पीएम मोदी ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, तो सीएम ममता बनर्जी ने कर दी ये मांग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि वे निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति की मिसाल थे। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी इस मौके पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से अपील की कि नेताजी से जुड़े सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने श्रद्धांजलि संदेश में क्या लिखा?
एक्स पर साझा कई पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा , ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, हम उनके अदम्य साहस, संकल्प और राष्ट्र के प्रति अद्वितीय योगदान को याद करते हैं। वे निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति की मिसाल थे। उनके आदर्श एक मजबूत भारत बनाने के लिए पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बोस ने उन्हें हमेशा बहुत प्रेरित किया है, और नेताजी को सम्मानित करने के लिए उन्होंने 23 जनवरी, 2009 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में ई-ग्राम विश्वग्राम योजना शुरू की थी।
पीएम मोदी ने लिखा ‘यह गुजरात के आईटी परिदृश्य को बदलने के उद्देश्य से एक अग्रणी योजना थी। यह योजना हरिपुरा से शुरू की गई थी, जिसका नेताजी बोस के जीवन में एक विशेष स्थान था। मैं कभी नहीं भूलूंगा कि हरिपुरा के लोगों ने मेरा कैसे स्वागत किया और उसी सड़क पर जुलूस निकाला जिस पर नेताजी बोस चले थे।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2012 में, अहमदाबाद में आजाद हिंद फौज दिवस मनाने के लिए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बोस से प्रेरित लोग शामिल हुए थे, जिसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी ए संगमा भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि बोस के शानदार योगदान को याद करना उन लोगों के एजेंडे में फिट नहीं बैठता था जिन्होंने दशकों तक देश पर शासन किया। इसलिए, उन्हें भुलाने की कोशिश की गई। लेकिन हमारी मान्यताएं अलग हैं। हर संभव मौके पर, हमने उनके जीवन और आदर्शों को लोकप्रिय बनाया है।’
पीएम मोदी ने कहा कि उनसे संबंधित फाइलों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करना एक ऐतिहासिक कदम था। उन्होंने कहा कि 2018 दो कारणों से एक ऐतिहासिक साल था, लाल किले पर आजाद हिंद सरकार की स्थापना की 75वीं सालगिरह मनाना, और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में श्रीविजयपुरम (तब पोर्ट ब्लेयर) में बोस द्वारा तिरंगा फहराने की 75वीं सालगिरह मनाना।
प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘तीन प्रमुख द्वीपों का नाम भी बदला गया, जिसमें रॉस द्वीप भी शामिल है, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप बन गया।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘2021 में, मैंने कोलकाता में नेताजी भवन का दौरा किया, जहां से नेताजी ने अपनी महान यात्रा शुरू की थी।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि औपनिवेशिक मानसिकता को खत्म करने और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति सम्मान दिखाने के लिए उनकी सरकार के प्रयासों का एक शानदार उदाहरण राष्ट्रीय राजधानी के दिल में, इंडिया गेट के पास उनकी भव्य प्रतिमा लगाने का फैसला है। यह भव्य प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।
नेताजी की जयंती पर ममता बनर्जी ने की ये मांग
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शुक्रवार को सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और साथ ही केंद्र सरकार से नेताजी से जुड़े सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की अपील की। एक्स पर साझा एक पोस्ट में, बनर्जी ने इस बात पर भी दुख जताया कि दशकों बाद भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के गायब होने का रहस्य अनसुलझा है।
ममता बनर्जी ने एक्स पर लिखा, ‘देशनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर, मैं उन्हें दिल से सम्मान और सलाम करती हूं। यह हमारा सामूहिक दुर्भाग्य है कि नेताजी के गायब होने का रहस्य आज भी सुलझ नहीं पाया है। हमें नहीं पता कि 1945 के बाद उनके साथ क्या हुआ। यह सबके लिए बहुत दुख की बात है।’ बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने बोस से जुड़ी सभी राज्य फाइलों को बहुत पहले ही सार्वजनिक कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘मैं एक बार फिर भारत सरकार से नेताजी से जुड़ी सभी जानकारी को सार्वजनिक करने की अपील करती हूं।’

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