गंभीर बीमारी से एक्ट्रेस का निधन, फ्लैट में मिली लाश!
बॉलीवुड की दुनिया में ना जाने ऐसी कितनी हसीनाएं रहीं, जिन्होंने अपनी एक्टिंग से तो लोगों का दिल जीता ही..वहीं, इनकी खूबसूरती भी मिसाल बन गई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बॉलीवुड की दुनिया में ना जाने ऐसी कितनी हसीनाएं रहीं, जिन्होंने अपनी एक्टिंग से तो लोगों का दिल जीता ही..वहीं, इनकी खूबसूरती भी मिसाल बन गई।
हां, वो बात अलग रही कि, जितनी ग्लैमरस इनकी रील लाइफ रही..उतनी इनकी निजी ज़िंदगी नहीं रही। आखिर, उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ में बेइंतहा दर्द जो झेले।
और, ऐसी ही एक्ट्रेस वो रहीं..जिन्होंने अपनी खूबसूरती और स्टाइल से सबको दीवाना बनाया। उनके चेहरे पर वो चमक थी, जो पर्दे पर हर कहानी को खास बना दिया करती थी। हां बस, अफसोस कि उनकी निजी ज़िंदगी उस तरह की नहीं रहीं। आखिर, कम उम्र में ही उन्हें एक ऐसी गंभीर बीमारी जो हो गई..जिसके चलते उन्हें जवानी में ही अपनी जान गंवानी पड़ी। दुःख की बात तो ये रही कि, आखिरी वक़्त में उनका साथ देने के लिए कोई मौजूद नहीं था। उनकी अंतिम समय में हालत ऐसी हो गई कि, मौत के बाद उनकी लाश तीन दिनों तक फ्लैट में ही सड़ती रही।
जिस एक्ट्रेस की बात हम 4pmbollywood की इस रिपोर्ट में कर रहे हैं..वो दिवंगत एक्ट्रेस परवीन बाबी हैं। जी हां, वही परवीन बाबी.. जो अपने समय से ज्यादा बोल्ड थीं। मॉडर्न कपड़े पहनकर खुलेआम सिगरेट पीने वालीं परवीन लोगों का ध्यान खींच लिया करती थीं। यही वजह रही कि, सिर्फ 18 साल की उम्र में परवीन को बड़े-बड़े मॉडलिंग प्रोजेक्ट मिलने लगे।
तो, परवीन को फिल्ममेकर बी.आर.इशारा की फिल्म ‘चरित्र’ से अपने करियर की शुरुआत करने का मौका मिला। लेकिन, परवीन की पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही, हालांकि उनकी खूबसूरती और एक्टिंग से इम्प्रेस होकर कई फिल्ममेकर उन्हें फिल्में ऑफर करने लगे। 1974 में रिलीज हुई फिल्म ‘मजबूर’ परवीन की दूसरी फिल्म थी, जिससे वो बॉलीवुड में पहचानी जानी लगीं। फिर, उन्होंने एक्टर अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दीवार’ में ‘बार डांसर’ बनकर खुद को इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल कर लिया।
लेकिन कहते हैं ना कि, एक शख्स जो जितनी तेजी से सक्सेस की सीढ़ी चढ़ता है..उतनी ही तेजी से गिरता भी है। ऐसा ही कुछ, परवीन के साथ भी हुआ।
आखिर, परवीन जिस समय अपने करियर के पीक पर थीं, तभी उन्हें ‘पैरानॉइड सिजोफ्रेनिया’ नाम की लाइलाज बीमारी हो गई थी। उन्होंने अपनी बीमारी दुनिया से एक राज रखना चाही, लेकिन समय के साथ उनके बदलते-बिगड़ते रवैये ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। आखिर, कभी परवीन बाबी कहती थीं कि अमिताभ बच्चन ने उन्हें किडनैप कर उनके गले में चिप लगा दी है, तो कभी वो पूर्व अमेरिकी प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन और प्रिंस चार्ल्स जैसी इंटरनेशनल हस्तियों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाती थीं। उनकी हालत को देखते हुए, परवीन बाबी को न्यूयॉर्क के पागलखाने में भी रखा गया था।
बीमारी के चलते परवीन इंडस्ट्री से दूर हो गईं और अकेलेपन में समय गुजारने लगीं। जब 2005 में फ्लैट में उनकी 3 दिनों से सड़ती हुई लाश मिली तो बॉलीवुड में हड़कंप मच गया था।
‘पैरानॉइड सिजोफ्रेनिया’ एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज को लगता है कि उसके आसपास के लोग उसे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं या ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं। ये एक ऐसी बीमारी है, जो सिर्फ कंट्रोल की जा सकती है, लेकिन इसका इलाज नहीं किया जा सकता।
वहीं, फिल्ममेकर महेश भट्ट जो एक्ट्रेस के साथ रिलेशनशिप में रहे थे..उन्होंने एक बार परवीन की बीमारी का जिक्र किया था।
तब, उन्होंने बताया था जब मैं उनके घर गया तो परवीन फिल्म कॉस्ट्यूम में पलंग और दीवार के बीच दुबकी बैठी थीं। वो कांप रही थीं और उनके हाथ में एक चाकू था। मैंने उनसे पूछा कि क्या कर रही हो? तो, उन्होंने धीमी आवाज में कहा, ‘श्शशश…बात मत करो’। इस कमरे में जासूसी करने वाले लोगों ने रिकॉर्डिंग डिवाइस लगा दी है। वे मुझे मारने की कोशिश कर रहे हैं। मुझ पर झूमर गिराने की कोशिश कर रहे हैं। मैं कुछ समझ नहीं पाया और कुछ देर में परवीन मेरा हाथ पकड़कर बाहर ले आईं। उनकी मां निराशा के साथ मुझे देख रही थीं। उनकी आंखें बता रही थीं कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है.
