तमिलनाडु विस चुनाव के लिए कांग्रेस-डीएमके ने कसी कमर

  • राहुल और कनिमोझी केबीच बैठक, बातचीत अभी जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और डीएमके ने अपनी कोशिश करनी शुरू कर दी है। इसी के मद्देनर राहुल गांधी और कनिमोझी के बीच बैठक हुई। हालांकि कांग्रेस की सरकार में हिस्सेदारी की मांग के कारण सीट-बंटवारे पर बातचीत में देरी हो रही है। बैठक की पहल डीएमके पार्टी ने अपने सहयोगी कांग्रेस से संपर्क साधने के प्रयास के तहत की थी, किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। दोनों नेताओं ने लगभग एक घंटे तक बैठक की, लेकिन किसी भी आंकड़े पर चर्चा नहीं हुई।
राहुल गांधी ने कनिमोझी से आग्रह किया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा गठित नेताओं की टीम से इस मामले पर चर्चा करें और इसे अंतिम रूप दें। कांग्रेस पार्टी के एक सूत्र के अनुसार, बैठक सौहार्दपूर्ण रही। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब तमिलनाडु में इस साल के पहले छह महीनों में चुनाव होने हैं, हालांकि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने अभी तक आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। इस बीच, 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में डीएमके ने 2021 के विधानसभा चुनावों में 133 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने 18, पीएमके ने 5, वीसीके ने 4 और अन्य ने 8 सीटें जीतीं।

झारखंड फॉर्मूले को तमिलनाडु में भी लागू करने की वकालत

राज्य में दो दशक पुराने गठबंधन के सहयोगी इस बार विधानसभा चुनावों में असहज महसूस कर रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस पार्टी का राज्य नेतृत्व सरकार में हिस्सेदारी की मांग कर रहा है, जो डीएमके ने कांग्रेस को नहीं दी है। जब कई नेताओं ने झारखंड फॉर्मूले को तमिलनाडु में भी लागू करने की वकालत की, तो एआईसीसी नेतृत्व ने सभी महत्वपूर्ण राज्य नेताओं की बैठक बुलाकर उनके विचार जाने। सभी नेताओं की बात सुनने के बाद अंतिम निर्णय लेने का अधिकार नेतृत्व को दिया गया।

डीएमके की प्रतिक्रिया का इंतजार : गिरीश चोडंकर

डीएमके के साथ गठबंधन पर तमिलनाडु एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडंकर ने बताया कि हम डीएमके की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि गठबंधन की बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है। हम पिछले दो महीनों से इसका इंतजार कर रहे हैं। हमारा विपक्ष बहुत आक्रामक तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने नवंबर में गठबंधन समिति का गठन किया था। हमने अनुरोध किया है कि 15 दिसंबर तक गठबंधन वार्ता पूरी कर ली जाए और गठबंधन पर मुहर लगा दी जाए। मुझे समझ नहीं आ रहा कि देरी क्यों हो रही है। हमें उम्मीद है कि वे जल्द ही गठबंधन वार्ता को पूरा कर लेंगे।

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