देश के सैन्य स्वाभिमान से समझौता कर रहे हैं मोदी: जयराम रमेश
ऑपरेशन सिंदूर पर ट्रंप की मध्यस्थता के दावे पार करने वाले हैं सेंचुरी

कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर किया प्रहार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। विपक्ष ने भाजपा नीत एनडीए गठबंधन व पीएम परकरार वार किया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप के इन तथ्यहीन दावों पर चुप रहकर देश के सैन्य स्वाभिमान से समझौता कर रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वाकई अमेरिका ने भारत पर व्यापारिक दबाव बनाया था। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने के श्रेय लेने पर भारत में सियासत एक बार फिर गरमा गई है।
कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके अच्छे मित्र (डोनाल्ड ट्रंप) अब तक 70 बार यह दावा दोहरा चुके हैं कि उन्होंने ही पिछले साल दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष को समाप्त करवाया था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स’ पर पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कल से पहले यह गिनती 68 थी। मंगलवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप के बयान के बाद यह 70 हो गई है। प्रधानमंत्री के अच्छे मित्र, जिनसे कई बार जबरन गले मिला गया है, ने इतनी बार घोषणा की है कि वह 10 मई, 2025 को ऑपरेशन सिन्दूर के अचानक रुकने के लिए जिम्मेदार थे।

प्रधानमंत्री का अच्छे मित्र को जबरन गले लगाना नहीं आया पसंद
प्रधानमंत्री के अच्छे मित्र और जिनसे कई बार जबरन गले मिला गया है, ने इतनी बार (70)घोषणा की है कि वह 10 मई, 2025 को ऑपरेशन सिन्दूर के अचानक और अप्रत्याशित रूप से रोके जाने के लिए जिम्मेदार थे।’’ अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में कहा, ‘‘मैंने 10 महीनों में आठ युद्धों को समाप्त करवाया, ये कभी न ख़त्म होने वाले युद्ध थे। कंबोडिया और थाईलैंड वर्षों से लड़ रहे हैं, कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा।
प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछने वाला शहरी नक्सल
कांग्रेस सांसद और संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए भाजपा मुख्यालय में अपने संबोधन के दौरान शहरी नक्सल शब्द के प्रयोग पर स्पष्टीकरण मांगा। एक पोस्ट में जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या उनके विरोधियों को शहरी नक्सल कहा जाएगा। कांग्रेस नेता ने 2020 में राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस जवाब का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि मंत्रालय इस शब्द का प्रयोग नहीं करता है।
शहरी नक्सल पर स्पष्टीकरण दें पीएम
कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज शहरी नक्सल’ कहे जाने वाले खतरे की बात की। 11 मार्च 2020 को गृह राज्य मंत्री ने राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय शहरी नक्सल शब्द का प्रयोग नहीं करता है। 29 अप्रैल 2024 को स्वयं प्रधानमंत्री ने जाति जनगणना की मांग करने वालों और आर्थिक असमानताओं पर चिंता व्यक्त करने वालों को शहरी नक्सल मानसिकता से ग्रस्त बताया। क्या प्रधानमंत्री इस पर स्पष्टीकरण देंगे या उनका मानना है कि उनके विरोधी शहरी नक्सल हैं? 2020 में गृह मंत्रालय ने कहा था, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा शहरी नक्सली शब्द का प्रयोग नहीं किया जाता है। हालांकि, भारत सरकार की राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना में शहरी गतिविधियों सहित वामपंथी उग्रवाद के सभी रूपों का समाधान किया गया है।
धार भोजशाला में शांति व्यवस्था बनाए रखें: दिग्विजय सिंह
पूर्व सीएम ने की बसंत पंचमी पर नमाज का समय तय करने की मांग
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भोपाल/धार। धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी शुक्रवार यानि 23 जनवरी को पड़ रही है। यह संयोग पहले भी तीन बार 2006, 2013 और 2016 में बन चुका है और उन सभी मौकों पर क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे। ऐसे में इस बार पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है।
पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी। मैं प्रशासन व सरकार से ये कहना चाहूँगा कि एएसआई द्वारा 2003, 2013 व 2016 में पहले ही अपने दिए गए आदेश में यह सपष्ट कर चुका है कि जब भी कभी बसंत पंचमी का त्योहार और शुक्रवार की नमाज़ साथ में होती है तो बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से लेकर 1 तक और उसके बाद 3:30 बजे से सूर्यास्त तक की जाएगी और दोपहर 1 – 3 का समय शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए छोड़ा जाएगा। इस स्थिति में सरकार व प्रशासन की ये जि़म्मेदारी है,एएसआई द्वारा पारित किए गए आदेश की पूर्ण पालन किया जाए और धार में अमन शांति का पैग़ाम दिए जाने की पूरी कोशिश करते हुए सांप्रदायिक उन्माद व अफ़वाह फैलाने वालो पर सख्त कार्यवाही की जाए। मैं सभी हिन्दू मुसलमान भाइयों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की अपील करता हूँ। हमारा प्रदेश अमन का प्रतीक है और सरकार व प्रशासन की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि इस अमन को क़ानूनी रूप से स्थापित किया जाए।