महेश भट्ट को उस समय उनके डॉक्टर ने सलाह दी थी कि जब तक परवीन की हालत नहीं सुधरती, उन्हें फिल्मी दुनिया से दूर रखा जाना चाहिए। महेश भट्ट ने डॉक्टर की बात मान भी ली और 1979 में वो खुद भी परवीन के साथ मुंबई छोड़कर बैंगलोर शिफ्ट हो गए। जब बैंगलोर जाने के बाद भी परवीन की हालत में सुधार नहीं आया, तो डॉक्टर्स ने महेश भट्ट को उनसे दूर रहने की सलाह दी।
महेश भट्ट ने वही किया और वो परवीन को छोड़कर मुंबई लौट आए। वो मुंबई में रहकर ही डॉक्टर से संपर्क कर परवीन की मदद करते रहे। एक दिन परवीन ने डॉक्टरों से कहा कि वो वापस मुंबई लौटकर फिल्मों में काम करना चाहती हैं, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया। बीमारी के दौरान एक बार तो परवीन न्यूड होकर महेश के पीछे दौड़ पड़ी थीं। इसके बाद, उनका रिश्ता हमेशा के लिए खत्म हो गया।
बात, परवीन बाबी की करें तो, वो एक ऐसी एक्ट्रेस रहीं…जिन्होंने अपनी खूबसूरती, बोल्डनेस और ग्लैमर से 70–80 के दशक का बॉलीवुड हिला दिया। परवीन बाबी का जन्म 4 अप्रैल 1949 को जूनागढ़, गुजरात में हुआ था। वो एक पठान मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता, वल्लभभाई बाबी, एक बड़े ज़मींदार थे, लेकिन परवीन जब सिर्फ 14 साल की थीं, तभी उनके पिता का देहांत हो गया। पिता की मौत ने परवीन को अंदर से तोड़ दिया। उनकी मां ने ही उन्हें पाला और पढ़ाया। परवीन पढ़ाई में भी काफी अच्छी थीं। उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, अहमदाबाद से पढ़ाई की और यहीं से उनकी मॉडलिंग की शुरुआत हुई।
साल 1969 में उन्होंने “Femina Miss India” का खिताब जीता। यहीं से उनकी ज़िंदगी ने करवट ली। ‘मिस इंडिया’ बनने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल मैगज़ीन और फैशन वर्ल्ड में पहचान बनाई। वो पहली इंडियन एक्ट्रेस बनीं, जिनकी तस्वीर Time Magazine के कवर पर छपी।
1970–80 का दशक परवीन बाबी का ‘गोल्डन पीरियड’ था। उनकी शानदार फिल्म्स में- ‘दीवार’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘काला पत्थर’, ‘नमक हलाल’, ‘शान’, ‘दो और दो पांच’ और ‘क्रांति’ शामिल रहीं। परवीन उस दौर की सबसे ज़्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस में शामिल थीं।
करियर के अलावा परवीन बाबी की लव लाइफ भी हमेशा सुर्खियों में रही। परवीन बाबी और डायरेक्टर महेश भट्ट का रिश्ता सबसे ज़्यादा चर्चित रहा। महेश भट्ट खुद मान चुके हैं कि परवीन उनकी ज़िंदगी का अहम हिस्सा थीं। लेकिन इसी रिश्ते के दौरान परवीन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी।
महेश के अलावा दिग्गज एक्टर कबीर बेदी के साथ भी उनका नाम जुड़ा, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय नहीं चला। कहा जाता है कि परवीन बाबी प्यार चाहती थीं, लेकिन उन्हें ज़िंदगी में यही नहीं मिल सका। अपनी ज़िंदगी के आखिरी सालों में तो वो बिलकुल अकेली, बीमार और लगभग गुमनाम हो गईं थीं।
गौरतलब है कि, परवीन बाबी की मौत 20 जनवरी 2005 को मुंबई में हुई। उनकी उम्र सिर्फ 55 साल थी। सबसे दुखद बात यह थी कि, उनकी लाश तीन दिन तक घर में पड़ी रही। किसी को इसकी खबर तक नहीं लगी। खबर तब लगी जब, परवीन बाबी के अपार्टमेंट के बाहर दूध के पैकेट और अखबार जमा हो रहे थे। वो आमतौर पर रोजाना अखबार और दूध समय पर उठा लिया करती थीं, लेकिन एक दिन पड़ोसियों ने गौर किया कि परवीन कई दिनों से घर से बाहर नहीं निकली हैं।
जब पड़ोसियों ने पास जाकर जानने की कोशिश की तो फ्लैट से सड़न की बू आ रही थी। वो दुर्गंध इतनी तेज थी कि कोई दरवाजे के पास सांस नहीं ले पा रहा था। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को खबर दी और जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो मंजर दिल दहला देने वाला था। परवीन बाबी की लाश बिस्तर पर पड़ी थी, लेकिन पहचानने लायक नहीं थी। कमरा पूरी तरह बेतरतीब था और बिस्तर के पास एक व्हीलचेयर पड़ी थी। परवीन बाबी की मौत उनकी लाश मिलने के 72 घंटे पहले ही हो चुकी थी, जिससे उनका शरीर सड़ चुका था।



