किसी अमृत से कम नहीं है कच्ची हल्दी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
किचन में हल्दी एक ऐसी चीज है जो काफी गुणकारी होती है। चाहे आप हल्दी को आप मसाले के तौर पर इस्तेमाल करें, पान में घोलकर पीएं या शहद में डालकर खाएं। हल्दी के कई फायदे हैं। यह आपकी सेहत के लिए काफी रामबाण है। कच्ची हल्दी का उपयोग आयुर्वेद में कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। खाना बनाने के साथ ही, इसका इस्तेमाल औषधीय और ब्यूटी को निखारने के लिए वर्षों से किया जा रहा है। हल्दी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी कम्पाउंड्स होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखते हैं। इसे लगाने से मुरझाई त्वचा में जान आ जाती है। फोड़े-फुंसियों से छुटकारा मिल सकता है। त्वचा पर ग्लो आता है। आप अपने डेली स्किन केयर रूटीन में हल्दी को शामिल कर सकते हैं। इसके अधिक लाभ पाने के लिए आप हल्दी में शहद, दही, दूध आदि मिलाकर लगाएं तो कई तरह से फायदेमंद होगा।
जोड़ों के दर्द में राहत
जोड़ों के दर्द के पीछे सबसे बड़ा कारण है हमारी हड्डियों में पाया जाने वाला तरल पदार्थ जिसे बोन मैरो कहते हैं। हड्डियों के बीच बोन मैरो में कमी आ जाती है जिससे जोड़ों के बीच हड्डियां आपस में टकराने लगती है और उनमें दर्द होना शुरू हो जाता है। इससे होने वाला दर्द काफी दर्दनाक होता है। जब भी आपको जोड़ों का दर्द हो आप कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इस दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। दर्द की परेशानी को दूर करने के लिए आप हल्दी का प्रयोग कर सकते हैं। इससे सूजन और दर्द से आराम मिलेगा। कच्ची हल्दी में कुरकुमिन नामक यौगिक होता है जो जोड़ों के दर्द में राहत दिलाने में मदद करता है। अगर आप जोड़ों के दर्द से परेशान हैं और कई जगह दिखाने के बावजूद आपको आराम नहीं मिल पा रहा है तो आप कच्ची हल्दी का सेवन करना शुरू कर दें। कच्ची हल्दी आपको जोड़ों के दर्द से काफी निजात दिलाती है। रोजाना रात को आप कच्ची हल्दी को दूध में डालकर उबाल लें। फिर इसको थोड़ा ठंडा होने पर पीएं। इसके अलावा हल्दी के प्रयोग से आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। घुटनों में दर्द की परेशानी को दूर करने के लिए आप हल्दी वाली चाय का सेवन कर सकते हैं। इससे आपको काफी लाभ मिलेगा।
कैंसर में राहत
वहीं कच्ची हल्दी में कुरकुमिन नामक यौगिक होता है जो कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है। कच्ची हल्दी का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है, खासकर यदि आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं या किसी स्वास्थ्य समस्या से पीडि़त हैं। हल्दी कई रूपों में पाई जा सकती है- पाउडर, चाय, अर्क, कैप्सूल और कटी हुई जड़ या सप्लीमेंट। कई मामलों में, कैंसर के इलाज के दौरान साबुत हल्दी – हल्दी की जड़ या पाउडर – की सलाह दी जाती है।
पाचन तंत्र करे मजबूत
खराब डाइट और बिगड़ते लाइफस्टाइल की वजह से गैस, एसिडिटी और अपच की परेशानी आम होती जा रही है। पाचन से जुड़ी इन समस्याओं को दूर करने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे अपनाते हैं और कई तरह की दवाईयों का सेवन करते हैं फिर भी उनकी समस्याओं का उपचार नहीं होता। गैस, अपच, अल्सर और आंतों की सूजन पेट से जुड़ी ऐसी परेशानियां है तो आप कच्ची हल्दी का उपयोग कर सकते हैं। कच्ची हल्दी में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। अगर आप रेगुलर मोड पर कच्ची हल्दी का सेवन करते हैं तो यह आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में काफी गुणकारी है। वहीं कच्ची हल्दी में विटामिन सी और ई होते हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। आंत की सेहत को दुरुस्त रखने में हल्दी का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। हल्दी का सेवन करने से पेट के अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं जिसका सेवन करने से गैस, अपच, अल्सर का उपचार होता है।
स्किन एलर्जी से बचाए
कच्ची हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा की समस्याओं में राहत दिलाने में मदद करते हैं। दूध के अलावा भी आप कच्ची हल्दी को पानी में उबाल लें। फिर इस पानी को आप गर्म पानी की बोतल में मिला लें। पूरे दिन अब आप इस पानी को पीते रहें। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपकी स्किन के लिए काफी लाभकारी होते हैं। इसके साथ ही यह पेट की समस्याओं को भी दूर करती है।