कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर उठाये सवाल

कहा- लोगों का जीवन बेहतर बनाने में इस सरकार का योगदान क्या है?
कांग्रेस अध्यक्ष का भाजपा सरकार पर करारा प्रहार
बोले रास सांसद व नेता – कांग्रेस ने देश को खाद्य सुरक्षा दी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस ने एकबार फिर एनडीए सरकार व भाजपा पर तीखा प्रहार किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि लोगों का जीवन बेहतर बनाने में इस सरकार का योगदान क्या है, जबकि कांग्रेस की सरकारों ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और गरीबों की स्थिति सुधारने के लिए निर्णायक भूमिका निभाई। खरगे ने यहां ‘डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी पुरस्कार-26 समारोह को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। यह पुरस्कार कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन के नाम पर स्थापित संस्था ‘एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन’ को दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इंदिरा गांधी ने हरित क्रांति के माध्यम से भूख के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जबकि सोनिया गांधी के प्रयासों से देश में खाद्य सुरक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए कानून आया। उन्होंने कहा कि 196०-61 से 198०-81 के बीच चावल का उत्पादन 3.46 करोड़ टन से बढक़र 5.36 करोड़ टन और गेहूं का उत्पादन 1.1 करोड़ टन से बढक़र 3.63 करोड़ टन हो गया। खरगे का कहना था कि हरित क्रांति ने भारत को अनाज के कटोरे में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भौगोलिकसंदर्भ उन्होंने कहा, यह हमारी सरकार की उपलब्धि है। लेकिन मौजूदा सरकार की उपलब्धि क्या है, मोदी जी की उपलब्धि क्या है? खरगे ने कहा कि जब भारत खाद्यान्न की कमी और अकाल से जूझ रहा था, तब इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हरित क्रांति को सरकार की प्राथमिकता बनाया गया। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन का योगदान इस बदलाव में महत्वपूर्ण था।

शुद्धिकरण मामले में खरगे ने लिखी जेपी नड्डा को चिट्ठी कहा- हैरान हूं… अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा के सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हाल ही में हुए शुद्धिकरण विवाद पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। खरगे ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा के सदन के नेता जेपी नड्डा को लिखे पत्र में कहा,शुद्धिकरण का मुद्दा मेरे या कांग्रेस अध्यक्ष के पद से कहीं ऊपर है, यह करोड़ों लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा है। खरगे ने नड्डा से कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देश दें कि हल्द्वानी में शुद्धिकरण की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। नड्डा को लिखे पत्र में खरगे ने कहा, आपको याद होगा कि दिनांक 13 अगस्त 26 को राज्यसभा में बहुत दुख और पीड़ा के साथ मैने हल्द्वानी में हुई मेरी 8 अगस्त 26 की जनसभा के बाद छुआछूत जनित शुद्धीकरण का मुद्दा उठाया था।
काम केवल किसी को गले लगाने या कहीं कुछ कहने से नहीं होता
उन्होंने स्वामीनाथन के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल तकनीक पर्याप्त नहीं थी, बल्कि किसानों तक सिंचाई, बिजली, बेहतर बीज, उर्वरक, ऋण और प्रभावी कृषि विस्तार सेवाएं पहुंचाना भी जरूरी था। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों ने भारत को खाद्य आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि काम केवल किसी को गले लगाने या कहीं कुछ कहने से नहीं होता।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के योगदान को सराहा
