कस्टडी विवाद में मां की सुप्रीम कोर्ट से गुहार, 5 साल के बच्चे के मामले में जल्द सुनवाई की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल के बच्चे की कस्टडी के लिए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर जल्द सुनवाई का भरोसा दिया है. मां ने आरोप लगाया है कि उसे अपने बच्चे से दूर रखा जा रहा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल के बच्चे की कस्टडी के लिए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर जल्द सुनवाई का भरोसा दिया है. मां ने आरोप लगाया है कि उसे अपने बच्चे से दूर रखा जा रहा है.

पांच साल के बच्चे की कस्टडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता में इस मामले पर कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई का भरोसा दिया दिया है. इस मामले को सीनियर वकील गीता लूथरा ने सोमवार (17 अगस्त) को CJI सूर्यकांत के सामने रखा.

इस दौरान सीनियर वकील गीता लूथरा ने CJI सूर्यकांत को बताया कि एक मां को उसके बच्चे से दूर रखा जा रहा है और उसकी कस्टडी पाने से वंचित किया जा रहा है. इसके साथ ही गीता लूथरा ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि इस मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें राउरकेला की कोर्ट में जाने के लिए कहा था.

HC ने राउरकेला की अदालत का रुख करने को कहा

वकील गीता लूथरा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं किया और उन्हें राउरकेला की अदालत का रुख करने को कहा है. लेकिन असल बात यह है कि पिछले 15 दिनों से बच्चा ज़्यादातर समय अपने पिता के दादा के भाई के साथ रहा है.

मां को बच्चे के पास वापस आने से रोका गया’

लूथरा ने कोर्ट को बताया कि इन 15 दिनों के दौरान बच्चे की मां अपने बेटे को बैंगलोर छोड़ने गई थीं. लेकिन इसके बाद मां को बच्चे के पास वापस आने से रोक दिया गया. वकील लूथरा ने CJI सूर्यकांत से पूछा कि क्या इस याचिका को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मां को अपने बच्चे से दूर किया जा रहा है, ऐसे में इस मामले की जल्द सुनवाई होना जरूरी है.

वकील ने की कल सुनवाई की मांग

वकील गीता लूथरा की कल सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने हामी भर दी. CJI सूर्यकांत ने कहा कि ठीक है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को कल यानी मंगलवार (18 अगस्त) को सुनवाई हो सकती है.

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