जेएनयू में नारे को लेकर फिर बवाल

  • भाजपा ने आप व कांग्रेस पर उठाए सवाल
  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन ने इंकार किया
  • पुलिस बोली- नारों के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उमर खालिद और शरजील इमाम को कोर्ट से जमानत देने केइनकार करने के बाद, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय-जेएनयू के छात्रों के एक समूह ने परिसर के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाने केआरोप के बाद सियासी बवाल मच गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया है।
हांलाकि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन ने इन नारों को किसी से जोड़कर देखने पर आपत्ति की है। उधर भाजपा ने कांग्रेस व आप पर निशाना साधा है। इस बीच, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि नारों के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने मामले से जुड़ी जानकारी मांगी है, और फिलहाल जांच चल रही है।

विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लगभग 35 सेकंड के इस वीडियो में छात्रों को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। ये नारे गॉडजिला ढाबा नाम के एक कार्यक्रम में लगाए गए, जो कैंपस में साबरमती हॉस्टल के पास आयोजित किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सभा में छात्रों ने 2020 में जेएनयू छात्रों पर हुए हमले की याद में कार्यक्रम किया और शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत न मिलने का विरोध किया।

कोई भी सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं : लवली

बीजेपी विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कल जेएनयू कैंपस में पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ हुई कथित नारेबाजी पर कहा, इस देश में कोई भी सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है। इस देश में न्याय व्यवस्था से ऊपर कुछ भी नहीं है, और सरकार भी इसका पालन करने के लिए बाध्य है। इस तरह से उस न्याय का विरोध करना और सिर्फ राजनीति करना, इसका मतलब है कि आप देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं। मैं ऐसे लोगों की निंदा करता हूं जो इस देश को टुकड़ों में बांटने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा ही तो इस नारेके पीछे नहीं है : प्रमोद तिवारी

 

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसद प्रमोद तिवारी ने दावा किया है कि दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित विवादित नारे लगाने वालों का रिश्ता, भारतीय जनता पार्टी से हो सकता है। तिवारी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने जेएनयू के घटनाक्रम को कांग्रेस से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से कहना चाहता हूं कि क्या वह सोते हुए सपने देखते रहते हैं। आखिर गिरिराज सिंह कांग्रेस के नेताओं से इतना डरे क्यों रहते हैं? गिरिराज सिंह सुबह शाम दोपहर कांग्रेस के नेताओं का ही जाप किया करते हैं? अगर जेएनयू में कोई भी असंवैधानिक और आपत्तिजनक नारे लगे हैं तो मैं उसकी निंदा करता हूं क्योंकि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक नारे नहीं लगने चाहिए। प्रमोद तिवारी ने कहा है कि मामला न्यायालय में लंबित है और मुझे यह आशंका है कि भाजपा ही तो इस नारी के पीछे नहीं है। ऐसे नारे लगवा कर भाजपा ही राजनैतिक लाभ लेने का काम करती आई है, उन्होंने कहा है कि नारे लगाने वालों और बीजेपी के बीच कोई रिश्ता तो नहीं है, इस मामले की भी जांच होनी चाहिए।

एवीबीपी ने नारों की निंदा की

एवीबीपी के छात्र गौतम ने इन नारों की निंदा करते हुए उन्हें राष्ट्रविरोधी बताया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एवीबीपी के वाइस प्रेसिडेंट मनीष ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए कहा, शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज होने के फैसले के बाद प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए, जो सही नहीं है। वे दिल्ली दंगों में शामिल लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

विरोध प्रदर्शन में लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और किसी के लिए व्यक्तिगत नहीं थे : अदिति मिश्रा

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल, छात्र 5 जनवरी, 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं, विरोध प्रदर्शन में लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और किसी के लिए व्यक्तिगत नहीं थे। मिश्रा ने बताया कि वह नारे किसी के खिलाफ नहीं थे।

कपिल मिश्रा व मंजिंदर सिंह सिरसा भी बिफरे

नारेबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा,जब सांपों के फन कुचले जा रहे हैं, तो सांप के बच्चे दर्द से छटपटा रहे हैं। नक्सलियों, आतंकवादियों और दंगाइयों के समर्थन में आपत्तिजनक नारे लगाने वाले लोग इसलिए निराश हैं क्योंकि नक्सलियों का सफाया किया जा रहा है, आतंकवादियों से निपटा जा रहा है, और अदालतों ने दंगाइयों की पहचान कर ली है। मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, यह पूरी तरह गलत है। पहले वे देशद्रोह के काम करते हैं, और फिर वे उनके समर्थन में ऐसे नारे लगाते हैं। ये लोग कांग्रेस और आप की मिलीभगत से ऐसे नारे लगाते हैं। संजय सिंह का बयान देखिए, एक तरफ वह कहते हैं कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, और दूसरी तरफ वह कहते हैं कि यह गलत था।

Related Articles

Back to top button