खरगे ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के योगदान को भी याद किया और कहा कि राजशेखर रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में ईंट-ईंट जोडक़र कांग्रेस को खड़ा किया और पार्टी के मुश्किल दौर में उसे मजबूत किया। उन्होंने कहा कि 2००4 में मुख्यमंत्री बनने से पहले राजशेखर रेड्डी ने भीषण गर्मी में 1,400 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा की और लोगों से सीधे संवाद किया। उनका मानना था कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को गरिमा, सुरक्षा और अवसर देना है। खरगे ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भी राजशेखर रेड्डी अपने संघर्ष के उद्देश्य को नहीं भूले। उन्होंने ‘आरोग्यश्री’ योजना के जरिये गरीब परिवारों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाईं, ‘इंदिरम्मा इल्लु’ के माध्यम से गरीबों के लिए घर बनाए, भूमिहीनों को जमीन देने के लिए काम किया और किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राजशेखर रेड्डी और स्वामीनाथन की सोच में समानता थी कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और किसी किसान या गरीब परिवार को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से झटका
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई । तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन को कोलाथुर विधानसभा सीट से जुड़े चुनावी मामले में मद्रास हाईकोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने गुरुवार को उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में 100 फीसदी वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती कराने की मांग की थी। स्टालिन ने अपनी याचिका में चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 14 ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों के सत्यापन में विसंगतियां मिलने का दावा किया था।
उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में इस्तेमाल की गई सभी ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों का दोबारा सत्यापन कराने की मांग भी की थी। मद्रास हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद स्टालिन की ओर से कोलाथुर चुनाव परिणाम को चुनौती देने की मौजूदा कानूनी मांग को राहत नहीं मिली। उनकी याचिका में उठाई गई 100 फीसदी वीवीपीएटी गिनती, सभी मशीनों के दोबारा सत्यापन, पुनर्गणना और खुद को विजेता घोषित करने जैसी मांगें अदालत ने स्वीकार नहीं कीं। याचिका में स्टालिन ने वोटों की दोबारा गिनती कराने और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के विधायक वीएस बाबू की जीत को रद्द करने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने खुद को कोलाथुर सीट से विजेता घोषित करने की अपील भी अदालत से की थी। स्टालिन का दावा था कि मतदान प्रक्रिया में कथित गड़बडिय़ों के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। इसी आधार पर उन्होंने सभी मतदान मशीनों की दोबारा जांच और वीवीपैट पर्चियों की शत-प्रतिशत गिनती की मांग उठाई थी।
बीसीआई केफैसले को सुप्रीमकोर्ट ने किया रद
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। एनएलएसआर यूनिर्सिटी में सीजेआई सूर्यकांत के दीक्षांत समारोह में आने को लेकर हुए विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया-बीसीआई की तरफ से एनएलएसआर के छात्रों के खिलाफ जारी किए गए दोनों नोटिफिकेशन रद्द कर दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियमों के अनुसार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करना संस्थान का काम है जब तक छात्र वकील नहीं बन जाते, तब तक क्चष्टढ्ढ के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पास छात्रों के व्यवहार को नियंत्रित करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
हवा में पायलट की तबीयत खराब, की इमरजेंसी लैंडिंग
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दोहा से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई13०2 की गुरुवार सुबह मस्कट में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। उड़ान के दौरान फ्लाइट के पायलट की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद विमान को एहतियात के तौर पर मस्कट डायवर्ट किया गया। विमान की मस्कट एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
लैंडिंग के तुरंत बाद पायलट को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। पायलट की तबीयत बिगडऩे के कारण फ्लाइट को मस्कट में उतारने के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य बेंगलुरु तक पहुंचाने के लिए इंडिगो ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। एयरलाइन ने यात्रियों को बेंगलुरु पहुंचाने के लिए बेंगलुरु से मस्कट के लिए दूसरा विमान और नई क्रू टीम भेजने की व्यवस्था की है, इसके जरिए यात्रियों की आगे की यात्रा पूरी कराई जाएगी। इससे पहले वाराणसी से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट की गुरुवार सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
