लगातार छठी बार विश्वकप के फाइनल में पहुंचा भारत

  • अंडर-19 विश्व कप: सेमीफाइनल में अफगान को सात विकेट से हराया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
हरारे। भारत ने अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर अंडर-19 विश्वकप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 310 रन बनाए। जवाब में भारत के लिए आरोन ने शतक लगाया, जबकि वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने अर्धशतक लगाए जिससे टीम ने 41.1 ओवर में तीन विकेट पर 311 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। भारत ने इस तरह अंडर-19 विश्वकप का सबसे बड़ा रन चेज किया। इससे पहले ये रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम था जिन्होंने 2006 में आयरलैंड के खिलाफ 305 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।
भारत ने इस तरह 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा और शान से खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। भारत विश्वकप के 16 सत्र में से 10 बार खिताबी मुकाबले में पहुंच चुका है जो सर्वाधिक है। भारत ने लगातार छठी बार फाइनल में जगह बनाई। टीम 2016, 2018, 2020, 2022, 2024 और 2026 में खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। भारत ने रिकॉर्ड पांच बार इस टूर्नामेंट को जीता है और अब उसके पास छठी ट्रॉफी जीतने का मौका है। भारत का फाइनल में सामना इंग्लैंड से शुक्रवार को होगा। लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव और आरोन ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई। वैभव के आउट होने के बाद आरोन और कप्तान म्हात्रे के बीच दूसरे विकेट के लिए 114 रनों की साझेदारी हुई। इसके बाद विहान मल्होत्रा और वेदांत त्रिवेदी ने जीत की औपचारिकता को पूरा किया। इससे पहले, अफगानिस्तान की ओर से दो बल्लेबाजों ने शतक जड़े। इसके अलावा उस्मान सदत ने 39 रन और खालिद अहमदजई ने 31 रन की पारी खेली।

खिताबी सूखा खत्म करने उतरेगा दिल्ली कैपिटल्स

वडोदरा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और दिल्ली कैपिटल्स के बीच गुरुवार को महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 सीजन का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। स्मृति मंधाना की अगुआई वाली आरसीबी ने 2024 में इस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम जीता था, जबकि लगातार चार बार फाइनल में पहुंचने वाली दिल्ली को अपने पहले खिताब की तलाश है। दिल्ली को लगातार तीन बार फाइनल मैच में हार मिली है। पूर्व चैंपियन आरसीबी ने इस सत्र में शानदार प्रदर्शन किया है और मुश्किल परिस्थितियों में वापसी करने की अपनी क्षमता भी साबित की है। इसी जुझारूपन की बदौलत उसने लगातार पांच जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करते हुए इतिहास रचा। वह डब्ल्यूपीएल में ऐसा करने वाली पहली टीम बन गई। इस सत्र में आरसीबी की किसी न किसी खिलाड़ी ने जरूरत के समय अच्छा प्रदर्शन किया है जिससे उसे हराना किसी भी टीम के लिए चुनौती बन गई है। स्मृति मंधाना की अगुआई वाली आरसीबी दूसरा खिताब जीतकर मुंबई इंडियंस की बराबरी करना चाहेगी।

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