राम मंदिर चंदे में गबन पर जारी है घमासान
आरोपों पर विपक्ष भडक़ा, कांग्रेस ने पीएम मोदी को घेरा, संसद सत्र में कांग्रेस इस पर प्रधानमंत्री से सीधे जवाब मांगेगी

धार्मिक स्थल पर देश की सबसे बड़ी लूट : वेणुगोपाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर को मिले चंदे के कथित गबन के मामले में सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां विपक्ष इसको लेकर भाजपा पर हमलावर है वहीं एनडीए सहयोगी भी उसे घेर रहे है। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने शनिवार को अयोध्या के राम मंदिर को मिले चंदे और सोने के कथित गबन को लेकर केंद्र सरकार और संघ परिवार पर तीखा हमला बोला है। वेणुगोपाल ने इसे ‘‘भारत में किसी धार्मिक स्थल पर अब तक की सबसे बड़ी लूट’’ करार दिया।
उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आगामी संसद सत्र में कांग्रेस इस पर प्रधानमंत्री से सीधे जवाब मांगेगी। केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर मंदिर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह मामला सिर्फ पैसों की हेराफेरी का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।
वेणुगोपाल ने यह सवाल भी उठाया कि भाजपा की केरल इकाई इस मुद्दे पर चुप क्यों है। उन्होंने दावा किया कि यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि वे असली दोषियों को बचाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के संबंध में भी इसी तरह की लूट के आरोप सामने आ रहे हैं।

पूरे देश में मुद्दा उठा रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे को पूरे देश में उठा रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। इस लूट ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रभावित किया है। लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस मामले पर चुप हैं। केवल उत्तर प्रदेश पुलिस की एक एसआईटी गठित की गई है और इसके पीछे असली दोषियों को बचाने की मंशा है।’’ वेणुगोपाल ने दावा किया कि केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच से ही इस कथित लूट के असली दोषियों का पता चल सकेगा।
विहिप व आरएसएस ने श्रद्धालुओं से चंदे को खूब लूटा
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसे संघ परिवार के संगठनों ने पिछले 2०-25 वर्षों से मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं से चंदा एकत्र किया और अब उसी धन और सोने की लूट हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब मंदिर ट्रस्ट के उन पदाधिकारियों की जानकारी में हुआ, जिनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की निगरानी में की गई थी। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस ‘‘वास्तविक रूप से आस्तिक नहीं हैं।उन्होंने कहा, ‘‘उनकी दिलचस्पी केवल हिंदुओं के नाम पर लूट करने और वोटों के लिए लोगों को बांटने में है। यह सिर्फ लूट नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था पर हमला है।’’ वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लिए यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत भाजपा और आरएसएस ने ‘‘अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भगवान का इस्तेमाल किया।’
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों से श्रद्धालु आहत हैं, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई : एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की खबरों से राम भक्तों और श्रद्धालुओं को गहरा दुख पहुंचा है। विधान परिषद में मानसून सत्र के आखिरी दिन बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शेंगे नहीं। शिवसेना प्रमुख शिंदे ने जोर देकर कहा कि जनवरी 024 में उद्घाटित हुए इस भव्य राम मंदिर को मिलने वाले दान के प्रबंधन में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता का कोई भी व्यक्ति समर्थन नहीं कर सकता। विपक्ष द्वारा लाए गए अंतिम सप्ताह प्रस्ताव का जवाब देते हुए उन्होंने प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (उबाठा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि जो लोग आज अयोध्या मंदिर में कथित चोरी की आलोचना कर रहे हैं, उन्हीं के सहयोगियों ने देश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक, सिद्धिविनायक मंदिर को लूटने का पाप किया था। शिंदे ने सवाल उठाया कि जब मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर के दान पात्र को लूटा गया था, तब तत्कालीन सरकार ने इसकी जांच के आदेश क्यों नहीं दिए थे। उनका इशारा साफ तौर पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार की तरफ था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि हिंदुत्व कोई ऐसी टी-शर्ट नहीं है जिसे जब मन चाहे बदल लिया जाए।
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद फिर धमाके
हजार मिसाइलों वाली धमकी से ईरान भडक़ा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को एक हजार मिसाइलों की चेतावनी दिए जाने के कुछ ही समय बाद ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में धमाकों की आवाजें सुनाई देने से हडक़ंप मच गया।
