शिक्षा-स्वास्थ्य बदहाल, किसान-मजदूर बेहाल

हर बिरादरी में सत्ता के खिलाफ आक्रोश, गन्ना, पॉपुलर, पेपर लीक, अस्पताल और नफरत की राजनीति बनेगा विस-27 का मुख्य मुद्दा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
सहारनपुर (बेहट)। जनपद सहारनपुर की बेहट विधानसभा में विकास के सरकारी दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हमारी टीम जब बेहट के गांवों में पहुंची तो हर बिरादरी, हर वर्ग में सरकार के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, रोजगार और भाईचारे के मुद्दे पर लोग खुलकर बोल रहे हैं।

मुद्दा : स्कूल-अस्पताल और महंगाई
पठान बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले नौशाद खान कहते हैं – स्कूलों में पढ़ाई अच्छी नहीं है, अस्पताल में इलाज अच्छा नहीं है। महंगाई अपने चरम पर है। चीनी का रेट बढ़ गया है, राशन सस्ता होना चाहिए, खाद का दाम कम होना चाहिए, दवाइयां सस्ती होनी चाहिए और फसल का अच्छा दाम मिलना चाहिए। नौशाद आगे कहते हैं कि बेहट में बड़े पैमाने पर पॉपुलर की खेती होती है। अगर विधानसभा में ही पॉपुलर की फैक्ट्री लग जाए तो किसानों को अच्छा दाम मिलेगा और माल आसानी से बिकेगा। उनका आरोप है कि मुसलमानों को लेकर नफरत की पॉलिटिक्स से समाज में काफी नाराजगी है, इसलिए इस बार समाजवादी पार्टी विकल्प के तौर पर दिख रही है।
पेपर लीक, राम मंदिर में चोरी और अधूरे विकास कार्य
हिंदू गुर्जर समाज से इशांत पोसवाल ने युवा और आस्था के मुद्दे उठाए। इशांत कहते हैं – जंतर-मंतर में हुए छात्र प्रोटेस्ट में हमने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। पेपर लीक के बाद से आज तक कोई परीक्षा ढंग से नहीं हुई, इसलिए छात्रों में संशय है। राम मंदिर में जो चोरी हुई, उससे हमारी आस्था आहत हुई है। विकास पर उन्होंने कहा – जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी आज तक अधूरी है। अस्पताल की हालत एकदम खस्ता और खत्म है। सडक़ें टूटी हुई हैं, विकास कुछ हुआ ही नहीं है। इसलिए 27 में समाजवादी पार्टी ही विकल्प है।
फैक्ट्री नहीं तो पलायन
तेली बिरादरी से आलिम ने रोजगार को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए एक फैक्ट्री होनी चाहिए ताकि उनकी फसल अच्छे दामों पर बिक सके। किसानों को पॉपुलेट के पेड़ बेचने हरियाणा जाना पड़ता है, वहाँ अच्छा दाम नहीं मिल पाता ओने- पौने दाम पर बेचना पड़ता है। फैक्ट्री ना होने से मजदूरों को काफी समस्या होती है। जो मजदूर किसानों के साथ काम करते हैं, उन्हें काम न मिलने पर हरियाणा-पंजाब जैसे राज्यों में कमाने जाना पड़ता है। यहां कोई नौकरी नहीं है।
धर्म के नाम पर जहर के खिलाफ वोट
हिन्दू गुज्जर समाज से आकाश चौधरी ने धर्म की राजनीति पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा मौजूदा सरकार में धर्म को लेकर जो जहर और नफरत चल रही है, मैं उसके खिलाफ हूं। धर्म की जो राजनीति हो रही है, उसके खिलाफ 2027 में वोट करेंगे। मुसलमानों के साथ हो रही नफरत को लेकर हम नाराज हैं। छात्रों के साथ छल हुआ है, रोजगार कहीं है नहीं। आने वाले समय में नौजवान ही इस सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे।
२027 में ये होगा चुनावी एजेंडा
बेहट में शाकुम्भरी देवी क्षेत्र में बाढ़-कटान, पीने के पानी की किल्लत, जर्जर सडक़ें, घंटी उद्योग का बंद होना और बिजली की समस्या पुरानी हैं। अब इसमें नए मुद्दे – महंगाई, खाद-राशन-दवा के दाम, पॉपुलर के लिए फैक्ट्री, पेपर लीक और नफरत की राजनीति भी जुड़ गए हैं। सभी बिरादरियों में एक ही स्वर है – इस बार चुनाव हिंदू-मुस्लिम पर नहीं, बल्कि रोजगार, फसल के दाम और भाईचारे पर होगा।
एक नजर में बेहट विधानसभा
बेहट विधानसभा 4०3 विधानसभाओं में पहले नंबर पर आती है। यहां से विधायक उमर अली हैं जो समाजवादी पार्टी से हैं। 1.5 लाख मुस्लिम, 8० हजार गुज्जर, बाकी अन्य….। सहारनपुर जिले की बेहट विधानसभा सीट (सख्या-1) उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। यह सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
2०22 में विस के आंकड़ें
बेहट विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक आंकड़े इस प्रकार है। जूदा विधायक- उमर अली खान विजेता पार्टी समाजवादी पार्टी, उपविजेता नरेश सैनी भारतीय जनता पार्टी।
जीत का अंतर- 3788० वोट
पिछले चुनाव परिणाम (22)
उमर अली खान (सपा) : 1,34,513 वोट (48.० प्रतिशत)
नरेश सैनी (भाजपा): 96,633 वोट (34.48 प्रतिशत)
ईस मलिक (बसपा): 45. ०75 वोट (16.8)
पिछले विधायक
2०17- नरेश सैनी-भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस )
2०12-महावीर सिंह राणा बहुजन समाज पार्टी
प्रमुख सामाजिक एवं जातिगत समीकरण।
मुस्लिम मतदाता
इस सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं और इनकी संख्या अच्छी खासी है। अन्य जातिया, दलित (एससी), सैनी, गुर्जर और जाट मतदाताओं का भी इस क्षेत्र के चुनाव परिणामों पर बड़ा प्रभाव रहता है।
क्षेत्रीय विशेषता
