गुजरात में मताधिकार छीनने की साजिश? कांग्रेस ने EC को सौंपा ज्ञापन, फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप

गुजरात में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है... कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि फॉर्म नंबर 7...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देश के कई राज्यों में बीते कुछ महीनों से सरकार के निर्देश से चुनाव आयोग द्वारा SIR प्रक्रिया चलाई जा रही है.. जिसको लेकर तमाम तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं.. आम जनता इस प्रक्रिया से परेशान है.. तमाम लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं.. जिसको लेकर विपक्ष लगातार सरकार और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगा रहा है.. लेकिन चुनाव आयोग की तरफ से किसी भी तरह का कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है.. आपको बता दें कि SIR प्रक्रिया को लेकर तमाम तरह की खबरे सामने आ रही है.. जिसमें नोवेल पुरुस्कार विजेता से लेकर सेना मेडल प्राप्त करने वाले अधिकारियों तक का नाम काट दिया गया है..

SIR को लेकर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है.. लेकिन चुनाव आयोग पूरी तरह से चुप्पी सीधे हुए है.. वहीं अगर SIR प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है.. सारा काम पूरी इमानदारी के साथ किया जा रहा है.. तो चुनाव आयोग को आम जनका को जवाब देना चाहिए.. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है.. जिसको लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और सरकार पर सवाल उठा रहे हैं.. लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हो रहा है.. जिसको लेकर ऐसे कयास लगाए जा रहें है कि बीजेपी सरकार देश में पूरी तरह से लोकतंत्र पर कब्जा करना चाहती है.. वहीं अगर ऐसा नहीं है तो सरकार और चुनाव आयोग को जनता से सवालों का जवाब देना चाहिए.. और SIR प्रकिया में आ रही दिक्कतों का तुरंत समाधान करना चाहिए.. वहीं इन सब बवाल के बीच कांग्रेस में गुजरात की SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.. और गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी को ज्ञापन सौंपा हैं..

आपको बता दें कि गुजरात में चल रही विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया के दौरान फॉर्म नंबर 7 का कथित दुरुपयोग कर मतदाताओं के नाम हटाने की शिकायतों पर.. कांग्रेस पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है.. 29 जनवरी 2026 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक टीम ने गांधीनगर में गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी हरित शुक्ला से मुलाकात की… और एक ज्ञापन सौंपा… इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक विशेष राजनीतिक दल के कार्यकर्ता सुनियोजित तरीके से कुछ खास वर्गों.. और समुदायों को निशाना बनाकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश कर रहे हैं.. कांग्रेस ने मांग की है कि सभी फॉर्म 7 की सख्त जांच की जाए.. और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो.. वहीं इस घटना ने गुजरात की राजनीति में नया विवाद पैदा कर दिया है.. जहां विपक्षी दल भाजपा पर मतदाताओं के अधिकार छीनने का आरोप लगा रहे हैं..

आपको बता दें कि SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन.. चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है.. जो मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चलाई जाती है.. भारत के चुनाव आयोग ने 2025 के अंत में कई राज्यों में SIR शुरू किया था.. जिसमें गुजरात भी शामिल है.. इस प्रक्रिया का मकसद है.. कि मतदाता सूची से मृतक, स्थानांतरित या डुप्लिकेट नाम हटाए जाएं.. और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाए.. गुजरात में SIR की योग्यता तिथि 1 जनवरी 2026 रखी गई है.. प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी.. और ड्राफ्ट मतदाता सूची 19 दिसंबर 2025 को जारी की गई.. दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि पहले 18 जनवरी 2026 थी.. लेकिन बाद में इसे 30 जनवरी तक बढ़ा दिया गया.. इस दौरान फॉर्म 6 नाम जोड़ने के लिए.. फॉर्म 7 नाम हटाने या आपत्ति के लिए.. और फॉर्म 8 सुधार के लिए इस्तेमाल होते हैं..

आपको बता दें कि चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 22 जनवरी 2026 तक गुजरात में नाम जोड़ने के लिए 6.54 लाख फॉर्म 6 और 6A जमा हुए.. लेकिन नाम हटाने के लिए 12.59 लाख फॉर्म 7 जमा हुए, जो काफी ज्यादा है.. कुल मिलाकर गुजरात में 73.73 लाख नाम हटाए गए.. जिसमें से ज्यादातर स्थानांतरित या मृतक बताए गए.. लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि यह संख्या असामान्य है.. और इसमें साजिश है.. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा के कार्यकर्ता फर्जी फॉर्म 7 भरकर विरोधी मतदाताओं के नाम हटा रहे हैं.. राहुल गांधी ने 24 जनवरी 2026 को कहा कि SIR प्रक्रिया को गुजरात.. और अन्य राज्यों में “योजना बनाकर वोट चोरी” के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.. और उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं..

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने 29 जनवरी को गांधीनगर में मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपा.. इस टीम में गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित चावड़ा.. और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे.. ज्ञापन में कहा गया कि फॉर्म 7 का दुरुपयोग कर मताधिकार छीना जा रहा है.. विशेष रूप से कुछ समुदायों जैसे अल्पसंख्यक, दलित और आदिवासी वर्गों को निशाना बनाया जा रहा है.. इसके अलावा, पद्मश्री सम्मानित व्यक्तियों के नाम भी हटाने की कोशिश की जा रही है..

जो एक बड़ी साजिश का हिस्सा लगता है.. कांग्रेस ने प्रमाण दिए कि एक ही दिन में लाखों फॉर्म 7 जमा किए गए.. जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फॉर्म नहीं दिए गए.. AAP के गुजरात अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने भी 21 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 9 लाख से ज्यादा फॉर्म 7 फर्जी हैं.. कांग्रेस ने मांग की कि हर फॉर्म 7 की जांच इलेक्शन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) स्तर पर हो.. बिना सबूत के नाम न हटाए जाएं और दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो.. SIR प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाए..

वहीं मुख्य चुनाव अधिकारी हरित शुक्ला ने ज्ञापन लेते हुए आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों की जांच होगी.. चुनाव आयोग ने कहा कि SIR का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध करना है.. न कि किसी को निशाना बनाना.. लेकिन विपक्ष का कहना है कि आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है.. आयोग ने स्पष्ट किया कि दावे और आपत्तियां 30 जनवरी तक जमा की जा सकती हैं.. और अंतिम सूची 27 फरवरी 2026 को जारी होगी.. गुजरात में कुल मतदाताओं की संख्या 4.43 करोड़ है.. लेकिन SIR में 1.73 करोड़ मतदाताओं की जानकारी गलत पाई गई.. जो 40 प्रतिशत है.. यह संख्या पहले 66 लाख थी.. लेकिन अचानक बढ़ गई..

 

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