Air India के 2 और पायलट ड्रग टेस्ट में फेल, कंपनी ने लिया एक्शन
फाइनल टेस्ट रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे या इससे अधिक का वक्त लग सकता है. फाइनल रिपोर्ट के आने बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों पायलटों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाए.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: फाइनल टेस्ट रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे या इससे अधिक का वक्त लग सकता है. फाइनल रिपोर्ट के आने बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों पायलटों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाए.
एअर इंडिया के लिए संकटों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले दिनों एअर इंडिया के एक विमान के टर्बुलेंस में जाने की घटना के बाद पायलटों की जांच तेज हो गई है और इसी क्रम में टेस्टिंग के दौरान 2 और पायलट ड्रग टेस्ट में फेल पाए गए. हालांकि इन दोनों पायलटों के फाइनल टेस्ट रिजल्ट का इंतजार है. लेकिन फाइनल रिपोर्ट आने तक इन दोनों पायलटों की ड्यूटी या फ्लाइट रोस्टर से छुट्टी कर दी गई है.
ड्रग टेस्ट के दौरान एअर इंडिया के 2 और पायलट शुरुआती जांच में ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं. इन दोनों पायलटों का फाइनल टेस्ट रिपोर्ट आना है. हालांकि फाइनल रिपोर्ट आने तक दोनों पायलटों के नाम ड्यूटी या फ्लाइट रोस्टर (De-Rostered) से हटा दिया गया है. अब तक एअर इंडिया के 300 से ज्यादा पायलटों का ड्रग टेस्ट कराया जा चुका है.
टेस्ट रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे से भी अधिक वक्त
फिलहाल फाइनल टेस्ट रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे या इससे अधिक का वक्त लग सकता है. फाइनल रिपोर्ट के आने बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों पायलटों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाए.
इससे पहले फुकेत से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के एक विमान के टर्बुलेंस में जाने की घटना के बाद एअर इंडिया ने एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के अपने सभी पायलटों के ड्रग टेस्ट के सेवन से संबंधित टेस्ट कराने की बात कही थी.
पायलट की ड्रग रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एक्शन
सूत्रों के मुताबिक, एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अपने सभी पायलटों की साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए जरूरी जांच शुरू करेंगी. यह कदम नियमों की जरूरतों से आगे बढ़कर जांच करने के लिए उठाया जा रहा है, क्योंकि फुकेत-दिल्ली विमान के एक मेन कैप्टन की मारिजुआना यानी गांजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक कम हो गई थी. यह विमान, उड़ान के दौरान अचानक 300 फुट नीचे आ गया था.
टाटा ग्रुप की इन दोनों एयरलाइंस में कुल मिलाकर 5,000 से अधिक पायलट हैं. एयरलाइंस कंपनी ने पिछले हफ्ते पायलटों को भेजे एक इंटरनल मैसेज में कहा कि इस व्यापक जांच में मौजूदा एविएशन नियमों के तहत प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं की जांच शामिल होगी. सूत्रों ने बताया कि यह जांच अनिवार्य है.
टर्बुलेंस में जाने की वजह से 24 यात्री हो गए थे घायल
ये टेस्ट गुरुग्राम अकादमी में ट्रेनिंग सेशन के साथ-साथ, उड़ान के बाद फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर्स, विमानन कंपनियों के ऑफिसों या संबंधित बेस की ओर से मुहैया कराई गई जगहों पर की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि यात्रियों, हितधारकों और आम लोगों को भरोसा दिलाने के साथ-साथ सुरक्षा के उच्चस्तरीय मानकों को सुनिश्चित करने के लिए यह पहल एहतियाती तौर पर की जा रही है.
इससे पहले 4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली फ्लाइट संख्या AI2379 टर्बुलेंस के कारण एअरबस ए320 विमान अचानक 300 फुट नीचे आ गया था. इस वजह से कम से कम 24 लोग घायल हो गए थे. विमान में 137 यात्रियों और चालक दल के 8 सदस्यों सहित कुल 145 लोग सवार थे. विमान के मुख्य पायलट की जांच में गांजा के सेवन की पुष्टि हुई है.



