टी-20 वर्ल्ड कप: बांग्लादेश का भारत में खेलने से इनकार, स्कॉटलैंड को मिल सकता है मौका
क्रिकेट के मैदान से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने सिर्फ भारत के ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों को सन्न कर दिया है। क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने साफ तौर पर ऐलान कर दिया है कि वो भारत में होने वाले टी 20 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: क्रिकेट के मैदान से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने सिर्फ भारत के ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों को सन्न कर दिया है। क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने साफ तौर पर ऐलान कर दिया है कि वो भारत में होने वाले टी 20 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगा।
जिस टूर्नामेंट का इंतजार करोड़ों फैंस कर रहे थे, वहां से अब एक बड़ी टीम हटने की तैयारी में है। बांग्लादेश के पीछे हटने में एक गंदा खेल सामने आया है। आखिर क्यों नहीं बांग्लादेश खेल रहा है, क्या इसके पीछे पाकिस्तान का कोई गंदा खेल है? और अगर बांग्लादेश नहीं खेलेगा, तो उसकी जगह कौन सी टीम आएगी? कहानी शुरू होती है सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड बीसीबी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल आईसीसी के सामने एक अजीब मांग रखी थी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाड़ी भारत में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, इसलिए या तो उनके मैच किसी दूसरे देश में कराए जाएं या फिर उनके ग्रुप को ही बदल दिया जाए।
लेकिन आईसीसी ने बांग्लादेश की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। आईसीसी का कहना है कि भारत एक सुरक्षित देश है और यहां वर्ल्ड कप की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। वेन्यू और ग्रुप बदलना अब मुमकिन नहीं है। आईसीसी के इस सख्त रुख के बाद बांग्लादेश ने गुस्से में आकर टूर्नामेंट से हटने की धमकी दे दी है। दरअसल बांग्लादेश के पीछे हटने के पीछे एक गहरी साजिश है। क्योंकि पाकिस्तान लगातार भड़का रहा है। पाकिस्तान ने भी कई बार भारत आने से आनाकानी की थी। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान अब बांग्लादेश का इस्तेमाल करके भारत की मेजबानी को बदनाम करना चाहता है। पाकिस्तान चाहता है कि दुनिया को ये मैसेज जाए कि भारत में क्रिकेट खेलना सुरक्षित नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेशी बोर्ड और पाकिस्तानी बोर्ड के बीच कई गुप्त बैठकें हुई हैं। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश के कंधे पर बंदूक रखकर भारत पर निशाना साधा है। ये एक सोची-समझी साजिश है लेकिन अब इस मकड़जाल में खुद ही पाकिस्तान बुरी तरह से फंस गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पीसीबी ने टी 20 विश्व कप 2026 में बांग्लादेश की भारत में सुरक्षा चिंताओं के कारण मैच खेलने से इनकार करने के रुख का समर्थन किया है, और पीसीबी ने आईसीसी को पत्र लिखकर बांग्लादेश के पक्ष में अपनी बात रखी थी, जिससे भारत का विरोध करने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिली है और टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर विवाद बढ़ गया है, जिसमें पाकिस्तान ने अपने मैच श्रीलंका या बांग्लादेश में कराने की मांग की है। इसके चलते बांग्लादेश क्रिकेट बोड ने सुरक्षा कारणों से भारत में अपने मैच खेलने से इनकार किया है और उन्हें सह-मेज़बान श्रीलंका में स्थानांतरित करने की मांग की है।
बांग्लादेश के रुख का समर्थन करते हुए पीसीबी को लिखा है कि बांग्लादेश की मांग जायज है और उसे स्वीकार किया जाना चाहिए। इस कदम से भारत के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा बन गया है, क्योंकि पाकिस्तान भी एशिया कप के लिए भारत न जाने की बात कह रहा था, और अब टी 20 विश्व कप में बांग्लादेश का समर्थन कर रहा है। आईसीसी इस मामले पर आखिरी फैसला लेने के लिए बैठक कर रहा है, लेकिन पीसीबी के इंटरफेरयर ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। हलांकि अब जब आईसीसी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ कड़ा फैसला लेने की तैयारी में है तो पाकिस्तान क्रिकेेट बोर्ड बैकफुट पर आ गया है और टी 20 वर्ल्डकप 2026 के बहिष्कार से पीछे हटते हुए बांग्लादेश को फंसा दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि फाइनल बैठक के बाद बांग्लादेश की क्रिकेट टीम टी 20 वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएगी।
