बापू एक व्यक्ति नहीं सोच हैं: राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन, बोले कांग्रेस सांसद- अहंकारी सत्ता ने इसे मिटाने की असफल कोशिश की

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया और कहा कि बापू एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सोच हैं जो कभी मिट नहीं सकती क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सोच को कभी अंग्रेजी साम्राज्य ने, कभी नफऱत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने एक्स पर पोस्ट किया, महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं -वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी नफऱत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की। मगर राष्ट्रपिता ने हमें आज़ादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताक़त से बड़ी सत्य की शक्ति होती है और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। राहुल गांधी ने कहा, बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने साझा किए वीडियो
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरदार वल्लभभाई पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बीच 1948 में हुए पत्राचार का उल्लेख करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, महात्मा गांधी की हत्या से दो दिन पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक पत्र लिखा था। कुछ महीनों बाद, 18 जुलाई 1948 को, सरदार पटेल ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पत्र लिखा। उन्होंने कहा, इन दोनों पत्रों में स्वयं को राष्ट्रवाद का स्वघोषित संरक्षक बताने वालों पर बेहद गंभीर आरोप हैं। यह सोचकर हैरानी होती है कि उसी विचारधारा से जुड़े एक लोकसभा सदस्य (अभिजीत गंगोपाध्याय), जिन्हें स्वयं प्रधानमंत्री का आशीर्वाद मिला है, ने यह कहा कि वह गांधी और गोडसे के बीच चयन नहीं कर सकते। उनकी यह मानसिकता बहुत कुछ स्पष्ट कर देती है। उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के राष्ट्र के नाम संबोधन से जुड़ा एक लिंक भी साझा किया। नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी, 1948 को नयी दिल्ली में एक प्रार्थना सभा के दौरान महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
राहुल पर बीटिंग रिट्रीट समारोह में शामिल न होने पर मचा बवाल
भाजपा का तंज- देश को आराम-प्रचार वाला नेता नहीं चाहिए
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी नई दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित बीटिंग रिट्रीट समारोह में शामिल न होने के कारण आलोचनाओं के घेरे में आ गए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जयवीर शेरगिल ने गांधी की इस बात पर तीखी टिप्पणी की कि उन्होंने बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ-साथ उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह, स्वतंत्रता दिवस समारोह और भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी भाग नहीं लिया।
शेरगिल ने एक्स पर लिखा कि राहुल गांधी द्वारा छोड़ी गई घटनाएं, बीटिंग रिट्रीट, उपराष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह, स्वतंत्रता दिवस समारोह, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का शपथ ग्रहण समारोह। उन्होंने मलेशिया, वियतनाम और कोलंबिया में भाग लिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को विपक्ष के नेता की जरूरत है, न कि आराम और प्रचार करने वाले नेता की। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं था, क्योंकि राहुल गांधी को इससे पहले इस साल की शुरुआत में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था, खबरों के अनुसार बैठने की व्यवस्था से असंतोष के कारण। इस बीच, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का समापन गुरुवार को विजय चौक पर पारंपरिक बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैन्य और अर्धसैनिक बैंडों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके कौशल और राष्ट्र के इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को सम्मान देने के तरीके की प्रशंसा की।
अजित पवार की मौत पर नहीं थी मची रार
संजय राउत ने उठाए सवाल- न रडार, न पर्याप्त स्टाफ था
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय संजय राउत ने एक बार फिर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत को लेकर तकनीकी लापरवाही की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इसी वजह से हमने उन्हें खो दिया। साथ ही रिपब्लिक डे परेड में विपक्ष के नेताओं को पीछे बिठाए जाने को लोकतंत्र और प्रोटोकॉल का अपमान बताया।
संजय राउत ने कहा कि अजित पवार की मौत को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसकी गंभीर तकनीकी जांच होनी चाहिए. उनका आरोप है कि जिस एयरपोर्ट पर हादसा हुआ, वहां जरूरी सुविधाओं का भारी अभाव था। संजय राउत ने सवाल उठाया कि वहां न तो एटीसी है, न रडार और न ही पर्याप्त स्टाफ, इसके बावजूद बड़े-बड़े वीआईपी विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ कराई जाती रही। उन्होंने कहा कि अजित पवार, शरद पवार और उद्योगपति गौतम अडानी जैसे लोग भी इसी एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते रहे हैं। सवाल यह है कि डीजीसीए क्या कर रहा था और इतनी बड़ी चूक पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
राउत ने बारामती एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बुनियादी तकनीकी सुविधाएं ही नहीं हैं। देश और महाराष्ट्र में कई हवाई पट्टियां बना दी गई हैं, लेकिन उनके संचालन के लिए न तो सिस्टम है और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम. ऐसे में हादसों की आशंका बनी रहती है और अजित पवार की मौत इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
