16 लाख रत्न कारीगर बेहाल, हीरा कारोबार आधा, सुरजेवाला का BJP सरकार पर हमला

गुजरात के रत्न और हीरा कारोबार को लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात का हीरा उद्योग लंबे समय से देश की अर्थव्यवस्था.. और लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी का महत्वपूर्ण आधार रहा है.. खासतौर पर सूरत का डायमंड उद्योग दुनिया भर में अपनी पहचान रखता है.. लेकिन आज इसी उद्योग से जुड़े लाखों रत्न कारीगर गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.. कांग्रेस का आरोप है कि गुजरात में 16 लाख से अधिक रत्न कारीगरों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है.. मजदूरी में भारी कटौती की गई है.. रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं.. और कई परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं.. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इस पूरे मामले को लेकर केंद्र और गुजरात की BJP सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं..

कांग्रेस के मुताबिक वैश्विक परिस्थितियों, रूसी हीरों पर लगे प्रतिबंधों और कच्चे हीरों के आयात में आई गिरावट का सीधा असर भारत के हीरा उद्योग पर पड़ा है.. बताया गया है कि देश से हीरों का निर्यात लगभग 24 अरब डॉलर से घटकर करीब 12 अरब डॉलर रह गया है.. इसका असर केवल बड़े व्यापारियों या निर्यातकों तक सीमित नहीं है.. बल्कि हीरा काटने, तराशने और पॉलिश करने वाले लाखों कारीगरों पर भी पड़ा है.. कांग्रेस का दावा है कि इस गिरावट की वजह से लगभग एक लाख करोड़ रुपये का सालाना कारोबार प्रभावित हुआ है.. ऐसे समय में कारीगरों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की मांग लगातार तेज हो रही है..

आपको बता दें कि रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि जब हीरा उद्योग संकट में है.. तब भी गुजरात की मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने रत्न कारीगरों की सुरक्षा के लिए अब तक डायमंड वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन नहीं किया है.. कांग्रेस का कहना है कि जिन कारीगरों ने वर्षों तक गुजरात के हीरा उद्योग को मजबूत बनाने में अपना योगदान दिया.. आज वही कारीगर बेरोजगारी और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.. कई परिवारों के सामने रोज़मर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है.. ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह संकटग्रस्त कारीगरों के लिए ठोस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था तैयार करे..

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने मांग की है कि गुजरात में तत्काल ‘डायमंड वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड’ का गठन किया जाए.. इस बोर्ड का उद्देश्य रत्न कारीगरों और उनके परिवारों को आर्थिक संकट के समय सहायता उपलब्ध कराना होना चाहिए.. कांग्रेस का कहना है कि जिस उद्योग ने दशकों तक गुजरात की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी.. और देश को वैश्विक पहचान दिलाई, उस उद्योग के श्रमिकों को संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता.. बोर्ड के माध्यम से कारीगरों के लिए रोजगार सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, आर्थिक सहायता.. और सामाजिक सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की जानी चाहिए.. ताकि किसी परिवार को अचानक बेरोजगारी की स्थिति में असहाय न होना पड़े..

कांग्रेस की प्रमुख मांगों में 24 महीने की सामाजिक सुरक्षा भी शामिल है.. पार्टी का कहना है कि अगर किसी रत्न कारीगर की नौकरी चली जाती है.. तो उसे कम से कम 24 महीने तक गुज़ारे और वेतन के लिए वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए.. उद्योग में अचानक आई मंदी के कारण नौकरी जाने वाले कारीगरों के पास हमेशा वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध नहीं होता.. ऐसे में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो जाता है.. कांग्रेस का तर्क है कि सरकार को बेरोजगारी की इस अवधि में कारीगरों को आर्थिक सुरक्षा देनी चाहिए.. ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें.. और अचानक आई आर्थिक परेशानी के कारण कर्ज या अत्यधिक वित्तीय दबाव में न फंसें..

इसके साथ ही कांग्रेस ने रत्न कारीगरों और उनके परिवारों के लिए मुफ्त.. और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की भी मांग की है.. पार्टी का कहना है कि जब कोई कारीगर या उसके परिवार का सदस्य गंभीर रूप से बीमार पड़ता है.. तो इलाज का खर्च परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बिगाड़ सकता है.. इसलिए प्रस्तावित वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से कारीगरों और उनके परिवारों के इलाज का खर्च उठाने की व्यवस्था की जानी चाहिए.. कांग्रेस का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधा किसी भी श्रमिक परिवार के लिए बुनियादी सुरक्षा का हिस्सा होनी चाहिए.. आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों को बीमारी के समय इलाज.. और रोजगार में से किसी एक को चुनने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए..

कांग्रेस ने आर्थिक तंगी के कारण जान गंवाने वाले रत्न कारीगरों के परिवारों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता की भी मांग उठाई है.. पार्टी का कहना है कि यदि किसी कारीगर का परिवार गंभीर आर्थिक संकट में फंस जाता है.. और उसकी मौत हो जाती है.. तो उसके आश्रितों को सरकार की ओर से तत्काल आर्थिक मदद मिलनी चाहिए.. ऐसे परिवारों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए.. कांग्रेस का कहना है कि संकट की ऐसी परिस्थितियों में सरकार को संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए.. प्रभावित परिवारों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक और समयबद्ध आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए..

इसके अलावा रत्न कारीगरों पर लगाए गए प्रोफेशनल टैक्स को समाप्त करने की मांग भी कांग्रेस ने उठाई है.. पार्टी का तर्क है कि जब लाखों कारीगर पहले ही कम रोजगार, घटती मजदूरी और बढ़ते आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं.. तब उन पर अतिरिक्त कर का बोझ डालना उचित नहीं है.. कांग्रेस के मुताबिक, सरकार को ऐसे समय में कारीगरों को राहत देनी चाहिए, न कि उनके आर्थिक बोझ को और बढ़ाना चाहिए.. प्रोफेशनल टैक्स में राहत के साथ-साथ सरकार को कारीगरों के लिए रोजगार पुनर्वास, कौशल विकास और वैकल्पिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देना चाहिए.. ताकि उद्योग में मंदी का असर लंबे समय तक उनके परिवारों पर न पड़े..

Related Articles

Back to top button