श्रद्धा दुबे और शिवा शर्मा के बीच सवाल-जवाब, जानिए  चोरी के मामले में कारोबारी ने क्या कहा?

बातचीत के दौरान श्रद्धा दुबे, शिवा शर्मा से सीधे तौर पर पूछती हैं कि उसने ज्वेलरी कब चुराई, चोरी की गई ज्वेलरी को कहां बेचा और इस पूरे मामले में क्या हुआ था।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लखनऊ में शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे से जुड़े मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब दोनों के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सामने आया।

वीडियो में कथित तौर पर ज्वेलरी चोरी और उससे जुड़ी रकम को लेकर सवाल-जवाब होते सुनाई देते हैं। बातचीत के दौरान श्रद्धा दुबे, शिवा शर्मा से सीधे तौर पर पूछती हैं कि उसने ज्वेलरी कब चुराई, चोरी की गई ज्वेलरी को कहां बेचा और इस पूरे मामले में क्या हुआ था।

वीडियो में सुनाई देने वाली बातचीत के अनुसार, शिवा शर्मा सितंबर महीने में चोरी करने की बात स्वीकार करता सुनाई देता है। इसके अलावा, वह तीन सोने की चेन और एक ब्रेसलेट को लखनऊ के चौक इलाके में बेचने की बात भी कहता है। इसी बातचीत में करीब 6 लाख रुपये लौटाने का मुद्दा भी उठता है।

फिलहाल, वीडियो में कही गई बातों को मामले से जुड़े आरोपों और दावों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। केवल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और आधिकारिक जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी।

तीन सोने की चेन और एक ब्रेसलेट बेचने की बात

वीडियो में सबसे अहम हिस्सा वह है, जहां ज्वेलरी के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में तीन सोने की चेन और एक ब्रेसलेट का जिक्र सुनाई देता है।

बातचीत के मुताबिक, शिवा शर्मा कथित तौर पर इन आभूषणों को लखनऊ के चौक इलाके में बेचने की बात कहता है। इस खुलासे के बाद मामले में कई सवाल खड़े होते हैं। अगर आभूषण बेचे गए थे, तो उन्हें किसे बेचा गया? क्या उनकी बिक्री से जुड़ा कोई रिकॉर्ड मौजूद है? क्या कथित तौर पर बेची गई ज्वेलरी की पहचान और कीमत का मिलान किया गया है?

इन सवालों के जवाब सामने आना जरूरी है, ताकि पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सके। फिलहाल, उपलब्ध बातचीत के आधार पर इन सभी पहलुओं पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

करीब 6 लाख रुपये लौटाने का किया वादा

इस मामले में दूसरा अहम पहलू करीब 6 लाख रुपये की रकम से जुड़ा है। वीडियो में सुनाई देने वाली बातचीत के अनुसार, श्रद्धा दुबे और शिवा शर्मा के बीच रकम लौटाने को लेकर भी चर्चा होती है।

बातचीत के दौरान शिवा शर्मा कथित तौर पर एक महीने के भीतर पैसे वापस करने का वादा करता सुनाई देता है। इससे यह सवाल उठता है कि रकम किस आधार पर मांगी जा रही थी और क्या इसका संबंध कथित तौर पर बेची गई ज्वेलरी से था या किसी अन्य लेन-देन से।

इस संबंध में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले रकम के स्रोत, दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध दस्तावेजों की पुष्टि आवश्यक है। वीडियो में पैसे लौटाने की बात सुनाई देना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि रकम वापस कर दी गई थी या इस संबंध में कोई औपचारिक समझौता हुआ था।

आइए जानते हैं शिवा और श्रद्धा में क्या बातचीत हुई?

श्रद्धा- पैसे रिटर्न कब करोगे? शिवा- अगले महीने में कर दूंगा, रिटेन में दे दे रहा हूं और तब तक के लिए मतलब गाड़ी रख लीजिए. पैसे दे के गाड़ी उठा लूंगा.

श्रद्धा- तुमने मेरे यहां से कब चोरी की थी? किस टाइम की थी? सितंबर में की थी? अक्टूबर में की थी? कब की थी? मैं बहुत प्यार से पूछ रही हूं. अभी मैंने पुलिस नहीं बुलाई है. पुलिस इसके बाद बुलाऊंगी, पहले आप बताइए. शिवा- सितंबर में और जब आप वाशरूम जा रहे थे.

श्रद्धा- मैं वाशरूम में क्या कर रही थी? टाइम लग रहा था मुझे? कितना टाइम लगा था अप्रोक्स? शिवा- अप्रोक्स 20-25 मिनट

श्रद्धा- 20-25 मिनट लगे थे तो आपने उसमें एक साथ ज्वेलरी चुराई थी कि पार्ट में चुराई थी? शिवा- एक साथ ली थी. एक साथ तीन चैन और एक ब्रेसलेट.

श्रद्धा- आपने कहां पर बेची ये ज्वेलरी? शिवा- चौक में.

श्रद्धा- चौक में किसके यहां? शिवा- चौक में गोल दरवाजे के अंदर बेचा है. यह नहीं पता किस दुकान पर बेचा है, क्योंकि लड़का मुझे लेकर गया था.

श्रद्धा- मतलब बेच के आपको पैसे दे दिए. शिवा- हां

श्रद्धा- तो यह मेरा टोटल पैसा 6 लाख के करीब मुझे कब तक मिल जाएगा? शिवा- एक महीने के अंदर

श्रद्धा- आपकी मम्मी को पता है इस बारे में? कि चोरी की है आपने? शिवा- किसी को नहीं पता.

श्रद्धा- किसी को भी नहीं पता इस बारे में? शिवा- किसी को नहीं पता.

श्रद्धा- अच्छा… और ये वीडियो मैं दबाव में तो बनवा नहीं रही हूं भाई आप खुद… शिवा- हां

यदि मामले में पुलिस शिकायत या जांच हुई है, तो उससे जुड़ी आधिकारिक जानकारी भी घटनाक्रम को समझने में महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, बिना स्वतंत्र पुष्टि के वीडियो में कही गई बातों को अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि मामले से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होती है या नहीं और संबंधित पक्ष इस पूरे घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। वीडियो में लगाए गए आरोपों और कथित स्वीकारोक्ति की स्वतंत्र पुष्टि होने तक मामले को सावधानीपूर्वक देखना जरूरी है।

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