पिछले दिनों बांग्लादेश में हिंदुओं की लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में बीसीसीआई ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर कर दिया था। इसके लिए बीसीसीआई ने मीडिया के जानकारी दी थी लेकिन जैसे ही मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किया गया तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इसका विरोध किया। बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों ने मुद्दा बना दिया। यूनुस सरकार पर दबाव बढ़ा तो उसने अपने देश में आईपीएल प्रसारण पर बैन लगा दिया। इसके बाद भारत में वर्ल्ड कप ना खेलने की मांग की। मांग सुरक्षा चिंताओं पर के हवाले से आई थी। बांग्लादेश चाहता था कि उसके मैच को सह सहयोजक श्रीलंका में शिफ्ट कर दिया जाए, या फिर ग्रुप बदल दिया जाए लेकिन क्योंकि शेड्यूल बन चुका है और सारी तैयारियों पूरी हो चुकी हैं, ऐसे में आईसीसी ने अपना शेड्यूल नहीं बदला बल्कि बांग्लादेश को बता दिया कि ऐसा कुछ नहीं हो पाएगा।
बीसीबी के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा कि हम आईसीसी से एक बार फिर बात करेंगे और कहेंगे कि वे हमारी चिंताओं पर ध्यान दें। आईसीसी बोर्ड मीटिंग में कुछ फैसले चौंकाने वाले रहे। बांग्लादेश इस मसले पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा और आईसीसी के साथ बातचीत बंद नहीं करेंगे। एक दिन पहले 21 जनवरी को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भारत में वर्ल्ड कप खेलने पर फैसला करने के लिए एक दिन की मोहलत दी थी। लेकिन खबर है कि अब तक कोई परफेक्ट जवाब बीसीबी का नहीं आया है।
ऐसे में माना जा रहा है कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम का हटना तय है। हालांकि इससे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बहुत ही तगड़ा नुकसान होने वाला है। बांग्लादेश के इस फैसले से टीम को मिलने वाला 5 लाख अमेरिकन डॉलर का मिलने वाला पैकेज भी रद्द हो जाएगा। सिर्फ इतना ही नहीं, नियमों के मुताबिक अगर कोई टीम बिना किसी ठोस कारण के वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से नाम वापस लेती है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और भविष्य के टूर्नामेंट्स से बैन भी किया जा सकता है। बांग्लादेश के खिलाड़ियों के लिए ये किसी सदमे से कम नहीं होगा। उनकी रैंकिंग गिरेगी, स्पॉन्सरशिप खत्म हो जाएगी और बांग्लादेशी क्रिकेट सालों पीछे चला जाएगा। आखिर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने वाला ये फैसला बांग्लादेश क्यों ले रहा है?
हालांकि ऐस में एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर बांग्लादेश नहीं खेलता, तो क्या होगा? क्या वर्ल्ड कप में एक टीम कम हो जाएगी? तो जवाब है कि बिल्कुल नहीं! आईसीसी के पास हमेशा एक बैकअप प्लान तैयार रहता है। सूत्रों की मानें तो अगर बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर नाम वापस लेता है, तो उनकी जगह स्कॉटलैंड को मौका मिल सकता है। स्कॉटलैंड की टीम पिछले कुछ समय से शानदार प्रदर्शन कर रही है और वे वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में बाल-बाल चूक गए थे। ऐसे में स्कॉटलैंड के लिए ये किसी जैकपॉट से कम नहीं होगा। स्कॉटलैंड के फैंस तो अभी से सोशल मीडिया पर जश्न मनाने लगे हैं। बांग्लादेश का नुकसान, स्कॉटलैंड के लिए बड़ा वरदान साबित होने वाला है।
दूसरी ओर, भारतीय क्रिकेट बोर्ड और भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के इंतजाम अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। दुनिया की तमाम टीमें चाहे वो ऑस्ट्रेलिया हो, इंग्लैंड हो या साउथ अफ्रीका सब भारत आने को तैयार हैं। सिर्फ बांग्लादेश और पाकिस्तान को ही समस्या क्यों है? आईसीसी ने भी सख्त लहजे में कहा है कि टूर्नामेंट किसी एक टीम के लिए नहीं रुकेगा। क्रिकेट के इस महाकुंभ में 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं और अगर कोई एक टीम राजनीति की वजह से पीछे हटती है, तो ये उसका अपना नुकसान है। भारत में वर्ल्ड कप के लिए स्टेडियम सज चुके हैं, टिकटों की बुकिंग शुरू होने वाली है और फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर है।
क्या बांग्लादेश अपनी जिद पर अड़ा रहेगा या फिर नुकसान के डर से भारत आने को राजी हो जाएगा? क्या पाकिस्तान अपनी साजिश में कामयाब होगा? ये देखना बहुत दिलचस्प होगा। लेकिन एक बात तो साफ है कि क्रिकेट में राजनीति का आना खेल और खिलाड़ियों, दोनों के लिए बुरा है। बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने दिन-रात मेहनत की है इस बड़े मंच पर खेलने के लिए, और उनके बोर्ड का एक राजनीतिक फैसला उनके सपनों को चकनाचूर कर सकता है।