यह क्षेत्र ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं का मिश्रण है, जिसमें शिवालिक पहाडिय़ों के तराई इलाके और वन गुर्जर समुदाय के मुद्दे भी स्थानीय राजनीति में अहम हैं।
आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल को कोर्ट ने लगाई फटकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जज को फोन कर प्रभावित करने के मामले में कमिश्नर पर जताई है नाराजगी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमीन विवाद से जुड़े मामले में एक दीवानी जज को देवीपाटन की मंडलायुक्त यानी डिवीजनल कमिश्नर (आईएएस अधिकारी) दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा कथित रूप से प्रभावि करने की कोशिश पर नाराजगी जताई है। मंडलायुक्त करीब तीन दशक पुराने मामले में एक पक्ष हैं और उन्होंने जज को कॉल किया।
कोर्ट ने कहा कि इस तरह की कोशिश न्यायपालिका की आजादी पर हमला है और न्याय देने की प्रक्रिया में बाधा डालती है। हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने न्यायिक कार्यवाही से जुड़े मामलों में जजों को धमकी देने या दबाव डालने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले पर आपराधिक अवमानना के मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत को विचार करना चाहिए। जस्टिस सैयद कमर हसन रिजवी ने निर्देश दिया कि चीफ जस्टिस या किसी सीनियर जज से निर्देश लेने के बाद मामले को उचित अदालत के सामने रखा जाए। हाई कोर्ट ने कहा कि देवीपाटन की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा दीवानी न्यायाधीश शबीना खान को कथित रूप से फोन किए जाने के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि किसी लंबित मामले में मुकदमे का कोई पक्ष इस तरह के फोन के जरिए अदालत से संपर्क करे। जस्टिस रिजवी ने शुक्रवार को गोंडा नगरपालिका परिषद के खिलाफ ज्योति विद्या मंदिर स्कूल द्वारा 1997 में दायर नियमित वाद पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। यह मामला जज शबीना खान की अदालत में लंबित है। स्कूल ने मामले को ट्रांसफर करने के लिए आवेदन दायर किया था। विवाद देवीपाटन मंडलायुक्त के नाम दर्ज कई नजूल भूखंड से जुड़ा है। बेंच के सामने रखे गए मंडलायुक्त के पक्ष के मुताबिक, इस जमीन को कार्यालय भवन बनाने और अन्य सरकारी कामों के लिए सुरक्षित रखा गया था।
प्रदर्शनकारियों के साथ आए सीएम विजय
रद्द कर दिया एयरपोर्ट प्रोजेक्ट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्न्ई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बड़ा फैसला लेते हुए परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है। सीएम ने सोमवार (24 अगस्त) को विधानसभा में इसकी घोषणा की. एयरपोर्ट की परियोजना रद्द करने के बाद सत्तारूढ़ी टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच टकराव का नया मुद्दा बन गया है।
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एआई द्वारा संचालित चेन्नई के मीनमबक्कम हवाई अड्डे की क्षमता फिलहाल सालाना 3 करोड़ (3० मिलियन) यात्रियों को संभालने की है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती जरूरतों, औद्योगिक विकास और कार्गो परिवहन (सामान की आवाजाही) को देखते हुए एक नए हवाई अड्डे की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नया हवाई अड्डा ऐसी जगह बनाया जाना चाहिए, जहां कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्रों पर कम से कम असर पड़े. उन्होंने बताया कि 2० जनवरी 25 को उन्होंने एकानापुरम और आसपास के गांवों का दौरा किया था तथा परंदूर और 12 पड़ोसी गांवों में प्रस्तावित हवाई अड्डे का विरोध कर रहे लोगों की समस्याओं को सुना था. उन्होंने कहा, मैं परंदूर और आसपास के गांवों में हवाई अड्डा बनाए जाने का विरोध कर रहे लोगों के साथ मजबूती से खड़ा हूं।
दिल्ली एनसीआर में भारी बारिश
कई जगहों पर थमा ट्रैफिक
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में जमकर बारिश हुई। सोमवार को 11 बजे के आसपास दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत कई इलाकों में बारिश हुई। इसका असर ट्रैफिक पर भी देखने को मिला। कुछ इलाकों में जलभराव का भी मामला सामने आया। बारिश ऐसी हुई कि दिन में ही अंधेरा छा गया।
मौसम विभाग ने सोमवार सुबह ही बारिश का अनुमान जताया था। विभाग ने राजधानी और उससे सटे इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई थी। वहीं तापमान के संदर्भ में अनुमान जताया गया था कि 34 डिग्री अधिकतम और 28 डिग्री न्यूनतम तापमान रह सकता है।
बारिश शुरू होने के कुछ ही समय के अंदर न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन के आसपास पानी भर गया। लोगों को सडक़ पार करने और मेट्रो तक पहुंचने में भी परेशान होने लगी। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। यही हाल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों का है। कहीं ट्रैफिक जाम तो कहीं जलमग्न गाडिय़ों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।



