ट ने कहा कि कमेटी को उसका काम करने देना चाहिए।
प्रशांत भूषण ने दोबारा समिति बनाने की उठाई थी मांग
1०सितंबर को हुई मामले की पिछली सुनवाई में वकील प्रशांत भूषण ने समिति को दोबारा गठित करने की मांग की थी. उन्होंने कमेटी में सदस्य बनाए गए एक पूर्व डीजीपी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि पूर्व डीजीपी कुछ ऐसे मौजूद अधिकारियों के करीबी हैं, जो जांच के दायरे में है. इसलिए, उनकी मौजूदगी से से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
पीडि़तों व गवाहों की सुरक्षा का ध्यान रखें
लिखित आदेश में यह भी कहा गया है कि कमेटी जांच के दौरान समय-समय पर अंतरिम रिपोर्ट देगी. इसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट आगे जरूरी निर्देश जारी कर सकता है. इसके साथ ही कोर्ट ने कमेटी भी निर्देश दिया है कि वह पीडि़तों व गवाहों की सुरक्षा का ध्यान रखे और जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट दे।
ईडी ने की बड़ी कार्रवाई
अमृत ग्रुप के कोलकाता इंदौर में 17 ठिकानों पर रेड
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कोलकाता और मध्य प्रदेश के इंदौर में कई जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई निवेश से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई, जिसमें कई निवेशकों के साथ धोखाधड़ी हुई थी।
यह जानकारी अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत इन दोनों शहरों में अमृत ग्रुप की कंपनियों और उनके प्रमोटरों से जुड़ी लगभग 17 जगहों पर छापेमारी की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोप है कि कंपनियों के इस समूह और उनके निदेशकों ने ज्यादा रिटर्न का वादा करके अलग-अलग डिपॉजिट स्कीम के नाम पर आम लोगों से पैसे जमा किए, लेकिन वादा किया गया रिटर्न वापस नहीं किया।वहीं, अभी तक ईडी की इस कार्रवाई पर टिप्पणी के लिए कंपनी या उसके प्रमोटरों से तुरंत संपर्क नहीं हो सका।
जलभराव छिपाने के लिए भाजपा ने डलवाई रेत की बोरियां : अजय राय
वाराणसी में सीवर विवाद पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वाराणसी। वाराणसी में सीवर मैनहोल में रेत की बोरियां मिलने की घटना की जांच हो रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया है कि भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या से ध्यान हटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ये बोरियां वहां रखवाई थीं। राय ने वाराणसी में भारी जलभराव के मुद्दे पर बात करते हुए सवाल उठाया कि अधिकारियों को कैसे पता चला कि किस खास मैनहोल में रेत की बोरियां हैं।
अजय राय ने कहा कि उन्हें कैसे पता चला कि उसी खास मैनहोल से रेत की बोरियां निकालनी हैं? इससे साफ पता चलता है कि बीजेपी के लोगों ने ही वहां ये बोरियां रखवाई थीं। अगर ऐसा नहीं है, तो वहां 12 सीसीटीव कैमरे लगे हैं, फुटेज की जांच करें और सच सबके सामने आ जाएगा। रेत की बोरियां मिलने के बाद जल निगम ने एफआईआर र्ज कराई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को वाराणसी से वडनगर तक बीजेपी की प्रस्तावित सेवा संकल्प अभियान बाइक रैली पर टिप्पणी करते हुए, राय ने पार्टी को राजनीतिक अभियान चलाने के बजाय पूरे हो चुके शहरी बुनियादी ढांचे को दिखाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बड़े नेता यहां आ रहे हैं। अगर उनमें हिम्मत है, तो वे वाराणसी रोपवे में बैठकर उसका उद्घाटन करें। जन्मदिन समारोह के बहाने, ये लोग केवल चुनाव की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि वे हमेशा चुनावी मोड में रहते हैं। राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें कहा गया था कि 29 से पहले सभी बीजेपी-शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी।
न्होंने बीजेपी पर समाज को बांटने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करना जानते हैं। मस्जिदों को तोड़ा या निशाना बनाया जा रहा है, जैसा कि सहारनपुर में देखा गया, और तनाव भडक़ाने के लिए मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद को नोटिस भेजे जा रहे हैं। चाहे वे ष्टष्ट लाएं या त्रष्ट, उनका एकमात्र मकसद समुदायों को एक-दूसरे से लड़वाना है।
मेरठ: छह भवनों पर चला बुलडोजर, कार्रवाई जारी
मेरठ सेंट्रल मार्केट में चला ध्वस्तीकरण, भारी पुलिस फोर्स तैनात, व्यापारियों की अधिकारियों से वार्ता विफल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। 44 सील भवनों में से बुधवार को छह भवनों पर कार्रवाई की जा रही है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और बाजार की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी गई है।
सेंट्रल मार्केट में जारी ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बीच संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर भी मौके पर पहुंचे। उनके साथ कुछ लोग जैना ज्वेलर्स के मकान में मौजूद हैं। वहीं, एडीएम सिटी, एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर बैठे हुए हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच ध्वस्तीकरण कार्रवाई जारी है।
शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण कार्रवाई लगातार जारी है। कार्रवाई के दौरान एक कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर बुलडोजर लगातार भवनों को तोडऩे की कार्रवाई कर रहे हैं और भारी पुलिस बल तैनात है। इधर, व्यापारियों ने अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है। सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई के बीच कुछ व्यापारी अपने-अपने प्रतिष्ठानों के बाहर बैठे हुए हैं। व्यापारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बताया गया कि सुबह कुछ महिलाएं भी मौके पर पहुंची थीं। पुलिस ने उन्हें वहां से वापस लौटा दिया। इसके बाद महिलाएं कार्रवाई स्थल से लौट गईं।
मीडिया को कवरेज से रोका
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों को पुलिस ने मौके पर रोक दिया है। एसपी सिटी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई स्थल पर मीडिया की एंट्री और कवरेज को लेकर रोक लगाई जा रही है। मीडिया कर्मी इसका विरोध कर रहे हैं और अधिकारियों से कवरेज की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। यहां तक कि बच्चों को स्कूल छोडऩे जा रहे अभिभावक बच्चों को दूसरे रास्तों से लेकर गए।