अपर्णा यादव ने बंद किया कमेंट सेक्शन
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी की नेता अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया पर अपने सभी पोस्ट्स में कमेंट सेक्शन बंद कर दिया है। इससे पहले उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कमेंट सेक्शन पब्लिक था। माना जा रहा है कि अपर्णा की सोशल मीडिया टीम ने यह फैसला उनके पति प्रतीक यादव की तलाक वाली पोस्ट के बाद लिया है।
प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए पत्नी अपर्णा यादव को जल्द डाइवोर्स देने का ऐलान किया था। प्रतीक यादव ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होंने अपर्णा यादव को स्वार्थी और बुरी आत्मा बताते हुए कहा कि उनकी वजह से पारिवारिक रिश्ते खराब हो गए थे। पोस्ट में अपनी पत्नी की तस्वीर शेयर करते हुए प्रतीक यादव ने लिखा था कि वह इस महिला से जल्द से जल्द डाइवोर्स लेने जा रहे हैं। प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, मैं इस मतलबी औरत को जल्द से जल्द डाइवोर्स देने जा रहा हूं. उसने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए. वह बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार को भेजा कानूनी नोटिस
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
प्रयागराज। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तश्ेवरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपने वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर मेला प्रशासन से जुड़ा 19 जनवरी नोटिस 24 घंटे के भीतर वापस नहीं लिया गया, तो सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी नोटिस के मुताबिक, 19 जनवरी का नोटिस स्वामी अविमुक्तश्ेवरानंद की प्रतिष्ठा, सम्मान, गरिमा और उनके आर्थिक स्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि यह पत्र ऐसे विषय में दखल देता है, जो पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसे अदालत की गरिमा को चुनौती देने वाला कदम बताया गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय में पत्र वापस नहीं लिया गया, तो अवमानना न्यायालय अधिनियम 1971 और संविधान के अनुच्छेद 129 के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही शंकराचार्य परंपरा और स्वामी जी की छवि को ठेस पहुंचाने के आरोप में भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।इस पूरे मामले में अन्य तीन शंकराचार्यों की ओर से उठाए गए पुराने विवाद का भी जिक्र है। उनका कहना था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पट्टाभिषेक अभी पूरा नहीं हुआ था और इसे लेकर 12 अक्टूबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम आवेदन दायर किया गया था. इसमें मांग की गई थी कि अपीलों के निस्तारण तक किसी भी तरह का राज्याभिषेक या पदाभिषेक न कराया जाए।
हरियाणा दौरे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
उत्तराखंड-हरियाणा के कांग्रेस जिलाध्यक्षों को देंगेे सियासी गुर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बूधवार को हरियाणा पहुंच गए हंै। वे पंजाबी धर्मशाला में हरियाणा व उत्तराखंड के कांग्रेस जिलाध्यक्षों को सियासी पाठ पढ़ाएंगे। धर्मशाला में उत्तराखंड व हरियाणा जिलाध्यक्षों की 13 जनवरी से कार्यशाला जारी है, जिसमें अभी तक अनेक केंद्रीय नेता उन्हें गुर दे चुके हैं।
राहुल गांधी करीब पांच घंटे तक जिलाध्यक्षों के बीच रहेंगे। उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करेंगे तो वहीं उनके परिवारजनों से भी खुलकर चर्चा करेंगे। इससे पहले अंबाला के एयरफोर्स स्टेशन पर एक बार फिर से बुधवार को वीआईपी मूवमेंट दिखाई दी। बुधवार को संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने विमान से एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। सुबह 10:20 बजे उनका विमान एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचा था। राहुल गांधी के स्वागत के लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित प्रदेश के सभी कांग्रेस सांसद भी मौजूद रहे। राहुल गांधी ने पहुंचने पर एक-एक राजनेता से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा व सांसद वरुण मुलाना से भी कुछ मिनट बात की। इसके बाद राहुल गांधी अंबाला से वाहन के जरिए कुरुक्षेत्र के लिए निकल गएराहुल गांधी के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास चारों ओर बेरिकेडिंग की गई है तो पुलिस जवान भी तैनात कर दिए गए हैं। राहुल गांधी के साथ हरियाणा प्रदेशाध्यक्षा राव नरेंद्र सिंह, प्रदेश प्रभारी बी के हरिप्रसाद, उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला ही रहेंगे जबकि कुरुक्षेत्र जिला के विधायक अशोक अरोड़ा, रामकरण काला व मनदीप च_ा को भी कार्यक्रम स्थल पर एंट्री मिलने की उम्मीद है।



