पिता सांसद, खुद नामी पत्रकार… फिर अमेरिका में क्यों इतने दुखी हैं शशि थरूर के बेटे?

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर पर संकट आ गया है. ईशान को अमेरिका के नामी मीडिया संस्थान वाशिंगटन पोस्ट ने नौकरी से निकाल दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद इसकी जानकारी दी. सिर्फ ईशान ही बेरोजगार नहीं हुए हैं, उनके साथ 300 और लोगों को भी नौकरी से निकाला गया है. ईशान ने कहा कि वह बहुत दुखी और दिल टूटा हुआ महसूस कर रहे हैं, खासकर उन पत्रकारों के लिए जिन्होंने ग्लोबल न्यूज को कवर किया और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कहानियों को रिपोर्ट करने के लिए कड़ी मेहनत की.
ईशान थरूर ने एक्स पर लिखा, आज मुझे वाशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है, साथ ही ज्यादा इंटरनेशनल स्टाफ और मेरे कई दूसरे शानदार साथियों को भी. मैं अपने न्यूजरूम के लिए और खासकर उन बेहतरीन पत्रकारों के लिए बहुत दुखी हूं जिन्होंने पोस्ट के लिए इंटरनेशनल लेवल पर काम किया. वे एडिटर और कॉरेस्पोंडेंट जो लगभग 12 सालों से मेरे दोस्त और सहयोगी रहे हैं, उनके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है.
उन्होंने आगे लिखा कि मैंने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू कॉलम शुरू किया था ताकि पाठकों को दुनिया और उसमें अमेरिका की जगह को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सके और मैं उन पांच लाख लॉयल सब्सक्राइबर का आभारी हूं जिन्होंने इन सालों में हर हफ़्ते कई बार इस कॉलम को देखा.
300 लोगों को नौकरी से निकाला गया
4 फरवरी को वाशिंगटन पोस्ट में 300 से ज़्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया. इसे अखबार में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी बताया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, कई ग्लोबल न्यूजरूम फाइनेंशियल दबाव और लोगों के न्यूज पढ़ने के तरीके में बदलाव के कारण अपने स्टाफ की संख्या कम कर रहे हैं.
द पोस्ट गिल्ड इन कर्मचारियों की छंटनी का कड़ा विरोध कर रहा है. पिछले तीन सालों में अखबार के वर्कफोर्स में लगभग 400 लोगों की कमी आई है. गिल्ड ने कहा कि इन जॉब कट से यह ऐतिहासिक संस्थान और कमजोर होगा, पाठक दूर चले जाएंगे और द पोस्ट के मिशन को नुकसान होगा.
बड़े पैमाने पर छंटनी से स्पोर्ट्स, बुक्स, कॉपी एडिटिंग, मेट्रो और इंटरनेशनल कवरेज समेत कई डिपार्टमेंट्स पर असर पड़ेगा. दुनिया भर में ब्यूरो चीफ्स ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनकी नौकरी चली गई है. अखबार के नई दिल्ली ब्यूरो चीफ प्रांशु वर्मा ने सोशल मीडिया पर कहा, यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मुझे द वाशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है. मेरे इतने सारे टैलेंटेड दोस्त भी चले गए हैं, यह जानकर बहुत बुरा लग रहा है.
वाशिंगटन पोस्ट के मालिक ने क्या कहा?
वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक जेफ बेजोस पब्लिकेशन के प्रति कमिटेड हैं. यह बात उसके टॉप एडिटर ने एक इंटरव्यू में बताई. एग्जीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने कहा, वह चाहते हैं कि पोस्ट एक बड़ा, प्रासंगिक और कामयाब संस्थान बने. हालांकि, पोस्ट के कई पत्रकारों को इस पर शक है. उनका कहना है कि संस्थान छंटनी करके ग्रोथ हासिल नहीं कर सकता.
जेफ बेजोस की एक और कंपनी अमेजन ने भी हाल में कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था. उसने कुछ दिन पहले ही 16 हजार लोगों की छुट्टी की. यह छह महीने से भी कम समय में कंपनी की दूसरी सबसे बड़ी छंटनी है, जबकि सीनियर लीडर्स ने बचे हुए कर्मचारियों से कहा है कि वे टेक्नोलॉजी पर ज़्यादा भरोसा करें और इस बदलाव के दौरान एक-दूसरे का साथ दें.
ईशान थरूर को जानिए
ईशान का जन्म 1984 में सिंगापुर में हुआ था. उन्होंने अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. उन्होंने 2006 में टाइम मैगजीन से अपने जर्नलिज्म करियर की शुरुआत की, जिसके बाद वह न्यूयॉर्क सिटी एरिया के लिए सीनियर एडिटर बन गए. 2014 में वह द वाशिंगटन पोस्ट से जुड़ गए.
ईशान ने 2018 से जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में एडजंक्ट इंस्ट्रक्टर के तौर पर एकेडमिक क्षेत्र में भी योगदान दिया. उन्होंने यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस में ‘ग्लोबल अफेयर्स इन द डिजिटल एज’ पढ़ाया. उनके वाशिंगटन पोस्ट पेज के अनुसार, 2021 में उन्होंने कमेंट्री में आर्थर रॉस मीडिया अवार्ड जीता, यह पुरस्कार अमेरिकन एकेडमी ऑफ डिप्लोमेसी द्वारा दिया जाता है.



