EC पर उठे सवाल! SIR प्रक्रिया पर संदेह, AAP का BJP पर गंभीर आरोप
गुजरात में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है... आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि नोटिस के नाम पर लोगों...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में मतदाता सूची की विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया को लेकर.. पिछले कुछ दिनों से बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है.. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि.. फॉर्म 7 का दुरुपयोग करके विपक्षी मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं.. लोगों से नोटिस के नाम पर दस्तावेज मांगे जा रहे हैं.. जिससे एसआईआर प्रक्रिया और बूथ लेवल ऑफिसर पर संदेह पैदा हो रहा है.. विपक्ष का कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग भाजपा के प्रभाव में काम कर रहा है.. इसलिए इसे भाजपा आयोग कहा जा सकता है.. वहीं इस खबर में हम जानेंगे.. लेकिन क्या ये आरोप पूरी तरह सही हैं.. क्या चुनाव आयोग सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रहा है..
आपको बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग हर साल मतदाता सूची को अपडेट करता है.. ताकि कोई योग्य मतदाता छूट न जाए.. और कोई अयोग्य नाम न रहे.. विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) एक विशेष अभियान है.. जहां घर-घर जाकर मतदाताओं की जांच की जाती है.. गुजरात समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी.. बीएलओ घर-घर जाकर जानकारी लेते हैं.. प्रारंभिक मतदाता सूची 9 दिसंबर 2025 को जारी हुई.. दावे और आपत्तियां 8 जनवरी 2026 तक ली गईं.. अंतिम सूची 7 फरवरी 2026 को आएगी.. जिसको लेकर आयोग का कहना है कि यह मतदाता सूची को साफ.. और सटीक बनाने के लिए है.. ताकि चुनाव निष्पक्ष हों..
बता दें कि फॉर्म 7 मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होता है.. अगर कोई मतदाता मर गया हो.. दूसरे जगह चला गया हो या दो बार नाम दर्ज हो.. तो कोई भी व्यक्ति आपत्ति दर्ज करा सकता है.. लेकिन नियम कहते हैं कि आपत्ति सही आधार पर होनी चाहिए.. और दस्तावेज दिए जाने चाहिए.. चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल न हो.. बीएलओ को आपत्तियों की जांच करनी होती है.. और मतदाता को सुनवाई का मौका देना होता है.. अगर आपत्ति सही नहीं तो नाम नहीं हटाया जा सकता है..
वहीं अब पिछले दो दिनों (29-30 जनवरी 2026) में विपक्ष ने आरोप लगाए हैं कि भाजपा कार्यकर्ता फॉर्म 7 का दुरुपयोग कर रहे हैं.. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 29 जनवरी को चुनाव आयोग को पत्र लिखा.. और उन्होंने कहा कि भाजपा ने गुजरात समेत कई राज्यों में लाखों फॉर्म 7 भरे हैं.. ये फॉर्म एक ही फॉर्मेट में हैं.. हस्ताक्षर अस्पष्ट हैं.. और मोबाइल नंबर गलत हैं.. कई आपत्तिकर्ता भाजपा के बूथ लेवल एजेंट हैं.. या अजनबी, जो कहते हैं कि उन्होंने फॉर्म नहीं भरा..
आपको बता दें कि आप के गुजरात अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने 21 जनवरी को अहमदाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की.. उन्होंने कहा कि एसआईआर में 9 लाख से ज्यादा नाम हटाने की अर्जियां दी गई हैं.. घर-घर जांच के बावजूद नाम हटाए जा रहे हैं.. कांग्रेस के अमित चावड़ा ने कहा कि 10 लाख फर्जी फॉर्म 7 दिए गए हैं.. राहुल गांधी ने 24 जनवरी को कहा कि गुजरात में एसआईआर का इस्तेमाल वोट चोरी के लिए हो रहा है..



