धान की फसल के लिए 3० हजार प्रति एकड़ किसान को दें मुआवजा

- अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी ने टीवीके सरकार से की मांग
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) नीत गठबंधन सरकार से डेल्टा जिलों में अचानक हुई भारी बारिश के कारण जलमग्न हुई धान की फसल के लिए किसानों को तत्काल 3० हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की। एक बयान में पलानीस्वामी ने कहा कि पिछले दो दिनों में हुई अप्रत्याशित बारिश के कारण तिरुवरूर और नागपट्टिनम समेत कई जिलों में करीब 2,०० एकड़ में कुरुवई धान की फसल पानी में डूब गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों ने 12 जून को मेट्टूर बांध से पानी न छोड़े जाने के बाद भूजल पर निर्भर रहकर और कर्ज लेकर खेती की थी, वे अब निराश हैं, क्योंकि उनकी कटाई के लिए तैयार फसलें पानी में डूबी हुई हैं। अन्नाद्रमुक प्रमुख ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि ऋ ण पूरी तरह माफ करने समेत चुनावी वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने मांग की कि राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का आकलन किया जाए।
भाजपा नेताओं को बांटी जा रही हैं मुंबई की खुली जगहें : आदित्य ठाकरे
मुंबई। शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा के नियंत्रण वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़े संस्थानों को खुली जगहें आवंटित कर रही है। आदित्य ने चेतावनी दी कि जरूरत पडऩे पर वह खुली जगहों को वापस हासिल करने के लिए बीएमसी कार्यालय के बाहर धरना देंगे। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य बांद्रा में नेविल डी सूजा फुटबॉल मैदान को सम्मेलन केंद्र में बदलने के बीएमसी के फैसले के विरोध में आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैदान को बचाने के लिए अदालत में कानूनी लड़ाई भी शुरू कर दी गई है। आदित्य ने कहा कि मुंबई की खुली जगहों, खेल मैदानों और मनोरंजन स्थलों को उसी रूप में बनाए रखा जाना चाहिए और उनकी स्थिति में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, मुंबई में बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले चार वर्षों में 15 से अधिक खुले भूखंडों को आवासीय या वाणिज्यिक उपयोग की जमीनों में बदल दिया गया है।