विपक्ष के अपमान का लगाया आरोप
रिपब्लिक डे परेड को लेकर संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खडग़े जैसे वरिष्ठ नेताओं को पांचवीं कतार में बिठाया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उनके मुताबिक, प्रोटोकॉल के अनुसार दोनों नेता प्रतिपक्ष को सम्मान के साथ आगे बैठाया जाना चाहिए था। राउत ने कहा कि पहली-दूसरी कतार में ऐसे लोग बैठे थे जिनका प्रोटोकॉल से कोई लेना-देना नहीं था, जबकि विपक्ष के नेता पीछे थे. यह लोकतंत्र के लिए विदारक दृश्य था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें विपक्ष को कमजोर करने के लिए हर स्तर पर नियम-कानून बदलने की कोशिश कर रही हैं, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
देश में सामने आए निपाह वायरस के दो मामले
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारत में निपाह वायरस के दो मामले सामने आए हैं। इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार, 30 जनवरी को कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, भारत में निपाह वायरस फैलने का खतरा कम है।
ग्लोबल हेल्थ एजेंसी ने अपनी वेबसाइट पर शेयर किए एक अपडेट में कहा, भारत में इंसानों के बीच संक्रमण बढऩे का कोई सबूत नहीं है, जिससे राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक जोखिम कम बना हुआ है। पश्चिम बंगाल के ये दोनों मामले उत्तर 24 परगना जिले में सामने आए थे। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि ये मामले इसी जिले तक सीमित हैं और जब मरीजों में लक्षण दिख रहे थे, तब उनके यात्रा करने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
बीएसएफ की बाड़बंदी पर बंगाल में उठे सवाल
टीएमसी नेता कु णाल घोष ने पूछा-फेंसिंग के बाद भी घुसपैठ क्यों नहीं रुकी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता कुणाल घोष ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस निर्देश पर प्रतिक्रिया दी जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन सौंपने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही बीएसएफ को जमीन सौंप चुकी है और बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र सीमा रेखा से 15 किलोमीटर से बढक़र 50 किलोमीटर हो गया है।
घोष ने बीएसएफ पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिन इलाकों में बाड़ लगाई गई है, वहां से भी लोग सीमा पार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से एक तरफ कुछ हेराफेरी हो रही है। घोष ने पत्रकारों से कहा कि मैं उच्च न्यायालय के आदेश पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। बीएसएफ ने राज्य सरकार द्वारा सौंपी गई भूमि पर पहले ही बाड़ लगा दी है। उन्होंने सीमा रेखा से बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी कर दिया है। जिस भूमि पर बाड़ लगी है, उस पर अभी तक बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं हुआ है। एक और मुद्दा यह है कि जहां बीएसएफ ने बाड़ लगा दी है, वहां से लोग अभी भी सीमा पार क्यों कर रहे हैं? यह राज्य पुलिस का मामला नहीं है; यह बीएसएफ की जिम्मेदारी है। इसलिए मैं उच्च न्यायालय के आदेश पर टिप्पणी नहीं कर सकता। लेकिन बीएसएफ का रवैया भ्रामक है। राजनीतिक कारणों से एक पक्ष में कुछ हेराफेरी हो रही है। इससे पहले, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा (आईबीबी) पर बाड़ न लगने के मुद्दे का संज्ञान लिया था और राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह जल्द से जल्द सीमा पर बाड़ लगवाए। इस मामले की अगली सुनवाई 14 फरवरी, 2026 को होगी।
योगी सरकार पर फिर बरसे शंकराचार्य
बोले अविमुक्तेश्वरानंद- गाय का मांस बेचकर राम राज्य की स्थापना नहीं
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। प्रयागराज माघ मेले में प्रशासन से हुए विवाद को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा।
इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमसे शंकराचार्य होने का सबूत मांगा गया, कहा गया कि 24 घंटे के अंदर बताएं। फिर कहा गया कि क्यों न मेले में प्रवेश से ही वंचित कर दिया जाए? हमने उन्हें जवाब दे दिया है 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा था और हमारे दिए गए जवाब को अब तक उन्होंने नहीं काटा है इसका मतलब उन्हें हमारी बात सही लगी। इसके साथ ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अब अपने प्रमाण मांग लिया था अब आपको प्रमाण देना होगा, आपको हिंदू होने का प्रमाण देना होगा. उन्होंने कहा कि केवल भाषण से नहीं भगवा से नहीं दिखाई देता है हिंदुत्व, आपने गौ सेवा के लिए क्या किया है जो हिंदुत्व के लिए पहली सीढ़ी है. हिंदू होने की पहली शर्त है गोत्र गौ रक्षक होना उसके बाद हर सीढ़ी, और इसीलिए हम आपसे हिंदू होने का प्रमाण मांग रहे हैं. हम आपको 40 दिन का समय दे रहे हैं, आप हिंदू और गौ भक्त हिंदू होने का प्रमाण दीजिए. अगर नहीं दे पाते हैं तो समझ जाएगा कि आप नकली हिंदू हैं, छद्म हिंदू हैं, कालनेमि है ढोंगी हैं। वहीं शंकराचार्य ने कहा कि गाय का मांस बेचकर आप डॉलर से राम राज्य की स्थापना करेंगे। आपने गौ माता के मांस को भैंस का मांस बताकर बचाव किया।
40 दिन में गौ माता को राज्य माता की दर्जा देने की मांग
अगर 40 दिन में आप गौ माता को राज्य माता नहीं घोषित कर पाए तो आपको छद्म हिंदू घोषित किया जाएगा। प्रयागराज में पुन: स्नान के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा अब वह बात पीछे छूट गई है अब बात असली हिंदू नकली हिंदू की है। अधिकारियों की तरफ से यह बात आई थी लेकिन उसके लिए वह आगे आए नहीं और हमें बहुत बात कहना चाह रहे थे लेकिन हमने स्वीकार नहीं किया।



