ओवैसी ने अजीत डोभाल पर साधा निशाना, बोले NSA इतिहास में ‘कमजोर’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने भारत के युवाओं से ‘इतिहास का बदला’ लेने को कहा था. साथ ही उन्होंने ने भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इतिहास में ‘कमजोर’ हैं. ओवैसी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नगर निगम चुनावों के प्रचार के आखिरी दिन जनसभा को संबोधित कर रहे थे. यहां पर नगर निगम चुनाव के लिए कल गुरुवार (15 जनवरी) को वोट डाले जाएंगे.
ओवैसी ने जनसभा को संबोधित करते हुए NSA डोभाल के इस दावे पर सवाल उठाया कि भारत ने दूसरे देशों पर हमला नहीं किया. उन्होंने कहा कि चोल वंश के राजाओं ने आज के “श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड” पर राज किया था. छत्रपति संभाजीनगर महाराष्ट्र के उन 29 शहरों और बड़े कस्बों में से एक है, जहां 15 जनवरी को नगर निगम चुनाव होने हैं.
NSA अजीत डोभाल ने क्या कहा था
नई दिल्ली में पिछले हफ्ते शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, अजीत डोभाल ने कहा था कि भारत को न सिर्फ अपनी सीमाओं पर, बल्कि आर्थिक रूप समेत हर तरह से खुद को मजबूत करना होगा, ताकि हमलों और गुलामी के दर्दनाक इतिहास का “बदला” लिया जा सके. इस दौरान डोभाल ने पूछा, “हम एक प्रगतिशील समाज हुआ करते थे. हमने दूसरी सभ्यताओं या उनके मंदिरों पर हमला नहीं किया, लेकिन हम सुरक्षा के मामले में खुद जागरूक नहीं थे, इसलिए इतिहास ने हमें एक सबक सिखाया. क्या हमने वह सबक सीखा?”
डोभाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि NSA इतिहास में “कमजोर” मालूम पड़ते हैं. AIMIM नेता ने कहा, “डोभाल कहते हैं कि भारत ने कभी दूसरे देशों पर हमला नहीं किया, लेकिन वह शायद इतिहास में अच्छे नहीं हैं. भारत के चोलों ने श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड पर राज किया था.”
गांधी के हत्यारे का धर्म क्या थाः ओवैसी
साथ ही ओवैसी ने “इतिहास का बदला” लेने वाले बयान पर भी NSA की आलोचना की. ओवैसी ने सवाल करते हुए पूछा, “अगर आज यह कहा जा रहा है कि ‘इतिहास का बदला लो’, तो महात्मा गांधी के हत्यारे का धर्म क्या था? अगर वे मुझे अतीत में हुई घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो कहानी बहुत पीछे तक जाएगी. फिर कौरवों के अत्याचारों का बदला कौन लेगा?”
साथ ही ओवैसी ने स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस के योगदान पर भी सवाल उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि संघ संस्थापक केबी हेडगेवार को खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने के लिए जेल भेजा गया था न कि अंग्रेजी हुकूमत का विरोध करने के लिए.
ओवैसी ने छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र में बांग्लादेशियों की मौजूदगी से इनकार किया और दावा किया कि अगर यहां कोई बांग्लादेशी प्रवासी मिलता है तो यह नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी को ही दर्शाएगा. ओवैसी ने यह भी कहा कि पुलिस, खुफिया विभाग और सीमा पर नियंत्रण होने के बावजूद वह (सरकार) बांग्लादेश सीमा पर 10 किलोमीटर की बाड़ भी पूरी नहीं कर सकी है.

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