कई मुद्दों को लेकर सरकार की साख पर सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। बाहर जेन जी सवाल पूछ रहा है, युवा नौकरी मांग रहा है, भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, सडक़ों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, कहीं किसान का सवाल है, कहीं संविदा कर्मचारी अपने भविष्य की बात कर रहा है, और उसी समय पार्टी के भीतर सांसद कह रहे हैं कि सम्मान चाहिए अवसर चाहिए हिस्सेदारी चाहिए।
तो क्या कैबिनेट फेरबदल इन तमाम सवालों का जवाब बन सकता है शायद नहीं लेकिन यह राजनीतिक संदेश जरूर बन सकता है और भाजपा यह जानती है कि राजनीति में संदेश कभी कभी फैसले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जातें हैं। क्योंकि युवाओं को संकेत देना है कि नई पीढ़ी आ रही है महिलाओं को संकेत देना है कि प्रतिनिधित्व बढ़ेगा राज्यों को संकेत देना है कि उनका वजन बरकरार है पुराने नेताओं को संकेत देना है कि भूमिका खत्म नहीं बदल सकती है और नाराज सांसदों को संकेत देना है कि दरवाजा बंद नहीं हुआ है यही वह उम्मीद है जिसके सहारे पार्टी के भीतर बेचैनी को नियंत्रित रखा जा सकता है कि सबको मौका मिलेगा।
अपने ही नेता के आत्म सम्मान रैली से हिल गयी सरकार
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद कौशल किशोर ने कहा कि उन्हें जानबूझकर अपमानित किया गया है और 13 सितंबर को लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होने वाली आत्मसम्मान रैली सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि आजादी के शहीदों, सनातन धर्म रक्षकों और कम वेतन पर काम कर रहे संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मियों के सम्मान के लिए है। इस आत्मसम्मान रैली का आयोजन पासी महासंघ के बैनर तले किया जा रहा है। सांसद कौशल किशोर ने कहा, आउटसोर्सिंग और संविदा की यह प्रथा आत्मसम्मान को झकझोरती है। यह लोगों को गुलाम बनाने की प्रथा है और इसे खत्म होना चाहिए। यह रैली संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के स्वाभिमान और आत्मसम्मान के लिए है। 13 सितंबर को लखनऊ के दुबग्गा स्थित जॉगर्स पार्क के पास बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर यह आत्मसम्मान रैली आयोजित की जाएगी।
पार्टी के मूल उद्देश्यों को लेकर सांसद कौशल किशोर की पहल
उन्होंने कहा कि यह रैली पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांतों को लेकर की जा रही है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि 13 सितंबर को सुबह 1० बजे बड़ी संख्या में राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर पहुंचें। पार्टी के मूल उद्देश्यों को लेकर सांसद कौशल किशोर ने कहा कि यह तो पार्टी के लोग समझ रहे होंगे कि अपने उसूल पर कितना चल रहे हैं, कितना नहीं चल रहे हैं। मैं किसी पार्टी की बात नहीं कर रहा हूं। यह सभी पार्टियों पर लागू है। जब भी लोग उसूलों से भटकते हैं, तब निश्चित तरीके से जनता का विश्वास टूटता है, और जनता का विश्वास अगर टूट रहा है, तो लोगों को समझना चाहिए कि वे अपने उसूल से भटक रहे हैं। गेंद जितनी ऊपर चली जाती है और फिर जब गिरती है, तो उसकी स्पीड लगातार बढ़ती जाती है। उसको कोई रोक नहीं सकता। यह एक सार्वभौमिक सत्य है। आत्मसम्मान रैली को लेकर उन्होंने बताया कि इससे पहले 19 मई को मलिहाबाद में स्वाभिमान रैली का आयोजन किया था, जिसे रोकने की पूरी कोशिश की गई और उन पर बेवजह दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि वह तब भी भाजपा में थे और आज भी हैं। उनकी सरकार है, फिर भी रैली की अनुमति रद्द कर दी गई, पुलिस एस्कॉर्ट और गनर वापस ले लिए गए और रैली न करने को कहा गया। यह रैली इसलिए की थी क्योंकि मलिहाबाद को बसाने वाले मल्ही पासी का गेट उखाड़ दिया गया था, जिसे लगवाने के लिए उन्हें और मलिहाबाद विधायक को 5 दिन तक तपती धूप में धरने पर बैठना पड़ा। 19 मई की रैली इसलिए घोषित की गई थी क्योंकि गेट का विरोध करने वालों ने बिना परमिशन प्रदर्शन किया, होर्डिंग पर ईंट-पत्थर चलाए और उन्हें व उनकी विधायक पत्नी को अशब्द बोला गया।