धमाकों की खबर सामने आते ही अटकलों का दौर शुरू हो गया, हालांकि ईरान की ओर से शुरुआती प्रतिक्रिया में इन्हें नियंत्रित विस्फोट बताया गया है. फिलहाल धमाकों के कारण, किसी तरह के नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। न्यूज एजेंसी फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान प्रांत के पूर्वी इलाके से धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि एजेंसी ने यह नहीं बताया कि विस्फोट किस वजह से हुए या इनका संबंध किसी सैन्य गतिविधि से है या नहीं।
ये नियंत्रित विस्फोट थे कोई नुकसान नहीं : ईरान
धमाकों के बाद ईरानी अधिकारियों की ओर से शुरुआती प्रतिक्रिया में कहा गया कि ये नियंत्रित विस्फोट थे। हालांकि अभी तक इस बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, साथ ही किसी तरह के जान-माल के नुकसान या हताहत होने की भी पुष्टि नहीं हुई है।
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बिहार में भी बवाल
बीजेपी के नए उम्मीदवार पर राजद का निशाना
विपक्ष बोला- प्रत्याशी नीरज सिन्हा की जन्मतिथि गलत लिखी गई है
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार की हाई प्रोफाइल विधानसभा सीट बांकीपुर पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान होने के बाद से ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। नितिन नवीन की इस सीट पर जल्द ही मतदान होगा और नया विधायक तय किया जाएगा। इससे पहले सभी बड़े राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं और चुनावी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इस बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कैंडेडिट नीरज सिन्हा को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है।
बीजेपी के नए प्रत्याशी नीरज सिन्हा पर राजद ने सवाल उठाए हैं। मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि बीजेपी ने नए कैंडिडेट का जो बायोडाटा जारी किया है उसमें उनके जन्म का साल 1994 है। इसके बाद यह बताया गया है कि उन्होंने बीजेपी साल 2००6 में जॉइन कर ली थी। यानी वह केवल 12 वर्ष के बच्चे थे, जब बीजेपी ने उन्हें अपना सदस्य बना लिया। राजद का सवाल है कि यह क्या खेल चल रहा है?
अभिषेक कुमार सिन्हा का नाम वापस लेना जन बल की जीत : पीके
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा के नाम वापस लेने को जन बल की जीत बताया, दावा किया कि अब तक बीजेपी के डर से लोग भागते थे, पर पहली बार भाजपा उम्मीदवार मैदान छोड़ भागा। जन सुराज पार्टी ने बीजेपी पर प्रशांत किशोर से डरकर उम्मीदवार बदलने का आरोप लगाया है, जिसके बाद अब नीरज कुमार सिन्हा को नया प्रत्याशी बनाया गया है। किशोर ने इस चुनाव को बिहार में बीजेपी-नीत सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह बताया है। जन सुराज पार्टी ने दावा किया कि बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी द्वारा अपना उम्मीदवार बदले जाने के बाद पार्टी अपने संस्थापक प्रशांत किशोर से डरी हुई है। वहीं, प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार के नाम वापस लेने पर दिया बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जन बल के आगे कोई बल नहीं है, अबतक लोग भाजपा के डर से भागते थे लेकिन ये पहली बार इंसाफ हुआ है कि भाजपा का उम्मीदवार भाग गया। यह प्रतिक्रिया तब आई जब बीजेपी के मूल उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने नामांकन पत्र दाखिल करने के एक दिन बाद ही पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया।
बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी
निलंबित कर्मचारी की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, सुनवाई 16 को
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली थाली भेंट की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की ओर से अपने निलंबन आदेश व पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद 16 जुलाई की तिथि नियत करते हुए सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार मंदिर समिति को 2 जुलाई 26 को सूचना मिली थी कि श्री बदरीनाथ मंदिर में थाली भेंट की गिनती के दौरान वित्तीय गड़बड़ी की गई है। इस पर संज्ञान लेते हुए मंदिर समिति के अध्यक्ष के आदेशानुसार एक विभागीय जांच समिति का गठन किया गया था। विभागीय जांच समिति की प्रारंभिक जांच आख्या में यह बात सामने आई कि मंदिर समिति के कार्मिक प्रमोद नौटियाल ने कथित तौर पर सुबह लगभग नौ बजे से साढ़े नौ बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाई थी। इस पुष्टि के बाद मंदिर समिति द्वारा आरोपी कार्मिक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मंदिर समिति के आदेशों के क्रम में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने कोतवाली श्री बदरीनाथ में लिखित तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।



